Agniveer retirement 2026: भारतीय सेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहली बैच के अग्निवीरों की चार साल की सैन्य सेवा इस साल पूरी होने वाली है. अब इन अग्निवीरों के सामने अगला सवाल है कि सेवा पूरी होने के बाद वे कहां काम करेंगे. इसी को लेकर केंद्र सरकार पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs), राज्य पुलिस और भारतीय रेलवे में आगे सेवा का मौका देने की व्यवस्था पर काम कर रही है हालांकि केंद्र सरकार ने अभी पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से जुड़े अंतिम नियम जारी नहीं किए हैं. सरकार की ओर से विस्तृत अधिसूचना इसी महीने के अंत तक जारी किए जाने की संभावना बताई जा रही है.
अग्निवीरों को मिल सकता है पसंदीदा फोर्स चुनने का विकल्प
मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक पूर्व अग्निवीरों को भर्ती के दौरान अपनी पसंद की फोर्स या सेवा का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है हालांकि केवल पसंद बताने से यह तय नहीं होगा कि उन्हें उसी फोर्स में नौकरी मिलेगी.उपलब्ध पदों और रिक्तियों के आधार पर अंतिम फैसला उस भर्ती चक्र के लिए नियुक्त नोडल भर्ती बल करेगा. यह नोडल बल हर भर्ती चक्र में अलग भी हो सकता है या वही रह सकता है यानी किसी अग्निवीर को अपनी पसंद बताने का मौका मिल सकता है लेकिन नियुक्ति उपलब्ध पदों के आधार पर ही होगी.
हरियाणा या राजस्थान का अग्निवीर कहां करना चाहेगा नौकरी?
गृह मंत्रालय की बैठक में इस व्यवस्था को लेकर उदाहरण भी सामने रखे गए हैं. बैठक में शामिल एक व्यक्ति के मुताबिक हरियाणा का कोई अग्निवीर दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस या किसी खास केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में जाना पसंद कर सकता है.इसी तरह राजस्थान का कोई अग्निवीर राज्य पुलिस या किसी दूसरे CAPF में नौकरी करना चाह सकता है. इसी तरह की प्राथमिकताओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के तरीके पर गृह मंत्रालय की ओर से बनाई गई समिति काम कर रही है हालांकि यह अभी प्रस्तावित व्यवस्था है और अंतिम नियम सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद ही साफ होंगे.
BSF, CRPF, CISF समेत इन बलों में 50% पदों पर आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार पहले ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में बड़ा प्रावधान कर चुकी है.गृह मंत्रालय ने BSF यानी सीमा सुरक्षा बल, CRPF यानी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल , CISF यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल , ITBP यानी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और असम राइफल्स जैसे बलों में प्रवेश स्तर के 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों से भरने की घोषणा की है.इसके अलावा कुछ राज्यों ने भी राज्य पुलिस में पूर्व अग्निवीरों के लिए प्रवेश स्तर के पदों पर 10 से 20 प्रतिशत तक आरक्षण देने की घोषणा की है हालांकि अभी सभी राज्य पुलिस बलों ने पूर्व अग्निवीरों के लिए क्षैतिज आरक्षण यानी Horizontal Reservation की घोषणा नहीं की है.
इस महीने के अंत तक आ सकते हैं भर्ती के विस्तृत नियम
सरकार अब पूर्व अग्निवीरों को अलग-अलग सेवाओं में शामिल करने की पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है.मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक केंद्र सरकार इस महीने के अंत तक विस्तृत अधिसूचना जारी कर सकती है. इसमें पूर्व अग्निवीरों की भर्ती, उनकी प्राथमिकता, उपलब्ध रिक्तियों, नोडल भर्ती बल और अन्य नियमों को स्पष्ट किया जा सकता है.अभी तक सरकार ने इन नियमों को अंतिम रूप देकर आधिकारिक तौर पर अधिसूचित नहीं किया है.
युद्ध की ट्रेनिंग के बाद पुलिस ड्यूटी के लिए अलग प्रशिक्षण
अग्निवीरों को सेना में मुख्य रूप से सैन्य और युद्ध संबंधी प्रशिक्षण मिलता है लेकिन जब वे CAPFs या राज्य पुलिस जैसी सेवाओं में जाएंगे तो उन्हें आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े काम करने होंगे.इसी वजह से गृह मंत्रालय ने पिछले महीने हुई बैठक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने का निर्देश दिया है.इस प्रशिक्षण में आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार अलग-अलग सुरक्षा बल अपने स्तर पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं. इन मॉड्यूल में मुख्य रूप से आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों की ट्रेनिंग होगी. संबंधित बल बाद में अपने-अपने प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी अलग से जारी करेंगे.
