NDA Meeting Today: बीते 12 साल में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सियासत को बदलकर रख दिया है। दोनों की सियासी रणनीति की वजह से ही बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए ने केंद्र से लेकर कई राज्यों में सत्ता हासिल की है।

संसद में विपक्ष को मात देने की तैयारी में मोदी-शाह
पीएम मोदी और गृह मत्री शाह बीजेपी के अलावा विपक्ष को मात देने के लिए भी रणनीति बना रहे हैं। 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद में मानसून सत्र में ऐसी चर्चाएं तेज हैं कि सरकार महिलाओं के लिए कोटा देने के मकसद से लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन बिल फिर से ला सकती है। बैठक में शामिल होने वाले नेताओं में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, राजीव रंजन सिंह, चिराग पासवान, राममोहन नायडू और अन्य शामिल हो सकते हैं।
PM-CM को हटाने वाला बिल भी आ सकता है।
- विपक्ष के कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की संभावना है, जिनमें NEET पेपर लीक, पश्चिम एशिया संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत और पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना शामिल है।
- अमित शाह बड़े दांव को चलते हुए संसद में एक संविधान संशोधन बिल पेश कर सकते हैं, जिसमें गंभीर आरोपों के तहत लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान है। सरकार पैनल की सिफारिशों के आधार पर आधिकारिक संशोधन ला सकती है।
NDA के लिए संख्या बल की बड़ी परीक्षा
- यह सत्ताधारी NDA के लिए संख्या बल की परीक्षा होगी, क्योंकि संविधान संशोधन के लिए मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों में से दो-तिहाई के समर्थन की जरूरत होती है। यहां भी मोदी और शाह की रणनीति काम आ सकती है।
- इससे पहले संसद के पिछले सत्र में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला ऐसा ही एक संविधान बिल निचले सदन में गिर गया था, क्योंकि सरकार ज़रूरी संख्या नहीं जुटा पाई थी।
परिसीमन बिल पर भी मोदी-शाह की होगी कड़ी परीक्षा
आगामी सत्र में, सरकार महिलाओं के आरक्षण बिल का संशोधित संस्करण और परिसीमन बिल भी संसद में पारित कराने के लिए ला सकती है। पता चला है कि सरकार सभी राज्यों के लिए लोकसभा सीटों की संख्या 50% तक बढ़ाने के कई तरीकों पर काम कर रही है ताकि दक्षिणी राज्यों की चिंताओं को दूर किया जा सके, क्योंकि वह महिला कोटा कानून पर संविधान संशोधन बिल का नया ड्राफ्ट लागू करना चाहती है।
यह ड्राफ्ट दक्षिणी राज्यों की चिंताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन प्रक्रिया से लोकसभा में उनकी राजनीतिक ताकत कम हो जाएगी। सरकार को लोकसभा में 2/3 बहुमत नहीं मिलेगा।
जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव
कांग्रेस डीएमके और आप के संपर्क में
AICC के महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस DMK और AAP समेत उन सभी विपक्षी दलों के संपर्क में है, जिन्होंने परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन बिल को हराने के लिए मिलकर वोट किया था।
पीएम मोदी के आवास पर दूसरी अहम बैठक
डेक्कन हेराल्ड की एक खबर के मुताबिक, इससे पहले गुरुवार रात को बीजेपी के बड़े नेताओं के बीच देर रात को एक बैठकक हुई। बैठक में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में नई टीम के ऐलान को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मानसून सत्र से कुछ दिन पहले गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, महासचिव बीएल संतोष और नवीन के बीच बैठक हुई। कुछ ही दिनों के भीतर यह इस तरह की दूसरी बैठक थी।
पीएम मोदी और शाह ने 45 मिनट से ज्यादा वक्त चर्चा की
- प्रधानमंत्री के आवास पर हुई यह बैठक दो घंटे से ज्यादा समय तक चली। बैठक खत्म होने के बाद, शाह ने प्रधानमंत्री के साथ 45 मिनट से ज्यादा समय तक एक और बैठक की।
- बीजेपी सूत्रों ने बताया कि यह बैठक बीजेपी में संगठन में होने वाले बहुप्रतीक्षित फेरबदल के बारे में थी; कुछ दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर भी ऐसी ही बैठक हुई थी, जब प्रधानमंत्री दौरे पर गए हुए थे। नवीन, जिन्हें इस साल जनवरी में बीजेपी अध्यक्ष बनाया गया था, उन्हें जल्द ही पदाधिकारियों की अपनी टीम मिलने वाली है।
