Mahmoud Ahmadinejad: अहमदीनेजाद को ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भाग लेते देखा गया था। वो मास्क और भारी कोट पहने थे और कई गार्डों के बीच घिरे थे। मोसाद उन्हें फिर से ईरान का राष्ट्रपति बनाने के प्लान पर काम कर रहा था।
हाइलाइट्स
- न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद पर खुलासा किया
- मोसाद अहमदीनेजाद को ईरान का नया राष्ट्रपति बनाना चाहता था
- अहमदीनेजाद की हंगरी में मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया से मिले थे

रिपोर्ट के मुताबिक अहमदीनेजाद को फिर से ईरान का राष्ट्रपति बनाने की कोशिशें की जा रही थीं जो नाकाम हो गईं। उन्होंने पिछले राष्ट्रपति चुनाव में भी अपनी उम्मीदवारी पेश की थी लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी गई। ये खुलासा ऐसे समय में किया गया है जब ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से युद्ध शुरू हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को जब इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था उस वक्त अहमदीनेजाद को उनके बॉडीगार्ड्स ने सुरक्षित उनके घर से बाहर निकाल लिया था।
अमेरिका ने अहमदीनेजाद पर जानकारी क्यों लीक की?
अब सवाल ये है कि आखिर अहमदीनेजाद को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने इतनी बड़ी जानकारी क्यों लीक कर दी है? इस खुलासे से ईरान के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। वहीं कई लोगों ने लिखा है कि अगर अहमदीनेजाद मोसाद के लिए काम कर सकते हैं तो फिर किसी पर भी विश्वास नहीं किया जा सकता है और शायद कोई भी मोसाद के लिए काम कर सकता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया है कि 2024 की शुरुआत में बुडापेस्ट की एक यूनिवर्सिटी के रेक्टर को हंगरी सरकार के एक बड़े अधिकारी से एक चौंकाने वाली गुज़ारिश मिली।
अधिकारी ने रेक्टर प्रोफेसर गेरगेली डेली को बताया कि लुडोविका यूनिवर्सिटी ऑफ पब्लिक सर्विस को जलवायु परिवर्तन पर एक कॉन्फ्रेंस आयोजित करनी चाहिए और एक ऐसे मेहमान को बुलाना चाहिए जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। वो नाम था ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद जिन्हें बहुत से लोग नापसंद करते हैं। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इसके पीछे की वजह थी। अधिकारी ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस असल में एक बहाना थी ताकि अहमदीनेजाद बुडापेस्ट में इजरायल के खुफिया एजेंटों के साथ गुप्त बातचीत कर सकें जबकि इजरायल ईरान का घोषित दुश्मन है।
अहमदीनेजाद को दोबारा ईरान का राष्ट्रपति बनाना चाहता था मोसाद
अहमदीनेजाद को ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भाग लेते देखा गया था। वो मास्क और भारी कोट पहने थे और कई गार्डों के बीच घिरे थे। NYT ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मोसाद की यह साजिश 2022 से चल रही थी और ऐसा माना जाता है कि उन्होंने इसमें साथ दिया क्योंकि वे विदेशी दखल को देश में दोबारा सत्ता हासिल करने का एक जरिया मान रहे थे। उन्हें नजरबंद इसलिए किया गया था क्योंकि ईरानी सरकार को इजरायली सरकार के साथ उनके संपर्कों पर शक था।
अहमदीनेजाद को यूरोप में इजरायली एजेंटों से मिलने जाने के दौरान यात्रा और रहने-सहने के खर्च के लिए इजरायल से आर्थिक मदद मिली थी जिसे इजरायल ने इतनी अहमियत दी कि तत्कालीन मोसाद निदेशक डेविड बार्निया ने 2024 में हंगरी की राजधानी में व्यक्तिगत रूप से अहमदीनेजाद से मुलाकात की थी। NYT का कहना है कि बाद में CIA को भी इस जोखिम भरे प्लान के बारे में जानकारी दी गई थी। हालांकि जब 28 फरवरी को इजरायल- अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया तो अहमदीनेजाद इस प्लान से हट गये। उन्हें इजरायल के इरादे पर शक होने लगा और उन्हें ये प्लान अवास्तविक लगने लगा।
