नई दिल्ली| मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोने-चांदी में एक बार फिर अचानक बड़ी गिरावट (gold silver price crash) आई, जो भारत समेत पूरी दुनिया में देखी गई। वैश्विक बाजार में सोना 4000 डॉलर से नीचे आ गया और चांदी भी 55 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करने लगी। घरेल वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी सोना 1700 रुपए और चांदी 4000 रुपए से ज्यादा टूट गई। वहीं, दिल्ली सराफा बाजार में सोने की कीमतें लगातार दूसरे दिन स्थिर रहीं। जबकि चांदी 1500 रुपए प्रति किलोग्राम तक टूट गई।
Comex और MCX पर कहां पहुंचा सोना-चांदी?
अंतरराष्ट्रीय बाजार यानी कोमेक्स पर सोना 3985 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। भारतीय करेंसी के हिसाब से यह कीमत 1.23 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम बैठती है। वहीं चांदी 55.60 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.70 लाख रुपए प्रति किलोग्राम) पर पहुंच गई।
घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1733 रुपए टूटकर 1,40,117 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम के दिनभर के लो लेवल पर पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक यह 1,40,434 रुपए पर कारोबार कर रहा था। चांदी की बात करें तो इसमें 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई और कीमत 5530 रुपए गिरकर 2,15,090 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई।
दिल्ली के सराफा बाजार में क्या हैं ताजा रेट?
इधर, दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमतें लगातार दूसरे दिन 1,46,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहीं, जबकि वैश्विक बाजार में सुस्ती के कारण चांदी में 1,500 रुपए की गिरावट आई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा।
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हालांकि, चांदी लगातार चौथे दिन दबाव में रही और 1,500 रुपए टूटकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर आ गई, जो दो सप्ताह से ज़्यादा का निचला स्तर है। बुधवार को यह 2,26,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
चांदी का भाव आखिरी बार 29 जून को इस स्तर के आसपास था, जब यह 2,24,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। पिछले चार दिन में इसमें 12,500 रुपए या 5.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। 10 जुलाई को इसका भाव 2,37,000 रुपए प्रति किलोग्राम था।
कारोबारियों ने कहा कि स्थानीय मांग संतुलित होने के कारण सोने की कीमत एक सीमित दायरे में रही, जबकि लगातार मुनाफावसूली और उद्योग की तरफ से कम लिवाली के कारण चांदी दबाव में रही।
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गोल्ड-सिल्वर में उतार-चढ़ाव पर क्या बोले एक्सपर्ट्स?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सोने की कीमत एक सीमित दायरे में रही, क्योंकि निवेशकों ने उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की।
ऑगमोंट में शोध प्रमुख, रेनिषा चैनानी ने कहा कि
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में इसलिए गिरावट आई, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने महंगाई कम होने की उम्मीदों को खत्म कर दिया और इस बात की चिंता बढ़ा दी कि तेल की बढ़ती कीमतें फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों पर कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकती हैं।
मिराए एसेट शेयरखान में जिंस प्रमुख, प्रवीण सिंह ने कहा कि विदेशी बाज़ार में हाजिर सोने की कीमत गिरकर लगभग 4,033 डॉलर प्रति औंस रह गई, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है और ज़मीनी हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि ईरान पर तब तक हमले जारी रहेंगे जब तक वह बातचीत की मेज़ पर वापस नहीं आ जाता।