हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। राज्य कैबिनेट की बैठक में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के तहत काम करने वाले और मान्यता प्राप्त डीएम, एमसीएच और डाॅ एनबी योग्यता रखने वाले सुपर स्पेशलिस्ट फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस देने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत काम कर रहे पोस्ट-ग्रेजुएट विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी। नई दरों के तहत, पहले साल के प्रशिक्षुओं को 40,000 रुपये की जगह 50,000 रुपये, दूसरे साल के प्रशिक्षुओं को 45,000 रुपये की जगह 60,000 रुपये और तीसरे साल केप्रशिक्षुओं को 50,000 रुपये की जगह 65,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड मिलेगा।