Submit CV Get Job initiative-बिहार में शिक्षक-स्नातक चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने बड़ा दांव चला है। जन सुराज प्रमुख की ओर से 10 हजार युवाओं को प्राइवेट जॉब देने का वादा किया है, जिससे स्नातक वोटरों में नई उम्मीद जगी है।

क्या कहा कि जनता खुश है
अभी बिहार की सबसे बड़ी समस्या रोजगार को लेकर है। राज्य में पढ़े लिखे युवाओं की संख्या काफी है। इनमें बेरोजगारों की संख्या कम नहीं है। इनमें से एक बड़ी संख्या है जो अपनी योग्यता के अनुकूल नौकरी नहीं पाए हैं। इन लोगों की उम्मीद को प्रशांत किशोर ने जगा दिया। उन्होंने बांकीपुर के अभिभावकों से आग्रह किया कि अगर आपके बच्चे पढ़-लिखकर बेरोजगार बैठे हैं, तो उनके बायोडेटा या सीवी आप मेरे कार्यालय भेंजें। हम वादा करते हैं कि कम से कम 10,000 युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने की कोशिश करेंगे। सरकारी नौकरी का वादा वो नहीं कर सकते, लेकिन अपने संपर्कों और नेटवर्क का इस्तेमाल कर आने वाले चार साल में जरूर करेंगे।
स्नातक क्षेत्र में क्यों किया टारगेट?
बिहार में शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के रिक्त हुए आठ सीटों पर चुनाव होने है। स्नातक क्षेत्र के वोटर में एक बड़ी संख्या बेरोजगार युवकों की होती है। और अभी कोसी, दरभंगा, पटना और तिरहुत स्नातक क्षेत्र में चुनाव होने हैं। फिलहाल इन चार में से किसी भी सीट पर जनसुराज की कभी जीत नहीं हुई है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल वोटरों की संख्या 4,84,943 वोटर हैं। इनमें तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र1.35 लाख वोटर, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र 1.34 लाख वोटर, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 88.11 हजार वोटर और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र 1. 27 लाख वोटर हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में है खुशी
राज्य में पटना, कोसी, दरभंगा और तिरहुत स्नातक क्षेत्र में चुनाव होने हैं। फिलहाल पटना स्नातक क्षेत्र पर जनता दल यू के नीरज कुमार ,कोसी स्नातक से भाजपा और डॉ. एनके यादव का कब्जा है।तिरहुत स्नातक क्षेत्र के निर्दलीय उम्मीदवार वंशीधर ब्रजवासी और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भी निर्दलीय सर्वेश कुमार ने गत चुनाव में जीत हासिल की थी। इन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवा वोटरों में काफी उत्साह है। स्नातक या उस से ज्यादा शिक्षा हासिल किए युवाओं में प्रशांत किशोर की उस घोषणा से काफी उत्साह है जिसमें उन्होंने कहा कि आप सी बी लाओ नौकरी पाओ। प्रशांत किशोर ने यह नौकरी निजी क्षेत्रों के लिए की है। अब चुकी प्रशांत किशोर केवल चुनावी रणनीतिकार ही केवल नहीं हैं वो विभिन्न कंपनियों के लिए भी काम कर चुके हैं। ऐसे में विश्वास की दुनिया कायम है।
