<p>दो दिन में दो हादसे देखकर भी अगर आप होश में नहीं आते हैं..और इन हादसों के ज़िम्मेदार सिस्टम को हिलाकर उठा नहीं देते हैं..तो ये दुर्गति कल फिर होगी। सिर्फ़ शहर और इमारत बदलेगी..आपकी नियति नहीं। कल दिल्ली के एक होटल में आग से 21 जानें चली गईं। आज मुज़फ्फरपुर के अस्पताल में आग से 5 लोग बेमौत मारे गये… दो दिन में दो हादसे देखकर भी अगर आप होश में नहीं आते हैं..और इन हादसों के ज़िम्मेदार सिस्टम को हिलाकर उठा नहीं देते हैं..तो ये दुर्गति कल फिर होगी। सिर्फ़ शहर और इमारत बदलेगी..आपकी नियति नहीं। कल दिल्ली के एक होटल में आग से 21 जानें चली गईं। आज मुज़फ्फरपुर के अस्पताल में आग से 5 लोग बेमौत मारे गये… दो दिन में दो हादसे देखकर भी अगर आप होश में नहीं आते हैं..और इन हादसों के ज़िम्मेदार सिस्टम को हिलाकर उठा नहीं देते हैं..तो ये दुर्गति कल फिर होगी। सिर्फ़ शहर और इमारत बदलेगी..आपकी नियति नहीं। कल दिल्ली के एक होटल में आग से 21 जानें चली गईं। आज मुज़फ्फरपुर के अस्पताल में आग से 5 लोग बेमौत मारे गये… </p>