पहली बैच में नौसेना के 2,600 अग्निवीर
भारतीय नौसेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए पहली बैच के 2,600 अग्निवीरों ने नवंबर 2022 में प्रशिक्षण शुरू किया था.इनमें से करीब 75 प्रतिशत अग्निवीर नवंबर 2026 तक चार साल की सेवा पूरी कर बाहर हो जाएंगे यानी इसी साल पहली बड़ी संख्या में अग्निवीर सैन्य सेवा से बाहर होकर अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए उपलब्ध होंगे.यही वजह है कि पूर्व अग्निवीरों को आगे दूसरी सरकारी सेवाओं में शामिल करने की व्यवस्था को लेकर सरकार की तैयारी तेज हो गई है.
CAPF में अभी 25,487 कांस्टेबल पदों पर भर्ती
इस समय अलग-अलग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबल के 25,487 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है. इससे पहले 2025 में CAPFs में 39,481 रिक्तियां थीं.ऐसे में आने वाले वर्षों में पूर्व अग्निवीरों के लिए इन बलों में भर्ती का बड़ा अवसर बन सकता है हालांकि कितने पूर्व अग्निवीरों को किस भर्ती चक्र में मौका मिलेगा.यह उपलब्ध रिक्तियों और सरकार की अंतिम भर्ती नीति पर निर्भर करेगा.
2026-27 के लिए नोटिफिकेशन अगले महीने
मामले से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी SSC अगले महीने 2026-27 के लिए CAPFs में कांस्टेबल (जनरल डयूटी)की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर सकता है.आमतौर पर यह भर्ती प्रक्रिया सितंबर के आसपास शुरू होती है.ऐसे में पहली बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने और CAPFs की आगामी भर्ती प्रक्रिया को देखते हुए यह व्यवस्था आने वाले समय में काफी महत्वपूर्ण हो सकती है.
हर साल 10 से 15 हजार पूर्व अग्निवीर हो सकते हैं उपलब्ध
मामले से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती कुछ बैचों के बाद हर साल करीब 10,000 से 15,000 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करके बाहर आ सकते हैं.इससे आने वाले वर्षों में पूर्व अग्निवीरों को CAPFs, राज्य पुलिस और दूसरी सरकारी सेवाओं में शामिल करने की व्यवस्था का दायरा काफी बड़ा हो सकता है.फिलहाल सरकार का फोकस ऐसी भर्ती व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें पूर्व अग्निवीरों को उनकी सैन्य ट्रेनिंग का फायदा मिले और उन्हें आंतरिक सुरक्षा व कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों के लिए जरूरी अतिरिक्त प्रशिक्षण भी दिया जा सके.
अभी क्या साफ है और क्या तय होना बाकी?
फिलहाल पूर्व अग्निवीरों को लेकर कुछ व्यवस्थाएं पहले ही घोषित हो चुकी हैं जबकि कुछ पर अंतिम फैसला होना बाकी है.जो बातें सामने आ चुकी हैं-
- BSF, CRPF, CISF, ITBP और असम राइफल्स जैसे CAPFs में प्रवेश स्तर के 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों से भरने की घोषणा की जा चुकी है.
- कुछ राज्यों ने पुलिस में 10 से 20 प्रतिशत तक पद पूर्व अग्निवीरों के लिए रखने की घोषणा की है.
- CAPFs पूर्व अग्निवीरों के लिए आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं.
जो बातें अभी तय होनी बाकी हैं-
- पूर्व अग्निवीरों को किस तरह अपनी पसंद की फोर्स बताने का विकल्प मिलेगा.
- किस भर्ती चक्र में कौन सा बल नोडल भर्ती एजेंसी की भूमिका निभाएगा.
- अलग-अलग सेवाओं में नियुक्ति का अंतिम तरीका क्या होगा.
- सभी राज्यों में आरक्षण और भर्ती के नियम किस तरह लागू होंगे.
यानी पहली बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने से पहले केंद्र सरकार इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी में है. अंतिम तस्वीर गृह मंत्रालय की विस्तृत अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी.