स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। स्पेन ने 16 साल बाद फीफा विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया। स्पेन ने मंगलवार को एटी एंड टी स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मैच में फ्रांस को 2-0 से पटखनी दी। स्पेन की तरफ से मिकेल ओयरजबद और पेड्रो पोरो ने गोल दागे। फ्रांस के लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने का सपना अधूरा रह गया।
इस जीत के साथ ही स्पेन ने लगातार तीसरी बार फ्रांस को प्रमुख टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने से रोका। इससे पहले यूरो 2024 के सेमीफाइनल और पिछले साल नेशंस लीग में भी स्पेन ने फ्रांस को मात दी थी। युवा सनसनी लामिने यमाल ने मैच से पहले दिए अपने बयान को साबित किया कि फ्रांस को इस स्पेनिश टीम से चौकन्ना रहने की जरूरत है।
पेनल्टी से गोल की शुरुआत
बता दें कि स्पेन और फ्रांस के बीच मुकाबला बेहद दमदार तरीके से शुरू हुआ। दोनों ही टीमों की कोशिश गेंद को ज्यादा से ज्यादा अपने कब्जे में रखने की हुई। हालांकि, 22वें मिनट में यमाल की चतुराई का स्पेन को फायदा मिला।
फ्रांस के अनुभवी डिफेंडर लुकास डिगने ने अपने पाले में हेडर का गलत उपयोग किया, जिससे यमाल को पीछे से तेजी से दौड़ने की अनुमति मिल गई। खतरे को टालने के लिए डिगने ने यमाल पर पैर रख दिया, जिससे वो पेनल्टी क्षेत्र के अंदर फिसल गए। फाउल देखते ही रेफरी ने पेनल्टी की घोषणा कर दी।
मिकेल ओयरजबल ने गोलकीपर को आसानी से छकाकर टूर्नामेंट में अपना पांचवां गोल दागा और स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। दुनिया की शीर्ष रैंक वाली टीम फ्रांस अपनी लय खोजने में संघर्ष करती दिखी।
स्पेन की बढ़त दोगुनी हुई
एमबापे को स्पेन की रक्षा पंक्ति ने हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। फ्रांस की टीम गोल का मौका बनाने में भी संघर्ष करती दिखी। स्पेन ने हाफ टाइम तक 1-0 की बढ़त बना रखी थी। दूसरे हाफ में फ्रांस की टीम मुकाबले से लगभग बाहर हो गई।
58वें मिट में पेड्रो पोरो ने डानी ओल्मो के साथ मिलकर अच्छी पासिंग की और फिर शक्तिशाली किक जमाकर गेंद को जाली में भेद दिया। इस तरह स्पेन की बढ़त 2-0 हो गई। यमाल ने कुछ पल बाद ही तीसरा गोल जोड़ ही दिया था, लेकिन रेफरी ने ऑफ साइड कॉल कर दिया। फ्रांस ने काफी मशक्कत की, लेकिन वो स्पेन के डिफेंस से पार नहीं पा सके।
फाइनल की तैयारी
स्पेन ने 2010 में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में प्रवेश किया था। तब स्पेन ने नीदरलैंड्स को 1-0 से मात देकर खिताब अपने नाम किया था। अब स्पेन की टीम रविवार को मेटलाइफ स्टेडियम में दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में शिरकत करेगी। उसका सामना अर्जेंटीना और इंग्लैंड की विजेता से होगा।