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Sharad Pawar Chanakya Chal: महाराष्ट्र में नई राजनीति बयार बहने लगी है. 85 वर्षीय शरद पवार आज भी चाणक्य वाली चाल चल रहे हैं. वह आज भी हारी हुई बाजी जीतने का मद्दा रखते हैं. अब उन्होंने ऐसा चक्रव्यूह रचा है जिसमें उनकी बहू सुनेत्रा पवार खुद उलझती हुई दिख रही हैं. उनकी पार्टी यानी एनसीपी ही उनके हाथ से निकलती दिख रही है. अगर ऐसा होता है तो एकीकृत एनसीपी की कमान फिर से शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के हाथों में आ सकती है.
महाराष्ट्र में शरद पवार ने फिर से चाणक्य वाली चाल चल दी है. फोटो- पीटीआई
Sharad Pawar Chanakya Chal: महाराष्ट्र में कुछ बड़े राजनीतिक बदलाव की बयार बहने लगी है. लेकिन, यह बयार ऑपरेशन लोटस की तरह किसी दल के टूटने को लेकर नहीं है. दरअसल, पिछले दिनों बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और फिर महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना-यूबीटी में टूट के बाद ये कयास लगाए जाने लगे थे कि अब बारी एनसीपी-एसपी की है. महाराष्ट्र के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी भी टूटने वाली है. लेकिन, चाणक्य यानी शरद पवार ने, ऐसा लगता है कि पूरा खेल पलट दिया है. अब ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि शरद पवार की पार्टी टूटने की बजाय और मजबूत होगी. एनसीपी के दोनों धड़े यानी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार की पार्टी का विलय हो सकता है.
दरअसल, इस पूरी कहानी को समझने के लिए थोड़ा बैकग्राउंड में जाना होगा. 2023 में एनसीपी तोड़ने वाले शरद पवार के भतीजे दिवंगत अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के हाथों में इस वक्त पार्टी की कमान है. अजित पवार का इसी साल 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी. उनके आसमयिक मृत्यु से पहले इस बात चर्चा जोरों पर थी कि चाचा-भतीजे एक बार फिर एक साथ आएंगे. दोनों धड़ों ने पुणे और अन्य जगहों पर निकाय चुनावों में गठबंधन भी किया था. दोनों पार्टियों के अंदर शीर्ष स्तर पर बातचीत काफी आगे बढ़ गई थी, लेकिन अजीत दादा की मौत ने इन सभी कवायदों को पटरी से उतार दिया.
उनके निधन के बाद सुनेत्रा पवार पार्टी की प्रमुख बनीं और उनकी जगह राज्य सरकार में डिप्टी सीएम का पद भी मिला. लेकिन, उसके बाद से एनसीपी के भीतर सुनेत्रा के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे. फिर पिछले दिनों एक ऐसी घटना घटी जिससे लगा कि पार्टी चीफ होने के बावजूद सुनेत्रा का पार्टी पर कोई नियंत्रण नहीं रहा.
पिक्चर में आए देवेंद्र फडणवीस
दरअसल, बुधवार देर रात एनसीपी के कई बड़े नेताओं ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की. पार्टी अध्यक्ष होने के बावजूद सुनेत्रा को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी. जब उनको इस मुलाकात की जानकारी मिली तो वह बहुत नाराज हुईं. लेकिन, तब तक चीजें हाथ से निकल गई थीं. इससे यह पता चल गया कि अब एनसीपी पर उनका कंट्रोल नहीं रहा. इस मुलाकात में शरद पवार की एनसीपी-एसपी के भी नेता मौजूद थे. ऐसे में इस कयास को पूरा बल मिल रहा है कि देवेंद्र फडणवीस की पहल पर एनसीपी के दोनों गुट एकजुट होने जा रहे हैं. और इस नई एनसीपी में सुनेत्रा पवार की वो हैसियस नहीं रहेगी जो अभी है. इसकी कमान परोक्ष तौर पर शरद पवार के हाथों में होगी.
वैसे तो शरद पवार अब बहुत बुजुर्ग हो चुके हैं. वह 85 साल के हो गए हैं. लेकिन, राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और बेटी सुप्रिया सुले के हाथ मजबूत करने में लगे हैं. 2022 में सुप्रिया को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने को एनसीपी में टूट की एक वजह माना गया. सुप्रिया को कमान से अजीत पवार ने नाराज हो गए और उन्होंने बगावत की पूरी रूपरेखा तैयार की. लेकिन, अब समय बदल गया है. अजीत पवार हैं नहीं. कार्यकर्ताओं के बीच सुनेत्रा पवार वैसी छाप नहीं छोड़ पाई हैं. उनके बेटे भी अभी राजनीतिक रूप से बहुत प्रभावी साबित नहीं हुए हैं. ऐसे में इसकी पूरी संभावना है कि एनसीपी का एकीकरण हो जाए और उसकी कमान सुप्रिया सुले के हाथ में हो. सुप्रिया राजनीतिक रूप से काफी परिपक्व हो चुकी हैं. वह कई बार की सांसद हैं और उनका व्यक्तित्व भी पिता की तरह सबको साथ लेकर चलने की है.
परदे के पीछे भाजपा
अब आते हैं मूल मुद्दे पर. इस पूरे खेल में परदे के पीछे भाजपा है. केंद्र में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को पास कराने के लिए एनसीपी-एसपी की जरूरत है. उसके पास लोकसभा में नौ सांसद हैं. भाजपा इनका समर्थन चाहती है. एनसीपी-एसपी का एक धड़ा भाजपा के साथ जाना भी चाहता है. लेकिन, शरद पवार ऐन मौके पर एक्टिव हुए और पार्टी को बचाने के लिए भाजपा के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा जिससे फडणवीस भी खारिज नहीं कर पाए. शरद पवार की पिछले दिनों देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ हुई मुलाकातों को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. अब अगर ऐसा होता है तो शरद पवार को उनकी खोई हुई पार्टी मिल जाएगी. सुप्रिया सुले को पार्टी की कमान मिल जाएगी. भाजपा को केंद्र में सांसदों का समर्थन मिल जाएगा और महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की सरकार को और मजबूती मिल जाएगी.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें