ईशा सिंह ने बुधवार को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तीन बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता ईशा ने आईएसएसएफ विश्व कप के दूसरे दिन भारत का पदक खाता खोला। 21 वर्षीय भारतीय निशानेबाज ने फाइनल में 43 अंक का विश्व रिकॉर्ड स्कोर बनाकर मेजबान जर्मनी की पूर्व विश्व चैंपियन डोरीन वेनेकैंप को पांच अंकों से पीछे छोड़ा। बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा ने कांस्य पदक जीता।
फाइनल में दमदार प्रदर्शन
ओलंपिक शूटिंग रेंज में खेले गए फाइनल मुकाबले में ईशा ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने शुरुआती तीन सीरीज में परफेक्ट स्कोर लगाते हुए बाकी खिलाड़ियों पर बड़ी बढ़त बना ली। ईशा ने दो वर्ष पहले बाकू में कोरिया की किम ये-जी द्वारा बनाए गए 42 अंक के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड कायम किया। इसके साथ ही उन्होंने यांग जिन के 41 अंक के जूनियर विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। मौजूदा ओलंपिक चैंपियन यांग जिन इस मुकाबले में पांचवें स्थान पर रहीं।
क्वालिफिकेशन में चौथे स्थान पर रहीं ईशा
ईशा ने क्वालिफिकेशन के प्रिसिजन राउंड में 293 और रेपिड फायर राउंड में 294 अंक हासिल किए। कुल 587 अंक के साथ उन्होंने फाइनल के लिए चौथे स्थान पर क्वालीफाई किया। भारत की अन्य निशानेबाज मनु भाकर और राही सरनोबत क्रमशः 582 और 581 अंक के साथ 12वें और 14वें स्थान पर रहीं।
‘म्यूनिख में जीतना मेरे लिए खास था’
स्वर्ण पदक जीतने के बाद ईशा सिंह ने कहा, ‘म्यूनिख मेरे लिए बहुत मायने रखता था। यहां पिस्टल स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन होती है। शीर्ष-8 में जगह बनाना भी आसान नहीं होता। मैं यहां अपना तीसरा मौका खेल रही थी और इस बार जीतना चाहती थी।’ फाइनल के दबाव पर उन्होंने कहा, ‘मैं बिल्कुल शांत नहीं थी। एक समय मेरा बायां हाथ कांप रहा था। काफी घबराहट थी, लेकिन हमारे खेल में आपको उसी दबाव का सामना करना पड़ता है और अनुभव का मतलब भी यही होता है।’
50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन्स में आशी चौकसे फाइनल से चूकीं
महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन्स स्पर्धा में आशी चौकसे फाइनल में पहुंचने से एक अंक से चूक गईं। उन्होंने 589 अंक के साथ 10वां स्थान हासिल किया। स्विट्जरलैंड की एमिली जेगी ने 590 अंक के साथ आठवां और अंतिम फाइनल स्थान प्राप्त किया। वहीं मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कियारा लियोन 587 अंक के साथ 28वें स्थान पर रहीं। अन्य भारतीय प्रतिभागियों में विदर्स विनोद ने 588 अंक के साथ 14वां और तिलोत्तमा सेन ने 583 अंक के साथ 48वां स्थान हासिल किया।