ITR पोर्टल स्लो है? 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले ऐसे करें फाइलिंग और ई-वेरिफिकेशन | ITR Filing 2026: How To File Income Tax Return And E-Verify When Portal Is Slow Before July 31 Deadline


ITR पोर्टल स्लो है? 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले ऐसे करें फाइलिंग और ई-वेरिफिकेशन

इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को ट्रैफिक काफी बढ़ गया है, जिससे साइट सुस्त हो गई है। 31 जुलाई की डेडलाइन में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं। अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न फाइल या ई-वेरिफाई नहीं किया है, तो तुरंत सक्रिय हो जाएं। तकनीकी दिक्कतों की चर्चाओं के बावजूद, फिलहाल डेडलाइन बढ़ाने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेट फीस से बचने के लिए आप इन आसान और वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अगर लॉगिन करने या ओटीपी (OTP) आने में दिक्कत हो रही है, तो इंतजार करने के बजाय दूसरा रास्ता अपनाएं। आप नेट बैंकिंग, आधार ओटीपी या पहले से वैलिडेटेड बैंक या डीमैट अकाउंट के जरिए इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) का इस्तेमाल कर सकते हैं। बेहतर अनुभव के लिए डेस्कटॉप ब्राउज़र और इनकॉग्निटो (Incognito) विंडो का उपयोग करें। प्री-लॉगिन ई-वेरिफिकेशन के लिए अपना एक्नॉलेजमेंट नंबर पास रखें। अगर संभव हो, तो पोर्टल पर ट्रैफिक कम होने के समय (जैसे देर रात या सुबह) ट्राई करें।

ITR Filing 2026: How to File Income Tax Return and E-Verify When Portal is Slow Before July 31 Deadline

ITR पोर्टल स्लो है? ऑफलाइन JSON यूटिलिटी का करें इस्तेमाल

‘कॉमन ऑफलाइन यूटिलिटी’ की मदद से आप अपना रिटर्न बिना इंटरनेट के तैयार कर सकते हैं और पोर्टल चलने पर बस एक छोटी JSON फाइल अपलोड करनी होगी। इसके लिए AY 2026-27 की यूटिलिटी डाउनलोड करें, अपनी प्री-फिल्ड JSON फाइल इम्पोर्ट करें, सभी जानकारी भरें और फाइल वैलिडेट करके नई JSON जनरेट कर लें। अगर अपलोड में देरी हो रही है, तो ‘Verify later’ का विकल्प चुनें और पोर्टल ठीक होने पर ई-वेरिफाई करें। इससे आपका ऑनलाइन समय काफी बच जाएगा।

ई-वेरिफिकेशन के विकल्प: आधार OTP, नेट बैंकिंग और बैंक/डीमैट

रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया ई-वेरिफिकेशन के बिना अधूरी है। आज ही इनमें से कोई भी तरीका चुनें: आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग, बैंक या डीमैट अकाउंट के जरिए EVC, बैंक एटीएम या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC)। हर मोड के लिए कुछ आसान शर्तें हैं और जरूरत पड़ने पर ये बिना लॉगिन किए सिर्फ एक्नॉलेजमेंट नंबर के जरिए भी काम करते हैं। अगर एक तरीका फेल हो जाए, तो तुरंत दूसरे विकल्प पर स्विच करें।

टैक्स पेमेंट में दिक्कत? चालान एरर आने पर अपनाएं ये तरीके

क्या आपको चालान जनरेट करने या बैंक पेमेंट में दिक्कत आ रही है? ऐसे में ‘e-Pay Tax’ का इस्तेमाल करें और पेमेंट मोड बदल कर देखें। आप UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड, RTGS/NEFT या किसी भी अधिकृत बैंक की ब्रांच में जाकर सीधे काउंटर पर भुगतान कर सकते हैं। पेमेंट के बाद रसीद या चालान आइडेंटिफिकेशन नंबर (CIN) संभाल कर रखें ताकि ITR में इसे आसानी से अपडेट किया जा सके।

जल्दी फाइलिंग से होगा फायदा: FD पर ऐसे बढ़ेगा पैसा

जल्दी ITR फाइल करने का मतलब है जल्दी रिफंड, जिसे आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। नीचे दी गई टेबल से समझें कि 1 लाख रुपये अलग-अलग ब्याज दरों पर लंबी अवधि में कैसे बढ़ते हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच रिफंड के पैसे को सुरक्षित निवेश करने का यह बेहतरीन तरीका है। निवेश से पहले अपने बैंक की मौजूदा दरों की जांच जरूर कर लें।

अवधि 6% पर FD 7% पर FD 8% पर FD
5 साल Rs 1,33,823 Rs 1,40,255 Rs 1,46,933
10 साल Rs 1,79,085 Rs 1,96,715 Rs 2,15,893
15 साल Rs 2,39,656 Rs 2,75,911 Rs 3,17,217

दो जरूरी नियम याद रखें: देरी से रिटर्न भरने पर 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है और आप कई तरह के नुकसान (losses) को अगले सालों के लिए कैरी-फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे। फाइलिंग के बाद 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन जरूर पूरा करें, वरना आपका रिटर्न अमान्य हो सकता है या उसे देरी से भरा हुआ माना जाएगा। आज ही फाइल करें और आखिरी समय की टेंशन खत्म करें।



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