भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा खास था, क्योंकि श्रेयस अय्यर एंड टीम आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से सीरीज हारकर आई थी. हर मुकाबले से पहले उम्मीद थी कि आज जीत मिलेगी, लेकिन मेजबान एकतरफा मुकाबले जीत रही थी. ऐसा लगा ही नहीं कि इसी टीम ने कुछ महीनों पहले टी20 वर्ल्ड कप जीता हो. जीतना तो दूर, टीम लड़ती हुई भी नजर नहीं आई. हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर सवाल उठे, लगभग हर मैच में बदलाव किए गए लेकिन सारी प्लानिंग फेल. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस हार का सबसे बड़ा दोषी कौन है? कप्तान, कोच या पूरी टीम? यही जवाब BCCI भी ढूंढ रही है और इसलिए ही रिव्यू मीटिंग होने वाली है.
निशाने पर गौतम गंभीर
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में कई ऐसे शर्मनाक रिकॉर्ड बने हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ. उस लिस्ट में ये सीरीज हार भी जुड़ गई. इससे पहले कभी नहीं हुआ था कि 3 से अधिक मैचों की सीरीज में भारतीय टीम एक भी मैच न जीती हो. आयरलैंड दौरा भी ऐसा ही था, उससे पहले टीम इंडिया आयरलैंड से किसी भी फॉर्मेट में एक भी मैच नहीं हारी थी. एक मैच समझ आता है कि दिन खराब हो सकता है, लेकिन लगातार 6 हार के बाद कोच पर सवाल तो उठेंगे ही.
वैभव सूर्यवंशी के हाइप, उनके डेब्यू को भी हेड कोच गौतम गंभीर सही से संभाल नहीं पाए. सभी दिग्गजों का कहना था कि वैभव को डेब्यू करवाना चाहिए, लेकिन इंग्लैंड में नहीं. उनका डेब्यू आयरलैंड में हो जाना चाहिए था. उनके आने पर बाहर भी किसे किया गया, उस खिलाड़ी को जिसने आपको वर्ल्ड कप जिताया. संजू सैमसन को बाहर करना किसी को भी समझ नहीं आया, हालांकि गंभीर के सामने भी समस्या था कि ईशान किशन नंबर-1 टी20 बल्लेबाज हैं और अभिषेक नंबर-2.
अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर के रूप में स्पिनर खास नहीं कर पाए, शिवम दुबे भी फ्लॉप रहे. सिर्फ टॉप आर्डर नहीं बल्कि पूरी बैटिंग लाइनअप ध्वस्त हो गई. जब पहले बल्लेबाजी कर रहे थे तो रन नहीं बना पा रहे थे, जब पहले गेंदबाजी कर रहे थे तो रनों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे थे. गौतम गंभीर टीम संयोजन सही से नहीं कर पाए, उनसे कड़े फैसलों की उम्मीद थी लेकिन वो अपने उपकप्तान का बचाव करते हुए नजर आए.
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कप्तानी के लायक नहीं है श्रेयस अय्यर?
हालांकि इसका जवाब ढूंढना अभी जल्दबाजी होगा, लेकिन सवाल तो उठने लगे हैं. ऐसा नहीं है कि अय्यर को बिल्कुल नई टीम मिली है, अधिकतर प्लेयर्स लंबे समय से खेल रहे हैं. बेशक वो 3 साल से इस फॉर्मेट से दूर थे लेकिन IPL और अन्य स्तर पर क्रिकेट तो खेल ही रहे थे. वह अनुभवी हैं, इसी वजह से कप्तान भी हैं. ऐसा भी नहीं था कि उन्हें सीधा कोई बड़े टूर्नामेंट में उतारा गया हो. 5 मैचों की द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीते, ये तो कोई भी समझ सकता है लेकिन एक मैच भी नहीं जीतना तो समझ से परे है. ये कोई पचा भी ले तो आयरलैंड के खिलाफ मिली 2 हार का क्या जवाब दिया जाएगा.
अब श्रेयस अय्यर की अगली चुनौती जिम्बाब्वे के सामने है, जिसे जीतकर भी वह इसकी भरपाई नहीं कर पाएंगे जबकि अगर गलती से हार गए तो क्या होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है. अब BCCI की रिव्यू मीटिंग है, जिसमें हार के कारणों को पूछा जाएगा तो कप्तान क्या जवाब देंगे? ये बड़ा सवाल है. ये कहकर नहीं टाला जा सकता कि कंडीशन अलग थी. क्या आप 10 दिन किसी देश की कंडीशन समझने में लगाओगे?
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पूरी टीम की गलती
गौतम गंभीर, श्रेयस अय्यर की भूमिका पर तो सवाल है ही साथ में हर खिलाड़ी सवालों के घेरे में है. आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर कोई भी प्लेयर ऐसा नहीं था, जिसे कहा जाए कि उसने निरंतर प्रदर्शन किया हो. तिलक वर्मा भी सिर्फ आखिरी मैच में चले, उससे पहले संघर्ष करते हुए नजर आए. कप्तान श्रेयस अय्यर थोड़ा लय में थे, लेकिन वो भी मैच नहीं जितवा पा रहे थे.
ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ICC रैंकिंग में टी20 के नंबर-1 और नंबर-2 बल्लेबाज हैं, लेकिन इस सीरीज में उनके प्रदर्शन को देखकर ऐसा नहीं लगा. वैभव सूर्यवंशी का भी बस हाइप रहा, नौबत ये आ गई कि अंतिम मैच में उन्हें ड्राप ही कर दिया गया. अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे से निचले क्रम को मजबूत करने की उम्मीद थी, उन्होंने भी निराश किया. गेंदबाजी भी बेजान नजर आई.
इस दौरे पर मुख्य गेंदबाज अर्शदीप सिंह 4 मैचों में 4 विकेट ले पाए, 2 मैचों में तो वह एक भी विकेट नहीं ले पाए. प्रिंस यादव ने दूसरे मैच में 3 और तीसरे मैच में 2 विकेट लिए, अंतिम 2 मैचों में वो भी कोई विकेट नहीं ले पाए. आखिरी मैच में तो उन्होंने 60 रन लुटाए.
ICC रैंकिंग में गंवाया पहला स्थान
2022 में टीम इंडिया आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 टी20 टीम बनी थी. इसके बाद भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीता, 2026 में टी20 वर्ल्ड कप जीता. अधिकतर टी20 द्विपक्षीय सीरीज में जीत दर्ज की, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद अब रैंकिंग में पहला स्थान गंवा दिया. भारत दूसरे स्थान पर आ गई, इंग्लैंड नंबर-1 टीम बन गई.