रूस की मिरा आंद्रिवा ने अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज करते हुए फ्रेंच ओपन में महिला एकल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। 19 साल की आंद्रिवा ने सेमीफाइनल में यूक्रेन की मार्ता कोस्तयुक को एक घंटे 16 मिनट तक चले मुकाबले में 6-1, 6-3 से हराया और पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है।
इस सीजन कोस्तयुक के खिलाफ जीता पहला मैच
आंद्रिवा के लिए यह जीत काफी महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए नहीं क्योंकि वह पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह उनकी कोस्तयुक के खिलाफ पहली जीत है। आंद्रिवा को यूक्रेन की इस खिलाड़ी के खिलाफ इस सीजन पिछले दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा था। आंद्रिवा इससे पहले कोस्तयुक के खिलाफ एक सेट भी जीत सकी थीं, लेकिन उन्होंने फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ निडर होकर खेला और शुरुआत से लेकर अंत तक दमदार प्रदर्शन किया।
MIRRA ANDREEVA STORMS INTO HER MAIDEN GRAND SLAM FINAL 🔥#RolandGarros pic.twitter.com/LE2HWbr04Z
— Roland-Garros (@rolandgarros) June 4, 2026
दो साल पहले टूट गया था फाइनल में जाने का सपना
दो साल पहले 2024 में आंद्रिवा का रोलां गैरां पर सफर जैस्मीन पाओलिनी के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के साथ खत्म हुआ था। इस बार उन्होंने पिछली गलतियों से सीखा और यह सुनिश्चित किया कि इस बार वह फाइनल में पहुंचने में सफल रहें। आंद्रिवा ने इसके साथ ही कोस्तयुक से पिछले महीने मैड्रिड ओपन के फाइनल में मिली हार का हिसाब चुकता किया। आंद्रिवा का सामना अब खिताब के लिए डियाना शनेडर और माजा चवालिंस्का के बीच होने वाले एक अन्य सेमीफाइनल की विजेता खिलाड़ी से होगा।
कोस्तयुक का अजेय अभियान टूटा
आंद्रिवा पिछले 30 वर्षों में फ्रेंच ओपन फाइनल में पहुंचने वाली पांचवीं सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बनीं और उन्होंने इस सीजन में अपनी 35वीं जीत दर्ज की जो टूर में सबसे अधिक है। खास बात यह है कि उन्होंने कोस्तयुक के क्ले कोर्ट पर लगातार 17 मैचों में अजेय रहने के सिलसिले को शानदार तरीके से तोड़ दिया।