Delhi:सीलिंग, तोड़फोड़ और नोटिसों की कार्रवाई तेज, 42 संपत्तियां सील, 26 पर चला प्रशासन का बुलडोजर – Crackdown Involving Sealing Demolition And Notices Intensifies 42 Properties Sealed 26 Faced Bulldozer In Del


राजधानी में अवैध निर्माण, भवन उपविधियों के उल्लंघन और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। एमसीडी और जिला प्रशासन की कार्रवाई में एक ही दिन में 26 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और 42 संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 41 संपत्तियों को नोटिस और नौ संपत्तियों को ध्वस्तीकरण करने के आदेश दिए।

दिल्ली सरकार व एमसीडी के अनुसार सोमवार को अनधिकृत निर्माण से जुड़े मामलों में 22 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए, जबकि सीलिंग से संबंधित 19 कारण बताओ नोटिस दिए गए। इसके अलावा नौ ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए। निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के विभिन्न जिलों में 86 स्थलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई होटलों, गेस्ट हाउसों, बैंक्वेट हॉलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं। सबसे अधिक 24 परिसरों का निरीक्षण पश्चिमी जिले में किया गया, जबकि दक्षिण जिले में 20, दक्षिण-पश्चिम जिले में 11 और मध्य जिले में 10 स्थलों की जांच हुई। कई स्थानों पर शो-कॉज नोटिस जारी किए गए और कुछ मामलों को भवन उपविधियों के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

करोल बाग क्षेत्र में कई होटलों में अग्निशमन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़ी गंभीर कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन निकास योजना का अभाव, फायर अलार्म और फायर हाइड्रेंट सिस्टम का काम न करना, बिना लाइसेंस लिफ्ट का उपयोग और आपदा प्रबंधन योजना न होने जैसी खामियां सामने आईं। इन मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। पटेल नगर क्षेत्र में बैंक्वेट हॉल और कॉमर्शियल भवनों के निरीक्षण के दौरान अग्निशामक यंत्रों की कमी, फायर सेफ्टी संकेतकों का अभाव, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण न होना और फायर विभाग से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने जैसी कमियां पाई गईं। इन सभी मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

दक्षिण-पश्चिम जिले में कई होटल और गेस्ट हाउसों को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस दिए गए। वहीं झटीकरा गांव में अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। उत्तर जिले में कई होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी, पूर्णता प्रमाणपत्र और व्यापार लाइसेंस नहीं पाए गए। इन मामलों में नोटिस जारी किए गए, जबकि आजादपुर मंडी क्षेत्र में एक अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। नई दिल्ली और दिल्ली कैंट क्षेत्र में भी फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र, ट्रेड लाइसेंस और स्वीकृत भवन योजना के अभाव में कार्रवाई की गई। एक प्रतिष्ठान को सील किया गया और दूसरे को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया।


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