भारत और रूस ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और दिल्ली के लाल किला परिसर के पास हुए आतंकी हमलों की निंदा की है। दोनों देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर सहयोग और मजबूत करने तथा आतंकियों और उनके संगठनों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर सहमति जताई।
यह सहमति बुधवार को नई दिल्ली में भारत-रूस आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह (ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप ऑन काउंटर टेररिज्म) की 14वीं बैठक में बनी। बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और रूस के उप विदेश मंत्री दिमित्री ल्यूबिन्स्की ने की। दोनों देशों के संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की। भारत और रूस ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला परिसर के पास हुए आतंकी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की सूची में शामिल आतंकियों और आतंकी संगठनों के साथ-साथ उनके सहयोगी और मुखौटा संगठनों के खिलाफ मिलकर सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया।
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आतंकवाद के वित्तपोषण के रोकथाम पर विस्तृत चर्चा
बैठक में उग्रवाद, कट्टरपंथ, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी गतिविधियों में नई तकनीकों तथा डिजिटल वित्तीय प्रणालियों के इस्तेमाल से पैदा हो रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इनसे निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। भारत और रूस ने वैश्विक तथा क्षेत्रीय स्तर पर उभरते आतंकी खतरों की भी समीक्षा की। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, यूरेशियन ग्रुप (ईएजी) और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) जैसे मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही तय किया गया कि संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक आपसी सहमति से रूस में आयोजित की जाएगी।