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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी विवाद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दिया गया है. 14 जुलाई 2026 को दोनों पक्ष एक टेबल पर बातचीत करेंगे. हिंदू पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी का कहना है कि एएसआई सर्वे में मंदिर होने के पुख्ता सबूत मिल चुके हैं. अगर मुस्लिम पक्ष ज्ञानवापी हिंदुओं को सौंपने को तैयार हो जाता है, तो हिंदू पक्ष कोई हर्जाना नहीं मांगेगा.
Gyanvapi Case New Supreme Court: वाराणसी के ज्ञानवापी केस सालों से काफी चर्चित है. राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला आने के बाद से ज्ञानवापी भी काफी चर्चा में आ गया. साल 2024 में इस मामले पर सुनावई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सेशन कोर्ट के फैसले- ‘व्यास जी तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा करने’ के फैसले को बरकरार रखा. अब 2 साल से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का एक अहम निर्देश आया है. कोर्ट ने डायरेक्ट फैसला सुनाने के बजाए दोनों पक्षों को इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने का निर्देश दिया है. अब इस मामले में मध्यस्थता के जरिए इसका निस्तारण होगा.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी पक्षों को नोटिस जारी की गई है. हिन्दू पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी का दावा है कि 14 जुलाई को इस मामले में हिन्दू-मुस्लिम एक साथ बैठगा. इस मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की कोशिश की जाएगी. उनका मानना है कि वार्ता सफल होती है तो इस केस से जुड़े सभी मुकदमों का भी निस्तारण हो जाएगा.
2 मेन केस पर होगी बातचीत
पहला – राखी सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार और दूसरा – शैलेंद्र सिंह व्यास बनाम अंजुमन इंतजामिया से जुड़े केस में मध्यस्थता होने की संभावना है. हिन्दू पक्ष के वकील सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि मध्यस्थता के जरिये कई मामलों का निस्तारण होता है. इसमे सभी पक्ष-विपक्ष के वादियों को बुलाया जाता है फिर संबंधित केस में सुलह-समझौते के लिए आपसी बातचीत होती है. ज्ञानवापी के केस में भी ऐसा करने का प्रयास किया जाएगा.
मंदिर होने के सबूत
सुधीर त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी में कोर्ट कमिशन के साथ एएसआई का सर्वे भी हुआ है. इसमें ज्ञानवापी के दीवारों पर हिन्दू देवी देवताओं और सनातन धर्म से जुड़े कई चिन्ह मिलें है. इसके साथ ही एएसआई की रिपोर्ट में ज्ञानवापी को प्राचीन मंदिर बताया गया है. कमीशन की कार्रवाई के बाद वजुखाने में कथित शिवलिंग भी सामने आया था. इसके अलावा वहां दीवारों और खंभों पर स्वास्तिक, ओ३म् और त्रिशुल के निशान भी मिले थे.
मुस्लिम पक्ष से नहीं लेंगे हर्जाना
हिन्दू पक्ष के वकील ने कहा कि यदि इस मध्यस्थता की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ज्ञानवापी को हिंदुओ को देने के लिए तैयार हो जाता है, तो हम कोर्ट से हर्जाने की मांग नहीं करेंगे.
तहखाने में जारी है पूजा
बता दें कि ज्ञानवापी के तहखाने में कोर्ट के आदेश के बाद से लगातार पूजा पाठ जारी है.तहखाने में सर्वे के दौरान मिले देवी देवताओं के प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है.जिसका पूजा निरंतर की जा रही है.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें