MP की इस यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा करने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला


विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने भोपाल स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय (SRK University Bhopal) से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले करीब 52 अभ्यर्थियों को बड़ा झटका दिया है।

कोर्ट ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा उनकी उम्मीदवारी अमान्य घोषित किए जाने के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए करीब एक दर्जन रिट याचिकाएं खारिज कर दीं।

न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान की एकलपीठ ने कहा कि आयोग ने उपलब्ध जांच रिपोर्ट और सत्यापन के आधार पर अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित किया है।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने वर्ष 2018 में एसआरके विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। 2019 में बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने जूनियर इंजीनियर के 6379 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था।

दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग के बाद उनका नाम दो अप्रैल 2022 को जारी अंतिम मेधा सूची में भी शामिल किया गया था। उनका तर्क था कि वे विज्ञापन में निर्धारित योग्यता पूरी करते थे।

आयोग ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर विश्वविद्यालयों की जांच के लिए दल भेजे गए थे। कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार और सहायक अभियंता सुजीत कुमार की चार दिसंबर 2024 की संयुक्त रिपोर्ट में एसआरके विश्वविद्यालय से संबंधित 126 छात्रों के प्रमाण पत्र व अंकपत्रों के सत्यापन में अनियमितताएं पाई गईं।

इसके बाद आयोग ने 20 दिसंबर 2024 के ज्ञापन से सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा वाले सभी 146 आवेदकों के आवेदन अमान्य कर दिए। हाई कोर्ट ने जांच रिपोर्ट को देखते हुए आयोग की कार्रवाई को उचित माना और सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।



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