Mea:इबोला के कारण टला भारत और अफ्रीकी संघ का शिखर सम्मेलन, विदेश मंत्रालय ने कहा- हम सहयोग देने के लिए तैयार – India-africa Forum Summit Postponed In View Of Concerns Over The Spread Of Ebola Virus


भारत और अफ्रीकी संघ ने 28-31 मई को नई दिल्ली में होने वाले भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। इबोला वायरस के फैलने को लेकर चिंताओं के कारण यह कदम उठाया गया है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इसको स्थगित करने के कारणों का स्पष्ट रूप से जिक्र नहीं किया लेकिन कहा कि शिखर सम्मेलन की नई तारीखें अफ्रीकी देशों के साथ परामर्श के बाद तय की जाएंगी। 

कांगो में 136 लोगों की इबोला के प्रकोप से मौत

कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप बढ़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया है। अब इस इस अफ्रीकी देश में इस प्रकोप के कारण 136 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर है।

भारत ने अफ्रीकी महाद्वीप के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए शिखर सम्मेलन में योजना पेश करने की तैयारी की थी। कई अफ्रीकी देशों के शीर्ष नेताओं ने इस सम्मेलन में भाग लेने की पुष्टि पहले ही कर दी थी। 

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि भारत और अफ्रीकी संघ ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बदलती स्वास्थ्य स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी तथा प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई। इसमें अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और दूसरे देशों के स्वास्थ्य संस्थानों को मदद देना भी शामिल है। अफ्रीका सीडीसी अफ्रीकी संघ की एक स्वतंत्र महाद्वीपीय स्वास्थ्य एजेंसी है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अफ्रीका के लोगों और सरकारों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई। उन्होंने बदलती स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के नेतृत्व में चल रहे प्रयासों में योगदान देने के लिए भारत तैयार है।  

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उन्होंने माना कि अफ्रकी नेताओं और हितधारकों की पूरी भागीदारी जरूरी है। अफ्रीका महाद्वीप में उभरती स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के बीच शिखर सम्मेलन और संबंधितगतिविधियों को लेकर परामर्श हुआ। 

अफ्रीका में मौजूदगी बढ़ाने पर भारत का फोकस

इन परामर्शों के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन को बाद की तारीख में आयोजित करना बेहतर होगा। आगामी शिखर सम्मेलन का उद्देश्य भारत और अफ्रीका के संबंधों में बड़े बदलाव और मजबूती लाना था। भारत की विकास साझेदारी नीति अफ्रीका की प्राथमिकताओं और स्थानीय स्वामित्व पर आधारित रही है। नई दिल्ली अफ्रीका में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर भी फोकस कर रहा है। 

2018 के बाद से भारत ने अफ्रीका में अपनी कूटनीतिक मौजूदगी का विस्तार करते हुए 17 नए मिशन खोले हैं, जिससे कुल संख्या 46 हो गई है।


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