F&O एक्सपायरी: निफ्टी-बैंक निफ्टी में बड़े हलचल के संकेत, जानें कल के लिए बेस्ट ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
हफ्ते की F&O एक्सपायरी कल यानी गुरुवार, 17 सितंबर को है। पिछले सत्र में सुस्त क्लोजिंग के बाद बाजार में थोड़ा संभलकर चलने का माहौल दिख रहा है। 16 सितंबर को निफ्टी 50 (Nifty 50) 23,118.60 पर और बैंक निफ्टी (Bank Nifty) 55,794.75 के स्तर पर बंद हुआ था। बीते सत्र में निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (PCR) 0.54 के करीब रहा, जो ट्रेडर्स के सतर्क रुख की तरफ इशारा कर रहा है। ऐसे में सेटलमेंट के दिन ट्रेडर्स की नजर ऑप्शन वॉल और VWAP पर टिकी रहेगी।
निफ्टी के डेटा पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट (Put OI) 23,000–23,200 के दायरे में जमा है, जबकि 23,300 के पास भारी कॉल राइटिंग दिख रही है। इसका मतलब है कि एक्सपायरी के दिन स्पॉट निफ्टी नीचे पुट सपोर्ट और ऊपर कॉल सप्लाई बैंड के बीच फंसा रह सकता है। अगर इंट्राडे में ओपन इंटरेस्ट में बड़े बदलाव के साथ कोई साफ ब्रेकआउट मिलता है, तो बाजार उसी दिशा में तेजी पकड़ेगा। इन स्ट्राइक प्राइस पर OI में बदलाव के दौरान VWAP के मुकाबले कीमतों की चाल पर बारीक नजर रखें।

Nifty/Bank Nifty का सेटअप और बड़ा OI शिफ्ट
| इंडेक्स | स्पॉट (16 सितंबर की क्लोजिंग) | सबसे ज्यादा कॉल OI | सबसे ज्यादा पुट OI | अहम वॉच ज़ोन |
|---|---|---|---|---|
| Nifty 50 | 23,118.60 | 23,300 | 23,000–23,200 | 23,150–23,300 |
| Bank Nifty | 55,794.75 | 56,500 | 56,000 | 55,900–56,100 |
बैंक निफ्टी का ऑप्शन मैप आज ज्यादा सीमित रेंज दिखा रहा है। 56,000 के स्तर पर पुट बेस मजबूत हुआ है, वहीं 56,500 के पास कॉल राइटर्स का दबदबा है। अगर इंडेक्स 56,000 और VWAP के ऊपर टिकता है, तो शॉर्ट कवरिंग इसे कॉल वॉल (56,500) की तरफ ले जा सकती है। वहीं, ऐसा न होने पर कॉल राइटर्स के हावी रहने से इंडेक्स 55,500 तक फिसल सकता है। रिस्क मैनेजमेंट के लिए 0.5–1% का दायरा तय करें और स्टॉप-लॉस के नियमों का सख्ती से पालन करें।
F&O बैन लिस्ट और ट्रेडिंग के जरूरी नियम
जब किसी शेयर में मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) 95% से ज्यादा हो जाती है, तो F&O में नई पोजीशन बनाने पर रोक लगा दी जाती है। आज कई ब्रोकर स्क्रीन पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL), मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) और बंधन बैंक (Bandhan Bank) बैन लिस्ट में फ्लैग हो रहे हैं। कोई भी ऑर्डर डालने से पहले NSE की आधिकारिक fo_secban.csv फाइल से इसकी पुष्टि जरूर कर लें। बैन में शामिल शेयरों में सिर्फ पुरानी पोजीशन काटने की अनुमति होती है, नई पोजीशन बढ़ाने की नहीं। हालांकि, कैश सेगमेंट में ट्रेडिंग जारी रखी जा सकती है।
इंट्राडे स्ट्रैटेजी: ब्रेकआउट, मोमेंटम और मीन-रिवर्जन
ब्रेकआउट ट्रेडर्स निफ्टी में 23,300 या बैंक निफ्टी में 56,100 के ऊपर वॉल्यूम और VWAP के सपोर्ट के साथ मजबूती टिकने पर नजर रख सकते हैं। बढ़ता हुआ पुट OI और घटती हुई कॉल राइटिंग इस चाल को और मजबूत बनाएगी। दूसरी तरफ, मीन-रिवर्जन (रिवर्सल) ट्रेडर्स 23,300 या 56,500 के पास भारी कॉल राइटिंग दिखने पर ऊपर के स्तरों से बिकवाली की रणनीति अपना सकते हैं। एक्सपायरी के दिन स्लिपेज और गामा रिस्क को संभालने के लिए डिफाइंड-रिस्क स्प्रेड को तरजीह दें।
एक्सपायरी वाले दिन ओपन-इंटरेस्ट में अचानक बदलाव और इंडेक्स ब्रेड्थ के उतार-चढ़ाव से बाजार की दिशा कभी भी पलट सकती है। ट्रेडिंग सेशन के दौरान एक्सचेंज के वेरिफाइड डैशबोर्ड पर लाइव ऑप्शन चेन, VWAP और बैन लिस्ट को ट्रैक करते रहें। यह जानकारी 16 सितंबर 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह 09:00 बजे तक उपलब्ध डेटा पर आधारित है। शेयर बाजार में जोखिम शामिल है; पूरी तैयारी के बावजूद ट्रेडिंग और निवेश में नुकसान हो सकता है।