LOC: छटपटाया पाकिस्तान, युद्ध की तैयारियां देखने ले. जनरल मोहित मल्होत्रा अमोघ डिवीजन पहुंचे – indian army lieutenant general mohit malhotra review operational preparedness forward areas of amogh division near pakistan border
Indian Army: लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा भारतीय सेना की अमोघ डिवीजन पहुंचे। वह सेना की ऑपरेशनल तैयारी के साथ-साथ मौजूदा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का जायजा लेने पहुंचे।
ले. जनरल मोहित मल्होत्रा अमोघ डिवीजन पहुंचे
नई दिल्ली: भारतीय सेना की साउथ वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा (AVSM, SM) ने अमोघ डिवीजन के फॉरवर्ड इलाकों का दौरा किया। उन्होंने यह दौरा अमोघ डिवीजन की ऑपरेशनल तैयारियों और मिशन के लिए तत्परता का जायजा लेने के लिए किया। इस दौरे से भारतीय सेना का वह संकल्प फिर से पक्का हुआ, जिसके तहत वह रणनीतिक रूप से अहम ऑपरेशनल इलाकों में तकनीकी क्षमताओं और लॉजिस्टिकल मजबूती को बढ़ाने के साथ-साथ युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहने के ऊंचे मानकों को बनाए रखने पर लगातार जोर देती है। अमोघ डिवीजन भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान (दक्षिण पश्चिमी कमान) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मुख्य रूप से भारत की राजस्थान और पंजाब में पाकिस्तान से लगती सीमाओं यानी नियंत्रण रेखा (LOC) की सुरक्षा और रणनीतिक तैयारियों के लिए जानी जाती है।
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा फॉरवर्ड इलाके तक पहुंचे
सोशल मीडिया एक्स पर एक न्यूज एजेंसी ने लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा के दौरे की तस्वीरें शेयर की हैं। पोस्ट में कहा गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने फॉरवर्ड इलाकों का दौरा किया। उन्होंने फॉर्मेशन की ऑपरेशनल तैनाती, इलाके की मौजूदा स्थितियों और मिशन को और असरदार बनाने के लिए क्षमता बढ़ाने की कोशिशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
युद्ध की तैयारी बनाए रखने के उपायों की समीक्षा की
आर्मी कमांडर मोहित मल्होत्रा ने फॉर्मेशन की ऑपरेशनल स्थिति और अग्रिम इलाकों में मजबूत निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और युद्ध की तैयारी बनाए रखने के लिए लागू किए जा रहे उपायों की समीक्षा की।
लगातार बदलते और कई तरह के सुरक्षा माहौल में राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए भारतीय सेना की व्यापक प्रतिबद्धता में मिशन पर केंद्रित ऑपरेशनल क्षमताएं बनाए रखना अहम है।
आपने मुश्किल हालात में शांति, स्थिरता और ऑपरेशनल श्रेष्ठता बनाए रखने में बहुमूल्य योगदान दिया है।
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने जवानों से बातचीत में उनका हौसला बढ़ाया
सेना की अमोघ डिवीजन क्या है
भारतीय सेना की अमोघ डिवीजन दरअसल 16 इन्फैंट्री डिवीजन है। यह एक अहम ऑपरेशनल यूनिट है, जिसका मुख्यालय राजस्थान के श्रीगंगानगर में है। अमोघ डिवीजन का कामकाज पंजाब के फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट और राजस्थान की सीमा से लगे इलाकों तक फैला हुआ है।
बठिंडा स्थित X कोर के तहत काम करते हुए इसका मुख्य मकसद पश्चिमी सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखना और थार रेगिस्तान के मल्टी-डोमेन इलाके में मशीनीकृत और टेक्नोलॉजी-आधारित ऑपरेशन चलाना है।
मिलिट्री ऑपरेशन में नई तैयारियों की समीक्षा
मिलिट्री ऑपरेशन्स में नई तकनीकों को शामिल करना भारतीय सेना के बदलाव के एजेंडे का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। इससे सेना की टुकड़ियों को हालात की बेहतर समझ मिलती है, फैसले लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है और मिशन की कुल क्षमताएं बढ़ती हैं।
आर्मी कमांडर ने लॉजिस्टिकल क्षमताओं को मजबूत करने के उपायों की भी समीक्षा की, जो लंबे समय तक चलने वाले सैन्य अभियानों के लिए बहुत जरूरी हैं।
मजबूत लॉजिस्टिक सिस्टम होना बहुत जरूरी
लड़ाई की क्षमता बनाए रखने के लिए कुशल और मजबूत लॉजिस्टिकल सिस्टम बहुत जरूरी हैं, खासकर अग्रिम इलाकों में। जहां समय पर ऑपरेशनल सपोर्ट मिशन की सफलता पर काफी असर डालता है।
ऑपरेशनल प्लानिंग के साथ लॉजिस्टिक्स का बेहतर तालमेल भारतीय सेना की अलग-अलग जगहों पर तैनाती के दौरान तैयारी बनाए रखने की क्षमता को बढ़ाता है।
जवानों का बढ़ाया हौसला, की तारीफ
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने अग्रिम इलाकों में तैनात अधिकारियों, जूनियर लीडरों और सैनिकों से बातचीत करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने सभी रैंक के लोगों की बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म, अटूट सतर्कता और ड्यूटी के प्रति पक्के समर्पण की तारीफ की। उन्होंने मुश्किल हालात में शांति, स्थिरता और ऑपरेशनल श्रेष्ठता बनाए रखने में उनके बहुमूल्य योगदान को सराहा।
लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।
दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।
दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।
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पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।
दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें