F&O Expiry Week: एक्सपायरी के शोर में न फंसें! आज की ट्रेडिंग के लिए ये हैं काम के चेकपॉइंट्स
वायदा बाजार (F&O) की एक्सपायरी वाले इस हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी सुस्त और सीमित दायरे में रही। एक तरफ ग्लोबल संकेत और क्रूड ऑयल की घटी कीमतें बाजार को सहारा दे रही हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिकी टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। गुरुवार, 27 अगस्त को होने वाली मंथली एक्सपायरी के चलते आज बाजार खुलते ही पोजिशनिंग का जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में आज FII और DII के डेटा के साथ-साथ RBI के रुख पर भी पैनी नजर रखनी होगी।
इस एनालिसिस में हम आज के लिहाज से अहम सेक्टर रोलोवर, ओपन इंटरेस्ट (OI) में बदलाव और ऑप्शंस सेटअप को आसान भाषा में समझेंगे। हमारा मकसद आपको सही जानकारी देना है, न कि कोई ट्रेडिंग टिप। यहां हम आपको बताएंगे कि Nifty Today और Sensex Today के लिए किन बातों का ध्यान रखना क्यों जरूरी है। एक्सपायरी वीक की भारी उठापटक में ओवरट्रेडिंग से बचने और अपनी रणनीति सही रखने के लिए ये चेकपॉइंट्स जरूर काम आएंगे।

F&O Expiry Week: सेक्टर रोलोवर और OI में बदलाव का हाल
सेक्टर रोलोवर के लिहाज से आज बैंकिंग, IT, ऑटो और मेटल शेयरों पर खास नजर रखें। सरकारी (PSU) और प्राइवेट बैंकों के बेसिस और रोल कॉस्ट में अंतर देखने को मिल सकता है। फ्यूचर्स बेसिस, डिलीवरी वॉल्यूम और नए लॉन्ग या शॉर्ट पोजिशन के आंकड़ों को ट्रैक करते रहें। अगर कीमत बढ़ने के साथ ओपन इंटरेस्ट (OI) भी बढ़ रहा है, तो यह मजबूती का संकेत है। लेकिन अगर इसका उल्टा होता है, तो बाजार में बिकवाली (डिस्ट्रीब्यूशन) का खतरा बढ़ जाता है।
| इन्स्ट्रूमेंट | 09:30 बजे OI बदलाव | 11:00 बजे OI बदलाव | 14:00 बजे OI बदलाव | EOD OI बदलाव | रोलोवर % | बेसिस | PCR |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| निफ्टी | – | – | – | – | – | – | – |
| बैंक निफ्टी | – | – | – | – | – | – | – |
| IT फ्यूचर्स | – | – | – | – | – | – | – |
| ऑटो फ्यूचर्स | – | – | – | – | – | – | – |
| मेटल फ्यूचर्स | – | – | – | – | – | – | – |
Options Setups: आज इन बातों पर रखें नजर
रिस्क प्रीमियम को समझने के लिए इम्प्लाइड वोलाटिलिटी (IV) और IV रैंक जरूर चेक करें। शुरुआती रेंज स्ट्रैडल से बाजार की संभावित चाल का अंदाजा मिलता है; अगर प्रीमियम घट रहा है तो बाजार के एक सीमित दायरे में रहने के संकेत मिलते हैं। एक्सपायरी के करीब ऑप्शन राइटिंग (बेचने) में गैप-अप या गैप-डाउन का बड़ा जोखिम होता है, इसलिए सीमित रिस्क वाले स्प्रेड्स (Defined Risk Spreads) को प्राथमिकता दें। दूर की आउट-ऑफ-द-मनी (OTM) हेजिंग रखें, ट्रेडिंग क्वांटिटी छोटी रखें और पहले से तय स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करें।
| F&O बैन लिस्ट में शामिल शेयर | 09:30 बजे MWPL के % के रूप में OI | 11:00 | EOD | स्टेटस |
|---|---|---|---|---|
| सिक्योरिटी 1 | – | – | – | Watch/Entry/Exit |
| सिक्योरिटी 2 | – | – | – | Watch/Entry/Exit |
Share Market Today: इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए क्या हो रणनीति?
ट्रेडिंग की रणनीति बनाते समय पिछले दिन के हाई, लो और VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस) के गैप रूल्स को ध्यान में रखें। पोजीशन में रिस्क बढ़ाने से पहले वॉल्यूम के जरिए ट्रेंड की पुष्टि होने दें। NSE और BSE के अलग-अलग सेक्टर्स में ATR एक्सपेंशन और रिलेटिव स्ट्रैंथ का एनालिसिस करते रहें। सुबह 11:00 बजे, दोपहर 2:00 बजे और बाजार बंद होते समय ब्लॉक डील्स पर नजर जरूर रखें। नुकसान में चल रहे सौदों में एवरेजिंग (घाटा कम करने के लिए और खरीदना) से बचें और बैंक निफ्टी में उतार-चढ़ाव के दौरान अपनी पूंजी की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दें।
गुरुवार की एक्सपायरी के चलते बाजार में हलचल और शोर बढ़ सकता है, लेकिन अगर आप अनुशासन के साथ काम करेंगे तो इस वोलाटिलिटी का फायदा उठा सकते हैं। सबसे पहले लिक्विडिटी, स्प्रेड्स और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान दें। ध्यान रहे, यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है, इसे निवेश की सलाह न समझें। कोई भी कदम उठाने से पहले अपने SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर से सलाह जरूर लें। कल के ट्रेडिंग सेशन के रुख को समझने के लिए ग्लोबल यील्ड, क्रूड ऑयल और RBI से जुड़े अपडेट्स पर बारीक नजर बनाए रखें।