नारनौंद। नगर पालिका के प्रांगण में रविवार को नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी चौथे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है जिसके कारण कर्मचारियों को दोबारा हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
चौथे दिन की हड़ताल की संयुक्त अध्यक्षता जिला वरिष्ठ उपप्रधान नसीब सिंह और रणधीर सिंह ने की जबकि मंच संचालन इकाई प्रधान मंशाराम ने किया।
राज्य उपप्रधान जसवीर श्योकंद ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 8 अप्रैल से 13 मई तक 37 दिन की हड़ताल की थी। इसके बाद 13 मई को सरकार और यूनियन के बीच समझौता हुआ था। 17 मांगों पर सहमति बनी थी।
समझौते में करीब 13,500 नगर पालिका सफाई कर्मचारियों और लगभग 1,250 अग्निशमन कर्मचारियों को नियमित करने की मांग शामिल थी।फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारी रणवीर सिंह और भविचनद शर्मा के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर भी सहमति बनी थी।
ऑल हरियाणा सफाई संघर्ष समिति के उपप्रधान नरेश कुमार ने कहा कि संघ ने 6, 7 और 8 अगस्त को हड़ताल का एलान किया था लेकिन सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई पत्र नहीं मिला। ऐसे में हड़ताल को मजबूरन 9, 10 और 11 अगस्त तक बढ़ाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश की सभी नगर परिषदों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में आंदोलन तेज किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी नौकरी की व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि ग्रुप-डी के पदों पर भी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है।
उन्होंने सरकार से सफाई कर्मचारियों की स्थायी भर्ती करने और 13 मई के समझौते को लागू करने की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर राजबीर, सुंदर, कुलदीप, दीपक, रेणुबाला, कमलेश आदि मौजूद रहे।