LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: ‘बीमा प्लेटिनम’ और ‘जीवन रक्षा’ में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट? | LIC New Policies 2026: Bima Platinum Vs Jeevan Raksha Features, Benefits And Tax Rules Explained


LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: ‘बीमा प्लेटिनम’ और ‘जीवन रक्षा’ में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 से दो नई रिटेल पॉलिसियों की बिक्री शुरू कर दी है। इसमें ‘बीमा प्लेटिनम’ (Bima Platinum) जहां गारंटीड सेविंग्स के साथ सुरक्षा देती है, वहीं ‘जीवन रक्षा’ (Jeevan Raksha) एक प्योर टर्म प्लान है। इन दोनों ही पॉलिसियों को ऑनलाइन या एजेंट के जरिए आसानी से खरीदा जा सकता है। एलआईसी की वेबसाइट पर ये प्लान 07/09/2026 से उपलब्ध हैं, वहीं इनके यूआईएन (UIN) और प्लान से जुड़ी अन्य जानकारियां आधिकारिक ब्रोशर में दे दी गई हैं।

बीमा प्लेटिनम एक नॉन-पार्टिसिपेटिंग और नॉन-लिंक्ड प्लान है, जिसमें ग्राहकों को लिमिटेड प्रीमियम भुगतान का विकल्प मिलता है। प्रीमियम पेमेंट टर्म के दौरान इसमें हर साल सालाना प्रीमियम के प्रति हजार रुपये पर 70 रुपये का गारंटीड एडिशन जुड़ता है। पॉलिसी में बेसिक सम एश्योर्ड का 10 फीसदी रेगुलर इनकम के रूप में मिलेगा, जबकि आगे चलकर 70 फीसदी का बूस्टर पेआउट भी दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस पॉलिसी पर लोन भी लिया जा सकता है, जिसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 में ब्याज दर 9.5 फीसदी रखी गई है। एक साल पूरा होने के बाद पॉलिसी सरेंडर करने की सुविधा है और इसमें 30 दिनों का फ्री-लुक पीरियड भी मिलता है। इसके सभी फायदे पूरी तरह से गारंटीड हैं।

LIC New Policies 2026: Bima Platinum vs Jeevan Raksha Features, Benefits and Tax Rules Explained

बीमा प्लेटिनम बनाम जीवन रक्षा: फीचर्स, राइडर्स और पेआउट की पूरी डिटेल

फीचर्स बीमा प्लेटिनम जीवन रक्षा
प्लान का प्रकार नॉन-पार, नॉन-लिंक्ड, सेविंग्स + प्रोटेक्शन नॉन-पार, नॉन-लिंक्ड, प्योर टर्म प्लान
प्रीमियम विकल्प लिमिटेड: 7/10/12/15/18 साल सिंगल, रेगुलर या लिमिटेड 10/15 साल
बेसिक सम एश्योर्ड न्यूनतम 3 लाख रुपये; अधिकतम की कोई सीमा नहीं (अंडरराइटिंग के अनुसार) प्रति व्यक्ति 5 से 24 लाख रुपये
पेआउट स्ट्रक्चर 10% सालाना इनकम; 70% बूस्टर; मैच्योरिटी पर बेसिक सम एश्योर्ड + गारंटीड एडिशन कोई मैच्योरिटी नहीं; सिर्फ डेथ बेनेफिट; किश्तों में पेआउट का विकल्प
राइडर्स एक्सीडेंट बेनेफिट, न्यू टर्म राइडर, प्रीमियम वेवर (माइनर), क्रिटिकल इलनेस एक्सीडेंट बेनेफिट (वैकल्पिक)
लोन / सरेंडर लोन की सुविधा; 1 साल बाद सरेंडर; 30 दिनों का फ्री-लुक लोन सुविधा नहीं; केवल अनएक्सपायर्ड रिस्क प्रीमियम का सरेंडर; 30 दिनों का फ्री-लुक

एलआईसी की ‘जीवन रक्षा’ एक प्योर रिस्क कवर (टर्म प्लान) है, इसलिए इसमें कोई मैच्योरिटी बेनेफिट नहीं मिलता। इसमें प्रीमियम चुकाने के लिए सिंगल, रेगुलर या फिर 10 और 15 साल के लिमिटेड टर्म का ऑप्शन चुना जा सकता है। इस प्लान में एंट्री की उम्र 18 से 45 साल रखी गई है और इसमें कवर अधिकतम 60 साल की उम्र तक मिलता है। इसके तहत 5 लाख से 24 लाख रुपये तक का सम एश्योर्ड लिया जा सकता है। महिलाओं और नॉन-स्मॉकर्स को प्रीमियम में राहत मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डेथ बेनेफिट किश्तों पर 5.11 फीसदी की प्रभावी ब्याज दर तय की गई है।

टैक्स के नियम: सेक्शन 80C, 115BAC और 10(10D) से जुड़ी जरूरी बातें

इन पॉलिसियों में टैक्स छूट के लिए सेक्शन 80C का फायदा केवल ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने पर ही मिलेगा। ध्यान रखें कि वित्त वर्ष 2023-24 से नया टैक्स रिजीम (Section 115BAC) डिफॉल्ट विकल्प बन चुका है। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद जारी नॉन-यूलिप पॉलिसियों से मिलने वाला मैच्योरिटी अमाउंट टैक्सेबल हो सकता है, बशर्ते किसी भी वित्त वर्ष में कुल सालाना प्रीमियम 5 लाख रुपये से ज्यादा हो। हालांकि, सेक्शन 10(10D) के तहत डेथ क्लेम की रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री रहेगी।

किसके लिए सही है यह पॉलिसी और कैसे करें अप्लाई? पढ़ें पूरी चेकलिस्ट

अगर आप बिना किसी रिस्क के गारंटीड कैशफ्लो और स्थिरता चाहते हैं, तो ‘बीमा प्लेटिनम’ आपके लिए सही choice है। लेकिन अगर आपकी प्राथमिकता मार्केट-लिंक्ड ग्रोथ है, तो इससे दूर रहें। वहीं कम प्रीमियम में बड़ा लाइफ कवर चाहने वालों के लिए ‘जीवन रक्षा’ बेहतरीन विकल्प है। पॉलिसी लेने से पहले अपनी जरूरतों, टर्म की अवधि, राइडर्स, मेडिकल टेस्ट और सभी नियमों को ध्यान से जांच लें। अप्लाई करने के लिए licindia.in पर जाएं या अपने एलआईसी एजेंट से संपर्क करें। आवेदन के समय पैन (PAN), आधार (Aadhaar) और इनकम प्रूफ तैयार रखें। कई निवेशक बेहतर रिटर्न और लिक्विडिटी के लिए टर्म कवर को पीपीएफ (PPF) या ईएलएसएस (ELSS) के साथ मिलाकर लेना पसंद करते हैं।



Leave a Comment