Haryana Agniveer Reservation: हरियाणा सरकार ने सरकारी नौकरियों में पूर्व अग्निवीरों को दिए जा रहे 20 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने का पूरा खाका तय कर दिया है। सरकार ने संशोधित आदेश जारी कर पहली बार स्पष्ट किया है कि यह आरक्षण विभिन्न आरक्षित और अनारक्षित वर्गों में किस अनुपात में बांटा जाएगा तथा भर्ती प्रक्रिया में इसे किस रोस्टर के आधार पर लागू किया जाएगा।
नए निर्देश वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड, जेल विभाग के वार्डर और खान एवं भू-विज्ञान विभाग के माइनिंग गार्ड की सीधी भर्ती पर लागू होंगे। सरकार का मानना है कि इससे भविष्य की भर्तियों में आरक्षण लागू करने को लेकर किसी प्रकार की प्रशासनिक अस्पष्टता नहीं रहेगी।
20 प्रतिशत आरक्षण रहेगा, बदला केवल उसका क्रियान्वयन
मानव संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्व अग्निवीरों को सीधी भर्ती में मिलने वाला 20 प्रतिशत आरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। हालांकि अब उसके क्रियान्वयन का विस्तृत ढांचा निर्धारित कर दिया गया है। सरकार ने 20 अगस्त, 2025 को जारी अपने पहले के निर्देशों के क्लॉज-4 में संशोधन करते हुए नया प्रावधान लागू किया है, ताकि सभी विभाग एक समान व्यवस्था के तहत भर्ती कर सकें।
तीन विभागों की भर्ती में होगा लागू
संशोधित आदेश के अनुसार यह व्यवस्था फिलहाल तीन पदों की सीधी भर्ती पर लागू होगी। इनमें पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के फॉरेस्ट गार्ड, कारागार विभाग के वार्डर तथा खान एवं भू-विज्ञान विभाग के माइनिंग गार्ड शामिल हैं। इन सभी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत कोटा अब नए श्रेणीवार फार्मूले के अनुसार लागू किया जाएगा।
हर वर्ग की हिस्सेदारी भी हुई तय
सरकार ने 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार वितरण भी निर्धारित कर दिया है। संशोधित आदेश के अनुसार अनुसूचित जाति (वंचित) और अनुसूचित जाति (अन्य) वर्ग को दो-दो प्रतिशत, बीसी-ए वर्ग को तीन प्रतिशत, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस को दो-दो प्रतिशत, जबकि अनारक्षित (जनरल) वर्ग के लिए नौ प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है। इसी के अनुरूप प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग रोस्टर प्वाइंट भी निर्धारित किए गए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का समान और पारदर्शी ढंग से पालन हो सके।
भर्ती एजेंसियों को मिलेगी स्पष्ट व्यवस्था
अब तक विभागों के सामने यह चुनौती थी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत आरक्षण को विभिन्न सामाजिक वर्गों में किस प्रकार लागू किया जाए। नए आदेश के बाद भर्ती एजेंसियों और चयन करने वाले विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल गए हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया के दौरान आरक्षण लागू करने में एकरूपता आएगी और भविष्य में विवाद की संभावना भी कम होगी।
सभी विभागों को पालन के निर्देश
मानव संसाधन विभाग ने संशोधित निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भेजते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि संबंधित विभाग इन संशोधित प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।
जानिए इससे क्या बदला
पहले: पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था।
अब: उसी 20 प्रतिशत आरक्षण का श्रेणीवार बंटवारा और रोस्टर प्रणाली स्पष्ट कर दी गई है।
असर: भविष्य की सीधी भर्तियों में आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और विवाद-मुक्त होगी।