मानसून सत्र से पहले बीजेपी के नए पदाधिकारियों की लिस्ट संभव
- बीजेपी के नए पदाधिकारियों की लिस्ट संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकती है, जो 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। एक महासचिव ने कहा कि चुनाव से जुड़ी बातों का भी ध्यान रखना होगा।
- बीजेपी नेताओं ने बताया कि पिछली बैठकों में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई थी, जबकि बुधवार की बैठक में प्रधानमंत्री ने नामों को मंज़ूरी दी। नेताओं के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कुछ बदलावों का सुझाव दिया है। नई टीम में महिलाओं और युवा नेताओं को ज़्यादा प्रतिनिधित्व देने का ध्यान रखा जाएगा। कुछ चौंकाने वाले नाम भी सामने आ सकते हैं, जिनमें कुछ खास क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं।
यूपी और सीमावर्ती राज्य पंजाब समेत कुछ अहम राज्यों में 2027 में चुनाव होने हैं। इसलिए नामों में इन राज्यों के राजनीतिक समीकरणों का भी ध्यान रखना होगा।
एक बीजेपी नेता
यूपी में मिशन 2027 की रणनीतियों को धार
- मिशन यूपी-2027 को लेकर भाजपा कई रणनीतियों को एक साथ चुनावी धार देने में जुटी है। हारी और दस हजार से कम वोटों से जीती विधान सभा सीटों पर ऐसे प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिनके पास कांटे की टक्कर वाली सीटों पर चुनाव लड़ने या लड़ाने का अनुभव होगा।
- पार्टी ऐसी सीटों एवं विधान सभा प्रभारियों की सूची बनानी शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने पदाधिकारियों को होमवर्क दे दिया है।
मिशन पंजाब का आज होने जा रहा तगड़ा आगाज
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को पंजाब के दौरे पर हेल्थकेयर समेत 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने वाले हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री का यह दौरा राज्य में हेल्थकेयर से जुड़ी पहलों को मज़बूत करने और नई रेलवे कनेक्टिविटी पर केंद्रित होगा।
- लगभग 1,200 करोड़ रुपये की ये हेल्थकेयर परियोजनाएं उत्तर भारत में एडवांस्ड मेडिकल ट्रीटमेंट, रिसर्च और शिक्षा को और बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
- विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने के अलावा, इस दौरे पर राजनीतिक कारणों से भी करीबी नज़र रखी जाएगी, क्योंकि राज्य में बीजेपी की नई चुनावी रणनीति के बाद प्रधानमंत्री का पंजाब का यह पहला दौरा होगा। बीजेपी ने कहा है कि वह आगामी चुनावों में पंजाब के लिए एक स्वतंत्र रणनीति अपनाएगी।
इंडिया ब्लॉक में बिखराव से मिल रहा बीजेपी को फायदा
- कांग्रेस की अगुवाई वाले ‘इंडिया’ ब्लॉक में हालिया विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन, सीट बंटवारे को लेकर असहमति और गठबंधन सहयोगियों के बीच आंतरिक तनाव के कारण बिखराव और दरार की स्थिति देखी जा रही है।महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद दिल्ली में मिली चुनावी हार ने क्षेत्रीय दलों (TMC, DMK, RJD, और AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की क्षमता को लेकर अविश्वास पैदा किया है। इससे बीजेपी को ही फायदा पहुंच रहा है।
- पश्चिम बंगाल में टीएमसी और पंजाब में आम आदमी पार्टी द्वारा कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारे पर मतभेद और अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा से एकता में कमी आई है। वहीं, वामपंथी दलों (CPI-M) ने केरल में कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर लिखित स्पष्टीकरण की मांग की थी। इसके अलावा, डीएमके (DMK) द्वारा लोकसभा में अलग बैठने की मांग करने जैसे मामले भी सामने आए हैं।
- आगामी परिसीमन बिल के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों के सुर अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं, जहां कुछ दल इसका विरोध कर रहे हैं वहीं अन्य इसके समर्थन में संकेत दे रहे हैं।
