ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें | ITR Refund Status 2026-27: How To Check Refund, Bank Pre-Validation, And Interest Rules Explained


ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

AY 2026–27 के लिए आईटीआर (ITR) फाइल करने वाले कई टैक्सपेयर्स के खातों में आज, शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को रिफंड का पैसा आना शुरू हो गया है। अगर आप भी अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो तुरंत 3 जरूरी चीजें चेक कर लें: आपके रिटर्न का प्रोसेसिंग स्टेटस, बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेशन और क्या आपको धारा 143(1) के तहत इंटीमेशन (intimation) मिला है या नहीं। इन्हीं तीन चीजों से तय होता है कि आपका पैसा कब आएगा और अगर कहीं अटका है, तो उसे कैसे ठीक करना है।

ध्यान रखें कि आपके रिटर्न की प्रोसेसिंग तभी शुरू होती है, जब आप इसे वेरिफाई कर देते हैं। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट धारा 143(1) के तहत एक इंटीमेशन नोटिस जारी करता है। नियम के मुताबिक, यह इंटीमेशन उस वित्तीय वर्ष के खत्म होने के 9 महीनों के भीतर भेजा जाना जरूरी है जिसमें आपने रिटर्न फाइल किया है। वित्त वर्ष (FY) 2026–27 की फाइलिंग के लिए यह समयसीमा 31 दिसंबर 2027 तक है। आमतौर पर यह इंटीमेशन मिलने के बाद ही रिफंड का पैसा बैंक खाते में क्रेडिट होता है।

ITR Refund Status 2026-27: How to Check Refund, Bank Pre-Validation, and Interest Rules Explained

e‑filing पोर्टल पर ITR रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें

इसके लिए दो आसान तरीके हैं। पहला तरीका (बिना लॉगिन किए): ‘Know Refund Status’ पर जाएं और अपना पैन (PAN), असेसमेंट ईयर और कैप्चा कोड दर्ज करें। दूसरा तरीका (लॉगिन करने के बाद): e‑File → Income Tax Returns → View Filed Returns → View Details पर जाएं, या फिर Services → Refund Status पर क्लिक करें। यहां आपको ‘Refund issued’ (रिफंड जारी), ‘Refund failed’ (रिफंड फेल), ‘Adjusted against demand’ (मांग के बदले एडजस्ट) या ‘Under processing’ (प्रोसेसिंग में) जैसे स्टेटस दिखाई देंगे। अगर आपने प्रोफाइल में कोई बदलाव किया है, तो स्टेटस दोबारा जरूर चेक करें।

बैंक अकाउंट प्री‑वैलिडेशन और रिफंड री‑इश्यू की प्रक्रिया

अपने प्रोफाइल में जाएं, फिर ‘My Bank Account’ पर क्लिक करें, अपना पसंदीदा बैंक खाता जोड़ें और प्री-वैलिडेशन की प्रक्रिया पूरी करें। अगर गलत IFSC कोड, बंद खाता या नाम में गड़बड़ी के कारण रिफंड फेल हो गया है, तो ‘Refund Re‑issue Request’ डालें और इसे ई-वेरिफाई करें। रिफंड भेजने वाला बैंक यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), केवल प्री-वैलिडेटेड खाते में ही दोबारा पैसा भेजने की कोशिश करता है। ECS फेल होने पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर खाते को दोबारा वैलिडेट करें।

देरी से मिलने वाले रिफंड पर ब्याज और धारा 244A की दर

धारा 244A के तहत ज्यादातर रिफंड पर सालाना 6 फीसदी की दर से साधारण ब्याज मिलता है, जिसकी गणना हर महीने के आधार पर की जाती है। अपीलीय आदेशों (appellate orders) के मामले में 3 फीसदी का अतिरिक्त ब्याज मिलता है। यह ब्याज आमतौर पर रिटर्न फाइल करने या सेल्फ-असेसमेंट टैक्स के भुगतान की तारीख (जो भी बाद में हो) से मिलना शुरू होता है। हालांकि, अगर देरी आपकी किसी गलती की वजह से हुई है, तो उस अवधि का ब्याज नहीं मिलेगा। आधार लिंक न होने के कारण अगर पैन (PAN) निष्क्रिय हो गया है, तो उस दौरान भी ब्याज नहीं जुड़ेगा।

विकल्प/दर (Instrument/Rate) 5 years 10 years 15 years
ITR रिफंड पर ब्याज, 6% साधारण ₹13,000 ₹16,000 ₹19,000
7% सालाना पर FD, तिमाही कंपाउंडिंग ₹14,148 ₹20,016 ₹28,318

यह तालिका केवल ब्याज दरों के असर को समझाने के लिए है; रिफंड का पैसा खाते में आते ही ब्याज मिलना बंद हो जाता है। आमतौर पर बड़े बैंकों में 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें 6.5–7.0 प्रतिशत के आसपास रहती हैं।

आम गलतियां और शिकायत दर्ज कराने का तरीका

रिफंड में देरी की मुख्य वजहें अक्सर अनवेरिफाइड ITR, आधार लिंक न होने से निष्क्रिय पड़ा पैन (PAN) या बैंक वैलिडेशन के दौरान नाम का मिसमैच होना होती हैं। इसलिए 30 दिनों के भीतर अपना रिटर्न वेरिफाई करें, पैन-आधार की समस्या को ठीक करें और बैंक खाते को दोबारा वैलिडेट करें। अगर स्टेटस में ‘Refund failed’ दिख रहा है, तो ‘Refund Re‑issue’ के लिए रिक्वेस्ट डालें। इसके बाद भी बात न बने, तो ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत (grievance) दर्ज करें और जरूरत पड़ने पर CPGRAMS के जरिए इसे आगे बढ़ाएं।



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