Hiring Report 2026: दिग्गज कंपनियां धड़ल्ले से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन में इन्वेस्ट कर रही हैं। इस वजह से माना जा रहा है कि एआई तेजी से नौकरियां खत्म कर देगा। लेकिन एक रिपोर्ट बताती है कि एआई और मशीन लर्निंग की वजह से नौकरियां बढ़ रही हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की ‘फ्यूचर जॉब्स रिपोर्ट 2025’ में कहा गया था कि एआई आने वाले पांच सालों में 9.2 करोड़ नौकरियां खत्म कर सकता है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक जॉब्स रिपोर्ट में बेहतर करियर के लिए दो चीजों में तेजी से बढ़ते नौकरी के मौकों को इशारा किया है- AI और मशीन लर्निंग।
दरअसल, नौकरी जॉब्स स्पीक (जुलाई 2026) की रिपोर्ट में मौजूदा मार्केट के हिसाब से सेक्टर और शहर वाइज नौकरी के बढ़ते और कम होते ट्रेंड के बारे में मुख्य बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल की तुलना में भारत में व्हाइट कॉवर जॉब्स और AI/ML सेक्टर में अच्छा-खासा जंप देखने को मिला है।
व्हाइट कॉलर जॉब्स में 5% की बढ़त
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 तक भारत में व्हाइट कॉलर जॉब्स मार्केट पिछले साल (जुलाई 2025) के मुकाबले 5% बढ़कर 3,277 इंडेक्स वेल्यू पर पहुंच गया है। सिर्फ पिछले एक महीने में 6.6% की ग्रोथ दर्ज की गई है।
AI/ML सेक्टर में 33% का जंप
AI और मशीन लर्निंग (ML) सबसे तेजी से बढ़ने वाले जॉब सेक्टर के तौर पर उभरे हैं। पिछले साल के मुकाबले AI और ML रोल के लिए हायरिंग में जबरदस्त 33% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे पिछले दो सालों से चल रहा ग्रोथ का ट्रेंड और आगे बढ़ा है। इस वजह से, AI और ML भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट के सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाले सेक्टर बन गए हैं।
टेक्नोलॉजी कंपनियां अनुभवी AI प्रोफेशनल्स को हायर करने के लिए एक-दूसरे से होड़ कर रही हैं और बेहतरीन टैलेंट को पाने के लिए बढ़िया सैलरी पैकेज दे रही हैं। लंबे समय से सुस्त पड़े IT और सॉफ्टवेयर सर्विसेज सेक्टर ने वापसी करते हुए +6% की ग्रोथ देखी है। IT में सबसे ज्यादा डिमांड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी और AI रोल्स में रही।
Top Performing Sectors: सबसे ज्यादा इन सेक्टर्स में नौकरियां बढ़ीं
| सेक्टर | बढोत्तरी (%) |
| रिक्रूटमेंट/ स्टाफ | 54% (सबसे ज्यादा) |
| आर्किटेक्चर | 13% |
| इंश्योरेंस | 10% |
| रियल स्टेट एंड प्रोपर्टी | 8% |
| ऑफिस ऑटोमेशन | 8% |
| आईटी सर्विस/सॉफ्टवेयर | 6% |
| हेल्थकेयर | 6% |
| FMCG | 5% |
| BPO/ITES | 5% |
| रिटेल | 3% |
| ऑटो | 1% |
जुलाई के हायरिंग ट्रेंड्स एक ऐसे मार्केट की ओर इशारा करते हैं जो लगातार तेजी पकड़ रहा है। IT हायरिंग में बढ़ोतरी, AI टैलेंट की लगातार मांग और फ्रेशर्स की हायरिंग में लगातार हो रही बढ़ोतरी से पता चलता है कि कंपनियां भविष्य के लिए जरूरी स्किल्स और वर्कफोर्स को बढ़ाने, दोनों में इन्वेस्ट कर रही हैं। टेक्नोलॉजी हब के साथ-साथ उभरते शहरों का बढ़ता योगदान भारत के टैलेंट इकोसिस्टम की बढ़ती मजबूती को भी दर्शाता है।
हितेश ओबेरॉय, MD और CEO, इन्फो एज
इन शहरों में सबसे ज्यादा नौकरियां बढ़ीं
| शहर का नाम | ग्रोथ (%) |
| भुवनेश्वर | 24% |
| गांधीनगर | 23% |
| बरेली | 19% |
| नेल्लोर | 18% |
| कोलकाता | 17% |
| रायपुर, हैदराबाद, राजकोट | 16% |
| चेन्नई | 11% |
| इंदौर, कोटा | 10% |
| गुवाहाटी, नासिक | 9% |
| बेंगलुरु, जबलपुर और कोझिकोड | 8% |
| जयपुर, भरूच, कोयंबटूर, सलेम, हरिद्वार | 7% |
| कोच्चि, मैसूर, उदयपुर | 6% |
| पटना | 5% |
| पुणे, विशाखापट्टनम, मैंगलुरु | 4% |
| अहमदाबाद, विजयवाड़ा और नागपुर | 3% |
| सिलीगुड़ी | 2% |
| जमशेदपुर और जोधपुर | 1% |
सिर्फ प्रोफेशनल्स नहीं, फ्रेशर्स को भी नौकरी दे रही हैं कंपनियां
कंपनियां सिर्फ अनुभवी प्रोफेशनल्स को ही ढूंढ रही हैं, बल्कि नए टैलेंट को भी बड़े पैमाने पर हायर कर रही हैं। जुलाई में फ्रेशर्स की हायरिंग में सालाना आधार पर 6% की बढ़ोतरी हुई, जो करियर की शुरुआत में होने वाली हायरिंग में लगातार बने भरोसे को दिखाता है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की हायरिंग में भी 5% की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें चेन्नई और हैदराबाद मुख्य हायरिंग हब के तौर पर उभरे हैं। मिड-लेवल और सीनियर प्रोफेशनल्स की मांग भी बढ़ी है, जिससे पता चलता है कि मौजूदा जॉब मार्केट में प्रोफेशनल करियर के लगभग हर स्टेज पर मौके मौजूद हैं।
