हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) शिमला ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिससे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
आगामी दिनों में बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 23 जुलाई तक मानसून प्रदेश में सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से 20 और 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जैसे जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा सबसे अधिक रहेगा। इसके अलावा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और सोलन में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वर्तमान मौसमी स्थिति
बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान मौसमी आंकड़ों के अनुसार, ऊना में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। यह दर्शाता है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान में भिन्नता बनी हुई है।