जितनी ज्यादा सर्विस, उतना ज्यादा पेंशन
आपकी पात्र सेवा अवधि जितनी लंबी होगी, रिटायरमेंट के बाद आपको मिलने वाली पेंशन राशि उतनी ही अधिक होगी. जब भी आप अपना EPF निकालेंगे तो आपको सिर्फ सेविंग अमाउंट ही मिलेगा. आपका ईपीएफ सर्विस रिकॉर्ड ऑटोमैटिक नियोक्ता के अकाउंट में ट्रांसफर नहीं होता है.