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IIT Kanpur Student Suicide: आईआईटी कानपुर का एक गोल्ड मेडलिस्ट ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मृतक का नाम आनंद कुमार था. आनंद ने 50 से अधिक बार सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा दी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. लगातार मिल रही असफलता से वह डिप्रेशन में चला गया था. उसने पिता से माफी मांगते हुए सुसाइड नोट में लिखा, ‘सॉरी पापा, मैंने 50 बार सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली.’
आईआईटी कानपुर से गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र ने सरकारी नौकरी नहीं मिलने जान दी. (सांकेतिक)
कानपुर: सरकारी नौकरी में लगातार असफलता ने एक गोल्ड-मेडलिस्ट को इस कदर तोड़ दिया कि वह जीवनलीला को खत्म करने वाला कदम उठा लिया. आईआईटी कानपुर से गोल्ड मेडेल जीतने वाले 23 साल के एस्पिरेंट ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी. पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाला यह छात्र करीब 50 बार सरकारी नौकरी की परीक्षा में बैठा, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी.
‘सॉरी पापा… मुझे माफ कर दीजिए’ – ये शब्द बेरोजगारी के उस भयावह सच है. ये शब्द उस शख्स के परिजनों खासकर पिता को जीवन भर टीस देता रहेगा. ये शब्द उन हजारों, लाखों नहीं करोड़ों बच्चों के दिल में चौबिसों घंटे जो चलने वाले शब्द हैं जो उनको मानसिक रूप से तोड़ रहा है. आत्महत्या से पहले युवक ने एक 5 लाइन का दिल दहला देने वाला सुसाइड नोट छोड़ा. इस नोट में उसने 7 से 8 बार ‘सॉरी’ लिखा था. अपने पिता से माफी मांगते हुए उसने लिखा, ‘सॉरी पापा, मैंने सरकारी नौकरी के लिए 50 बार कोशिश की, लेकिन मैं सफल नहीं हो सका. प्लीज मुझे माफ कर दीजिए.’
ऐसे सामने आई घटना
दरअसल, घर में काम करने वाली मेड जब पहुंची तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है. काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने तुरंत परिजनों और गोविंद नगर पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर आनंद कुमार का शव छत के पंखे से लटकता मिला.
राज्यपाल से मिला था गोल्ड मेडल
मृतक आनंद कुमार मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला था. वह पढ़ाई में बेहद होनहार था. उसने 2024 में कानपुर के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक पूरा किया था. राज्य में तीसरी रैंक हासिल करने पर, 13 अगस्त 2024 को कॉलेज के एक समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उसे गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था. डिग्री पूरी होने के बाद आनंद प्राइवेट सेक्टर में काम करने के साथ-साथ सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर रहा था, लेकिन लगातार परीक्षा में फेल होने के कारण वह तनाव में आ गया.
बिहार गए थे पिता
आनंद के पिता राजकुमार लोहिया प्राइवेट लिमिटेड के रिटायर्ड कर्मचारी हैं. उनके दो बेटे और एक बेटी है. आनंद के बड़े भाई और बहन बिहार में सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं. राजकुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने बड़े बेटे की शादी तय करने के लिए पांच दिन पहले ही पिता (आनंद के दादा) के साथ बिहार गए थे. आनंद को भी साथ जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में उसने जाने से मना कर दिया था. गोविंद नगर के एसएचओ अशोक कुमार दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला सरकारी नौकरी न मिलने के कारण उपजे डिप्रेशन और आत्महत्या का ही लग रहा है. फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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