IDFC FIRST Bank का बड़ा ऐलान: अब सभी क्रेडिट कार्ड्स पर मिलेगा ‘जीरो-फॉरेक्स’ का फायदा, जानें कैसे | IDFC FIRST Bank Credit Card Forex Markup Reduced To 0%: Save Big On International Transactions 2026


IDFC FIRST Bank का बड़ा ऐलान: अब सभी क्रेडिट कार्ड्स पर मिलेगा ‘जीरो-फॉरेक्स’ का फायदा, जानें कैसे

IDFC FIRST Bank ने अपने पूरे क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो पर फॉरेन एक्सचेंज (Forex) मार्कअप घटाकर 0% कर दिया है, जो 9 सितंबर 2026 से लागू हो गया है। इस बड़े बदलाव के बाद अब बैंक के हर क्रेडिट कार्ड पर ‘जीरो-फॉरेक्स’ का फायदा मिलेगा। इससे विदेश यात्रा करने वालों, पढ़ाई के लिए बाहर रहने वाले स्टूडेंट्स और इंटरनेशनल ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की सीधी बचत होगी। बैंक के सिस्टम अपडेट होने के साथ ही यह बदलाव आज दिन भर में ऐप और प्रॉडक्ट पेजों पर दिखने लगेगा।

‘जीरो-फॉरेक्स’ का आसान शब्दों में मतलब है कि आप सिर्फ वीजा (Visa) या मास्टरकार्ड (Mastercard) की तय एक्सचेंज रेट देंगे, बैंक अपनी तरफ से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं जोड़ेगा। आमतौर पर दूसरे बैंक 1.5% से 3.5% तक फॉरेक्स मार्कअप वसूलते हैं, जिस पर 18% GST भी लगता है। अगर आप विदेश में ₹1,00,000 खर्च करते हैं, तो 3.5% मार्कअप के हिसाब से ₹3,500 और GST के ₹630 मिलाकर आपके कुल ₹4,130 बचेंगे। वहीं, 2.5% मार्कअप वाले कार्ड की तुलना में भी आपकी ₹2,950 की बचत होगी।

IDFC FIRST Bank Credit Card Forex Markup Reduced to 0%: Save Big on International Transactions 2026

जीरो-फॉरेक्स मार्कअप कैसे काम करता है और DCC के नुकसान?

आपका इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन वीजा या मास्टरकार्ड की रेट पर कन्वर्ट होगा और बैंक का मार्कअप बिल्कुल जीरो रहेगा। हालांकि, काउंटर या ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) से बचना जरूरी है, क्योंकि यह बिल भारतीय रुपये में बनाता है और इसमें अतिरिक्त चार्ज जुड़ सकते हैं। पेमेंट करते समय हमेशा स्थानीय करेंसी (लोकल करेंसी) का ही चुनाव करें, वरना जीरो-फॉरेक्स होने के बावजूद आपकी बचत खत्म हो सकती है। IDFC FIRST Bank के MITC डॉक्यूमेंट में इन DCC चार्जेस के बारे में साफ तौर पर बताया गया है।

EMI विकल्प, नियम और ऐप में चेक करने का तरीका

विदेश में किए गए खर्च को आप खरीदारी के बाद आसान EMI में भी बदल सकते हैं। हालांकि, इस पर प्रोसेसिंग फीस, ब्याज और प्री-EMI ब्याज लागू होगा, जिसकी जानकारी पेमेंट कन्वर्जन के समय मिल जाएगी। इसे कंफर्म करने के लिए अपने मोबाइल ऐप में जाएं, Credit Card सेक्शन खोलकर Fees and Charges या MITC पर टैप करें। यहां चेक करें कि आपके कार्ड के लिए “Markup charges on foreign currency transactions” के सामने Nil लिखा है या नहीं। किसी भी तरह का अपवाद यहीं दिखेगा।

₹1,00,000 के अंतरराष्ट्रीय खर्च पर EMI का गणित (16% सालाना ब्याज दर)
अवधि (Tenure) मासिक EMI कुल EMI भुगतान कुल ब्याज नोट्स
6 महीने ₹17,453 ₹1,04,718 ₹4,718 कन्वर्जन के समय प्रोसेसिंग फीस दिखाई जाएगी
12 महीने ₹9,073 ₹1,08,877 ₹8,877 प्री-EMI ब्याज लागू हो सकता है

किन्हें होगा सबसे ज्यादा फायदा? स्टूडेंट्स और ट्रैवलर्स के लिए टिप्स

हवाई टिकट, होटल बुकिंग, विदेशी यूनिवर्सिटी की ट्यूशन फीस, ग्लोबल SaaS सब्सक्रिप्शन और फ्रीलांसिंग टूल्स का इस्तेमाल करने वालों को इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा। इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन चालू रखें, DCC का विकल्प न चुनें और मर्चेंट की ओर से लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज पर नजर रखें। विदेशी शिक्षण संस्थानों की फीस भुगतान के लिए स्टैंडर्ड मर्चेंट कोड की सुविधा उपलब्ध है; थर्ड-पार्टी ऐप फीस की जानकारी MITC में अलग से दी गई है। विदेश में पेमेंट करने से पहले अपने कार्ड का 0% स्टेटस ऐप पर एक बार जरूर चेक कर लें।



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