F&O एक्सपायरी का दिन: निफ्टी-बैंक निफ्टी में बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत, ट्रेडर्स के लिए ये हैं जरूरी लेवल्स | Nifty And Bank Nifty F&O Expiry Strategy: Key Support, Resistance Levels, And Trading Tips For August 2026


F&O एक्सपायरी का दिन: निफ्टी-बैंक निफ्टी में बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत, ट्रेडर्स के लिए ये हैं जरूरी लेवल्स

गुरुवार, 27 अगस्त को शेयरों का मंथली एफएंडओ (F&O) सेटलमेंट है। हालांकि, इस हफ्ते इंडेक्स एक्सपायरी की तारीखें थोड़ी अलग हैं। निफ्टी 50 के मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स मंगलवार, 25 अगस्त को ही एक्सपायर हो चुके हैं, जबकि बैंक निफ्टी के मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स आज बुधवार, 26 अगस्त को एक्सपायर हो रहे हैं। इसके बावजूद, गुरुवार को होने वाले रोलओवर और डिलीवरी में उछाल से बाजार का सेंटिमेंट और लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है। क्लोजिंग के समय बाजार में भारी वोलाटिलिटी (उतार-चढ़ाव) देखने को मिल सकती है। ऐसे में ट्रेडर्स अपनी रणनीति इसी कैलेंडर के हिसाब से बनाएं ताकि किसी गड़बड़ी से बचा जा सके।

एक्सपायरी से ठीक पहले बाजार की पोजीशनिंग न्यूट्रल नजर आ रही है। लाइव डैशबोर्ड्स के मुताबिक, निफ्टी का मैक्स पेन 24,300 और बैंक निफ्टी का 57,500 के आसपास बना हुआ है। वहीं, पुट-कॉल रेशियो (PCR) 0.90 के करीब है। जब तक कोई बड़ी अनवाइंडिंग नहीं होती, ये लेवल्स कीमतों को एक दायरे में थामे रख सकते हैं। इन लेवल्स पर नजर रखें और इंट्राडे के दौरान आने वाले बदलावों को ट्रैक करते रहें, खासकर तब जब संस्थागत निवेशकों की रोलओवर विंडो के दौरान वॉल्यूम बढ़े।

Nifty and Bank Nifty F&O Expiry Strategy: Key Support, Resistance Levels, and Trading Tips for August 2026

F&O मंथली एक्सपायरी के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी का ट्रेड सेटअप

इंडेक्स स्पॉट रेजिस्टेंस सपोर्ट मैक्स पेन PCR
Nifty 50 24,334.55 24,400; 24,500 24,250; 24,200 24,300 0.90
Bank Nifty 57,514.20 57,800; 58,000 57,200; 57,000 57,500 0.90

धारणाओं पर नहीं, केवल लेवल्स पर ट्रेड करें। अगर निफ्टी 24,400 के ऊपर टिकता है, तो शॉर्ट गामा स्क्वीज के कारण यह 24,500 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं, 24,250 का स्तर टूटने पर 24,200 तक गिरावट का जोखिम है। बैंक निफ्टी की बात करें तो 57,800 के ऊपर जाने पर 58,000 का लक्ष्य दिखेगा, जबकि 57,200 के नीचे फिसलने पर 57,000 का स्तर देखने को मिल सकता है। अपने ट्रिगर पॉइंट से 25–30 पॉइंट आगे स्टॉप-लॉस जरूर लगाएं। अगर बिड-आस्क स्प्रेड ज्यादा बढ़ता है, तो अपनी पोजीशन का साइज छोटा कर लें।

ओपन इंटरेस्ट (OI) हीटमैप और F&O बैन लिस्ट पर रखें नजर

ऑप्शन ओपन इंटरेस्ट (OI) की पुष्टि किसी स्क्रीनशॉट के बजाय भरोसेमंद डैशबोर्ड या एनएसई (NSE) ऑप्शन चेन से ही करें। ट्रेड करने से पहले, NSE के रिपोर्ट्स पेज पर जाकर ‘F&O – सिक्योरिटी इन बैन पीरियड’ की आधिकारिक लिस्ट जरूर चेक करें। मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) में बदलाव के साथ बैन लिस्ट में शामिल शेयर दिन के दौरान बदल सकते हैं। अगर कीमतों में गिरावट के साथ फ्यूचर्स का ओपन इंटरेस्ट बढ़ रहा है, तो यह अक्सर शॉर्ट पोजीशंस के आगे रोल होने का संकेत होता है।

एक्सपायरी के दिन उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए ऑप्शंस स्ट्रैटेजी

अपनी स्ट्रैटेजी को हमेशा जोखिम-नियंत्रित (रिस्क-डिफाइंड) रखें। अगर बाजार मैक्स पेन के करीब रहता है, तो टाइट आयरन कॉन्डोर (iron condor) या ब्रोकन-विंग बटरफ्लाई (broken-wing butterfly) पर विचार कर सकते हैं। अगर बाजार में कोई तेज चाल शुरू होती है, तो नेकेड ऑप्शंस खरीदने के बजाय डेबिट स्प्रेड (debit spread) की तरफ बढ़ें। स्ट्रैडल (straddles) ट्रेड कर रहे हैं, तो नुकसान को प्रीमियम के 1.5 गुना तक ही सीमित रखें और वेगा क्रैश होते ही बाहर निकल जाएं। कम वॉल्यूम में ट्रेड करें, स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करें और ध्यान रखें कि डेरिवेटिव्स में भारी जोखिम होता है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है।



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