Jio-bp ने दिया बड़ा झटका, अब Petrol ₹5 और Diesel ₹3 महंगा!
Jio-bp Petrol-Diesel Price: रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित निजी फ्यूल रिटेलर Jio-bp ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए हैं। नई कीमतें रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद पंजाब और हरियाणा में Jio-bp के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में दबाव बना हुआ है।

Jio-bp Petrol-Diesel Price
Jio-bp की ओर से कीमतें बढ़ाए जाने के बाद अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल के नए रेट सामने आए हैं। स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण शहरों और राज्यों के बीच कीमतों में अंतर हो सकता है।
- पंजाब में Jio-bp के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल करीब ₹108.54 प्रति लीटर और डीजल ₹99.19 प्रति लीटर बिक रहा है।
- हरियाणा में पेट्रोल की कीमत करीब ₹109.80 प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹97.75 प्रति लीटर हो गया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये Jio-bp के आउटलेट्स पर बताए गए रेट हैं। दूसरे पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग हो सकती हैं।
Nayara Energy के बाद Jio-bp ने बढ़ाए दाम
पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने वाली Jio-bp देश की दूसरी निजी फ्यूल रिटेल कंपनी है, जिसने पिछले 10 दिनों में दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले 3 अक्टूबर 2026 को रूस की Rosneft समर्थित Nayara Energy ने भी पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा किया था। Nayara Energy के देशभर में 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। वहीं, Jio-bp भारत के निजी फ्यूल रिटेल नेटवर्क में एक प्रमुख कंपनी है। Jio-bp की ओर से इस साल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह पहली बढ़ोतरी बताई जा रही है। दोनों कंपनियों के इस फैसले से निजी पेट्रोल पंपों और सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर मिलने वाले ईंधन की कीमतों में अंतर बढ़ सकता है।
West Asia संकट और कच्चे तेल की कीमतों का असर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतें अहम वजह हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और Strait of Hormuz से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इस समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ता है। इसका असर तेल कंपनियों की लागत और ईंधन की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है।
सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम
Jio-bp और Nayara Energy की ओर से कीमतें बढ़ाए जाने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में इसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की है। भारत के पेट्रोल पंप नेटवर्क में सरकारी तेल कंपनियों की हिस्सेदारी 90% से अधिक है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन खुदरा कीमतों में तत्काल बदलाव नहीं होता, तो तेल कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में निजी कंपनियां कीमतें बढ़ाकर अपनी लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर को कम करने की कोशिश कर सकती हैं। हालांकि, निजी और सरकारी पेट्रोल पंपों के बीच कीमतों का अंतर बढ़ने से ग्राहक कम कीमत वाले विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। डीजल का इस्तेमाल माल ढुलाई, कृषि और कई औद्योगिक गतिविधियों में होता है। इसकी कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आगे चलकर सामान और सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि Jio-bp की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दूसरी तेल कंपनियां भी दाम बढ़ाएंगी या नहीं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया के हालात और तेल कंपनियों के मार्जिन पर नजर रहेगी।
फिलहाल वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे ईंधन भरवाने से पहले अपने क्षेत्र में अलग-अलग पेट्रोल पंपों के रेट की तुलना कर लें।