Isha Gramotsavam 2026: अब ‘ईशा’ बदलेगी तस्वीर, गांव बनेंगे खेल के मैदान – good news isha gramotsavam 2026 expands to north india with rural sports events across haryana uttar pradesh and himachal pradesh


ईशा ग्रामोत्सव का 18वां संस्करण पहली बार उत्तर भारत के कई राज्यों में आयोजित होगा। इस ग्रामीण खेल महोत्सव में 80 हजार से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। आयोजन का उद्देश्य खेल भावना बढ़ाना, नशे से दूर रखना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

Isha Gramotsavam 2026 Rural sports festival
ईशा ग्रामोत्सव 2026
कुरुक्षेत्र: वार्षिक ग्रामीण खेल उत्सव ईशा ग्रामोत्सव इस बार उत्तर भारत के गांवों में भी होने जा रहा है। सद्गुरु की ओर से 2004 में शुरू की गई इस पहल ने प्रतिभा दिखाने का एक मंच दिया है। ईशा ग्रामोत्सव के राष्ट्रीय समन्वयक स्वामी पुलका ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में खेल की भावना को बढ़ावा देना, लोगों को नशे की लत से दूर रखना और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत में यह महोत्सव लोकप्रिय हो गया है और अब पहली बार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में भी इसे आयोजित किया जा रहा है। 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की भागीदारी के साथ इसका 18वां संस्करण होगा। आयोजकों का कहना है कि इस बार टूर्नामेंट में 40 हजार गांवों के 80 हजार से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे। टूर्नामेंट में युवाओं से लेकर बुजुर्गों की भागीदारी भी होती है। करीब 15 हजार महिला खिलाड़ी शामिल होंगी।

विजेता टीम को मिलेंगे 5 लाख रुपये

जीतने वाली वॉलीबॉल और थ्रोबॉल टीमों को 5-5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि उपविजेता को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे। वॉलीबॉल (पुरुष) और थ्रोबॉल (महिला) के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। क्लस्टर मैच जुलाई में शुरू हो जाएंगे और फिनाले 6 सितंबर को कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में होगा। उत्तर प्रदेश में क्लस्टर स्तरीय मुकाबले लखनऊ, वाराणसी, मुजफ्फरनगर और मेरठ में होंगे। नोएडा में भी डिविजनल चरण के मैच होंगे। हरियाणा में पानीपत, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र में मुकाबले होंगे।

टीना

लेखक के बारे मेंटीना“टीना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की प्रक्रिया में हैं। फिलहाल वह नेशनल, क्राइम, जंगल न्यूज, गुड न्यूज और लोकल खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

इसके अलावा, एनबीटी की सोशल मीडिया टीम के साथ मिलकर वह लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स तक प्रभावशाली और भरोसेमंद कंटेंट पहुंचाने का काम कर रही हैं।

टीना ने अपने करियर की शुरुआत ‘फेमिनिज्म इन इंडिया’ से की, जहां उन्होंने समावेशी सोच, जेंडर संवेदनशीलता और सामाजिक मुद्दों को गहराई से समझा। और वहीं, समावेशी दुनिया की परिकल्पना से वाकिफ हुईं।

टीना का सकारात्मक पत्रकारिता और समावेशी लेखन की ओर बेहद झुकाव है। साथ ही, वह सीखने की प्रक्रिया में विश्वास रखती हैं।

टीना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन से स्नातक और डीयू से ही पत्रकारिता में डिप्लोमा भी प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने, गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से पत्रकारिता में परास्नातक की डिग्री हासिल की और डिजिटल मीडिया में कदम रखा।”और पढ़ें