Ind W Vs Eng W lords test: स्मृति मंधाना ने बनाए सर्वाधिक रन, सोफी के सर्वाधिक विकेट, फिर भी नहीं मिला POTM अवार्ड, Cricket Hindi News


लॉर्ड्स टेस्ट मैच में स्मृति मंधाना ने सर्वाधिक रन बनाए। उन्होंने दोनों पारियों में दो अर्धशतक जड़े। सोफी ने एक अर्धशतक लगाया और मैच में सर्वाधिक विकेट भी निकाले। हालांकि, इन दोनों खिलाड़ियों में से किसी को प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड नहीं मिला।

लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट क्रिकेट खेला गया। यह टेस्ट मैच भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ, जहां टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया। भारतीय क्रिकेट टीम लॉर्ड्स में मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बन गई है और इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया है। इस टेस्ट मैच में भारत की ओर से दो खिलाड़ियों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। क्रांति गौड़ लॉर्ड्स में फाइफर लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं तो यास्तिका भाटिया इस ऐतिहासिक स्टेडियम में शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला बल्लेबाज बनीं। इन दो खिलाड़ियों ने कीर्तिमान बनाए। क्रांति को पूरे मैच में 7 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। हालांकि, भारत को मैच जिताने और इंग्लैंड को मैच में बने रहने के पीछे दो और खिलाड़ियों का खास योगदान रहा, जिनकी चर्चा नहीं हुई। इन खिलाड़ियों ने मैच में दोनों पारियों को मिलाकर सर्वाधिक रन और सर्वाधिक विकेट भी लिए लेकिन प्लेयर ऑफ द मैच के दावेदारों में नहीं रहे। एक खिलाड़ी का नाम स्मृति मंधाना है और दूसरी का सोफी एक्लेस्टोन। सोफी ने सर्वाधिक विकेट लेने के साथ-साथ फिफ्टी भी जड़ी।

पर्दे के पीछे की नायिका रहीं स्मृति मंधाना

स्मृति मंधाना ने लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों में कमाल की बल्लेबाजी की लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और दोनों बार शतक के करीब पहुंचने के बाद पवेलियन लौट गईं। उन्होंने पहली पारी में 83 रन बनाए और दूसरी पारी में 70 रनों की पारी खेली। स्मृति मंधाना ने इस पूरे मैच में कुल 153 रन 76.50 की औसत और 64.29 की स्ट्राइक रेट से बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 20 चौके और 2 छक्के निकले। सही मायने में स्मृति मंधाना ने भारत की इस जीत की नीव रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आधारशिला तैयार की जिसके ऊपर मंजिलें बनती गईं। मंधाना को इस मुकाबले में बिल्कुल भी लाइमलाइट नहीं मिला लेकिन वे भारतीय टीम की अनसंग हीरो या पर्दे के पीछे की नायिका रहीं। मुख्य किरदार यास्तिका और क्रांति ने निभाया।

इंग्लैंड के लिए अंत तक लड़ीं सोफी एक्लेस्टोन

ठीक इसी तरह इंग्लैंड इस मुकाबले में वैसे तो कहीं था ही नहीं, लेकिन जहां भी पहुंचा और जितनी भी लड़ाई लड़ी उसमें सोफी एक्लेस्टोन का अहम योगदान रहा। वे इस पूरे मैच में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाजी रहीं। क्रांति गौड को 7 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया लेकिन सोफी ने उनसे एक विकेट ज्यादा निकाला और मैच की हाईएस्ट विकेट टेकर गेंदबाज रहीं। उन्होंने इस मुकाबले में 55 ओवर की गेंदबाजी की, जिसमें 23.25 की औसत से 168 रन खर्च करते हुए 8 विकेट निकाले। उन्होंने दूसरी पारी में 5 विकेट हॉल लिया और लॉर्ड्स के आनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराया। क्रांति ने 13 की औसत से 91 रन देकर 7 विकेट निकाले थे। सोफी ने बल्ले से भी योगदान दिया। दूसरी पारी में जब इंग्लैंड के सभी बल्लेबाज पवेलियन लौट रहे थे तो उन्होंने आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी और अर्धशतक जड़ा। वे मैच में 7वीं सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहीं। उन्होंने दो पारियों में 1 अर्धशतक की मदद से 55 रन बनाए।



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