क्या आप जानते हैं, लोग दुनियाभर में अपने बटुए को फॉयल में लपेट रहे हैं? दरअसल ऐसा अपने एडवांस चिप से लैस डेबिट-क्रेडिट कार्ड्स और आईडी आदि को स्कैमर्स से सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। आप खुद को सुरक्षित रखने के लिए RFID फ्रूफ बटुए या स्लीव का इस्तेमाल कर सकते हैं या ऐपल वॉलेट या सैमसंंग पे जैसे ऐप में अपने कार्ड कैरी कर सकते हैं।

ऐसे में खुद को वायरलेस ट्रैकिंग से बचाकर रखने के लिए दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग अपने पर्स को एल्युमिनियम फॉयल से लपेट रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों को वायरलेस चोरी का खतरा भी सता रहा है। इस ट्रेंड को इंटरनेट और खासकर कि टिकटॉक पर देखा जा रहा है।
क्यों बटुए को फॉइल में लपेट रहे हैं लोग?
- दरअसल आजकल कार्ड्स और आईडी में काम को आसान बनाने के लिए कॉन्टैक्टलेस चिप्स दी जाती हैं। जिन्हें आप मशीन पर टैप करके झटपट पेमेंट्स कर सकते हैं।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी साधारण पोर्टेबल स्कैनर की मदद से दूर से ही आपके कार्ड का यूनिक आईडी नंबर स्कैन कर सकता है।
- इसके अलावा कार्ड की कॉपी फोन में बनाने वाले ऐप्स भी धड़ल्ले से मार्केट में उपलब्ध हैं।
- इसके लिए धोखाधड़ी करने वालों को अपनी मशीन या फोन को सिर्फ आपके बटुए के थोड़ा नजदीक ले जाने की जरूरत होती है।
- एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे सीधे आपके बैंक से पैसे नहीं निकलते लेकिन यह चिप एक ही फिक्स नंबर बार-बार ब्रॉडकास्ट करती है।
- इससे कोई भी आपको ट्रैक कर सकता है और आपके आने-जाने के पैटर्न पर नजर रख सकता है।
फॉयल लगाने से क्या होता है?
- फिजिक्स के अनुसार फॉयल एक बेहतरीन कंडक्टर है। जब इसमें फोन या कार्ड जैसी किसी चीज को लपेटा जाता है, तो यह एक फैराडे केज की तरह काम करता है।
- इससे बाहर से अंदर और अंदर से बाहर जाने वाली रेडियो तरंगे ब्लॉक हो जाती हैं।
हालांकि यह पुख्ता उपाय नहीं है क्योंकि अगर फॉयल में छोटा सा भी छेद हो तो सिग्नल लीक हो सकता है।\ - ऐसे में एक परत लगाने से बेहतर कई परतों का इस्तेमाल करना होता है।
- बाजार में ऐसे वॉलेट या बटुए मौजूद हैं, जो इसी सिद्धांत पर काम करते हैं और कार्ड्स आदि को आपके पर्स में सुरक्षित रखते हैं।
आप क्या कर सकते हैं?
- दरअसल बटुए पर फॉयल लपेटना कोई प्रैक्टिकल उपाय नहीं है। यहां जरूरत एडवांस हो रही तकनीक के साथ सावधानी बरतने की है।
- इसके लिए आप मार्केट में आने वाले RFID प्रूफ वॉलेट खरीद सकते हैं। यह तब तक कार्ड के सिग्नल को बाहर नहीं जाने देते, जब तक कि आप वॉलेट से कार्ड को बाहर नहीं निकालते हैं।
- इसके अलावा ऐसे कार्ड मैनेजर भी आते हैं, जो कि RFID प्रूफ होते हैं। अगर आप वॉलेट नहीं इस्तेमाल करते हैं, तो अपने कार्ड्स को इस तरह से कैरी भी कर सकते हैं।
- इससे बचने का एक तरीका यह भी है कि आप फोन में मौजूद वॉलेट का इस्तेमाल करें। दरअसल सैमसंग और ऐपल के फोन्स में कार्ड स्टोर करने का फीचर मिलता है। हालांकि ऐपल वॉलेट का फीचर भारत में अभी उपलब्ध नहीं है लेकिन सैमसंग यूजर्स Samsung Pay ऐप में अपने कार्ड्स को सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
