NEET पेपर लीक पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी, कहा- वायु सेना की मदद लेना कामचलाऊ, ठोस प्लान बताओ – neet paper leak case supreme court has sought a fresh affidavit from govt detailing reforms process said air force use for a re-test a ad hoc measure
NEET Paper Leak Issue: नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से छोटी से छोटी डिटेल मांगी है। कोर्ट ने री-नीट एग्जाम में भारतीय वायु सेना की मदद को कामचलाऊ बताते हुए, ठोस प्लान मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट की तस्वीर। (फोटो सोर्स- sci.gov.in)
Supreme Court on NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को NEET-UG पेपर लीक के बाद सुधारों को लागू करने में हुई प्रोग्रेस पर नया डिटेल्ड हलफनामा (affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने कोर्ट बताया था कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
NEET को CBT में कराने से पहले देनी होगी पूरी जानकारी
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि हलफनामे में कामचलाऊ उपायों पर निर्भर रहने के बजाय सुधारों को संस्थागत बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया जाना चाहिए। केंद्र सरकार अगले साल से नीट यूजी परीक्षा ‘कंप्यूटर बेस्ड’ (CBT) मोड में कराने की तैयारी कर रही है।
इस पर कोर्ट ने प्रस्तावित गवर्निंग बोर्ड, एक्सपर्ट्स के नेतृत्व वाली यूनिट्स, स्टेकहोल्डर के नामांकन और दस क्षेत्रों (जिनमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, रिसर्च और डेवलपमेंट, पारदर्शिता, प्रशासन और मानव संसाधन शामिल हैं) में हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के बारे में जानकारी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी रिपोर्ट
कोर्ट ने केंद्र से नीट एग्जाम में सुरक्षा, निगरानी और सतर्कता के लिए हाल ही में नियुक्त अतिरिक्त महानिदेशकों (Additional Directors General) की भूमिका और प्रगति के बारे में भी बताने को कहा। बेंच ने एग्जाम साइकिल के हर चरण- परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद में सुधारों पर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी। कोर्ट ने केंद्र से राज्य और जिला अधिकारियों के साथ टेस्टिंग के तरीकों, कई सेशन में होने वाली परीक्षाओं, परीक्षा केंद्रों, प्रश्न पत्रों, प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन पर हुई प्रोग्रेस की बारीक से बारीक जानकारी मांगी है।
SC ने री-नीट में वायु सेना की मदद को बताया कामचलाऊ
कोर्ट ने कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग (CBT) में बदलने के प्रस्ताव और डेटा सुरक्षा के उपायों के बारे में भी जानकारी मांगी। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि पेपर लीक के बाद (प्रश्न पत्रों के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए) भारतीय वायु सेना की तैनाती केवल एक कामचलाऊ रास्ता था और यह कोई ठोस प्लान नहीं हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘हम पूरे साल इस पर नजर रखेंगे’
कोर्ट ने केंद्र से उम्मीदवारों के वेरिफिकेशन के लिए डिजीयात्रा (DigiYatra) जैसी तकनीकों पर अपने प्रस्ताव के बारे में भी बताने को कहा। यह देखते हुए कि केंद्र के हलफनामे में इन मुद्दों पर बात नहीं की गई है, कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के इस आश्वासन को स्वीकार कर लिया कि एक नया हलफनामा दाखिल किया जाएगा। कोर्ट ने मामले को अगले सोमवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा, ‘हम इस पर बारीकी से नजर रखेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सुधारों को संस्थागत रूप दिया जाए। हम पूरे साल इस पर नजर रखेंगे।’
लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।
अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।
गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।
दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें