NEET 2026 Topper: पहले पेपर के बाद खूब रोया था नीट टाॅपर आर्यन, अपने को खोने के बाद ठाना था- डाॅक्टर बनूंगा – neet 2026 topper air 1 aryan gupta cried after first paper cancellation know decided to become doctor after losing grandmother


NEET UG Topper Aryan Gupta Story in Hindi: नीट यूजी 2026 रिजल्ट जारी कर दिया गया है। पंजाब के आर्यन गुप्ता नीट टाॅपर बने हैं। उन्होंने 15-16 घंटे पढ़ाई करके अपना सपना पूरा किया। आर्यन गुप्ता ने संयुक्त रूप से ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। उनके भाई आदित्य ने उन्हें बहुत सहारा दिया और उनका हौसला बढ़ाया। जानते हैं उनका पूरा सफर और वह डाॅक्टर क्यों बनना चाहते हैं।

NEET 2026 AIR-1 Aryan Gupta Success Story
NEET 2026 AIR-1 आर्यन गुप्ता की सफलता की कहानी। (फोटो-ANI)
NEET 2026 AIR-1 Aryan Gupta Success Story: नीट यूजी 2026 रिजल्ट जारी होते ही जिस नाम ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है, वह है पंजाब के आर्यन गुप्ता। उन्होंने 720 में 715 अंक लाकर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की। लेकिन आर्यन की सफलता की कहानी सिर्फ टाॅप करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस संघर्ष की है जब 3 मई को होने वाले पहले नीट पेपर के बाद वह खूब रोए थे। उनका डाॅक्टर बनने का लक्ष्य अपने को खोने के बाद रखा था। आर्यन के पिता भी डाॅक्टर हैं और उनका भाई भी MBBS कर रहा है। उनकी नीट की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं कैसे उन्होंने पहले पेपर के बाद खुद को संभाला और सफलता की चमक बिखेरी।

NEET टॉपर आर्यन ने बताया- ‘पहले पेपर रद्द होने के बाद बहुत रोया था’

NEET टॉपर आर्यन ने बताया- ‘पहले पेपर रद्द होने के बाद बहुत रोया था’

​नीट 2026 टाॅपर आर्यन ने एक वीडियों में बताया कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा की तैयारी खूब की थी। पहले पेपर रद्द होने के बाद उन्हें बहुत बुरा लगा। जब उन्हें पता चला कि परीक्षा रद्द हो गई है, तो वे बहुत रोए थे। उन्होंने कहा कि इस झटके ने उन्हें ज्यादा समय तक निराश नहीं रखा। आर्यन ने बताया कि अगले ही दिन वे अपनी पढ़ाई में वापस लग गए। उन्होंने कहा कि वे इतनी आसानी से हार मानने को तैयार नहीं थे, हालांकि वापस तैयारी में उन्हें लगभग एक सप्ताह लग गया। (फोटो-ANI)(

नीट री-एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन, मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भाई ने दी हिम्मत

नीट री-एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन, मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भाई ने दी हिम्मत

आर्यन का नजरिया बदलने में उनके भाई आदित्य का बड़ा हाथ था। वह अभी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उन्होंने आर्यन का हमेशा सपोर्ट किया। आर्यन ने उन मुश्किल दिनों में आदित्य को अपनी हिम्मत का साथी बताया। उन्होंने कहा कि आदित्य ने उन्हें री-टेस्ट को सजा के तौर पर नहीं, बल्कि तैयारी करने और और भी बेहतर प्रदर्शन करने के एक दूसरे मौके के तौर पर देखने के लिए प्रेरित किया। (फोटो-IANS)

16-17 घंटे की पढ़ाई, नीट में 720 में से 715 अंक हासिल किए

16-17 घंटे की पढ़ाई, नीट में 720 में से 715 अंक हासिल किए

आर्यन गुप्ता ने NEET UG परीक्षा में 99.9999 परसेंटाइल के शानदार स्कोर के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की। जब यह खबर उनके परिवार को मिली, तो सबने उनकी इस शानदार कामयाबी का जश्न मनाया। उन्होंने बताया कि लगातार कड़ी मेहनत और 16-17 घंटे की पढ़ाई के बाद 720 में से 715 अंक हासिल किए और टॉप रैंक पाई।

कई बार ऐसा भी हुआ जब वे बिना थके पढ़ते रहे और अपने लक्ष्य को पाने के पक्के इरादे के कारण उन्हें ठीक से नींद भी नहीं आती थी। आर्यन, जिनके माता-पिता डॉक्टर हैं, ने इस पल को अविश्वसनीय बताया। (फोटो-IANS)

दादी को खोने का बाद आर्यन ने लिया था डाॅक्टर बनने का संकल्प

दादी को खोने का बाद आर्यन ने लिया था डाॅक्टर बनने का संकल्प

वह बताते हैं कि उनके परिवार में सभी लोग डाॅक्टर हैं। उनका भाई भी MBBS कर रहे हैं। वह ऑन्कोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं और कैंसर के इलाज के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। आर्यन ने कहा कि उनकी दादी की कैंसर से लड़ाई ने उनके करियर के चुनाव पर गहरा असर डाला। जब वे तीसरी क्लास में थे, तब उन्होंने अपनी दादी को खो दिया था और उसके बाद से उन्होंने दूसरों की जिंदगी में बदलाव लाने का सपना देखने के लिए प्रेरित किया। (फोटो-ANI)

नीट वालों के लिए आर्यन का संदेश- शिक्षकों पर भरोसा करना जरूरी

नीट वालों के लिए आर्यन का संदेश- शिक्षकों पर भरोसा करना जरूरी

NEET UG में टॉप रैंक हासिल करके आर्यन गुप्ता ने अपने सपने को पूरा करने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठाया है। हालांकि, उनका मानना है कि यह तो बस शुरुआत है और आगे अभी लंबा सफर तय करना है, जिसमें सही मेडिकल कॉलेज चुनना और लगातार सीखते रहना शामिल है।

NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आर्यन ने सलाह दी कि शिक्षकों पर भरोसा करना जरूरी है क्योंकि उनके पास सालों का अनुभव और मार्गदर्शन होता है। उनका मानना है कि ईमानदारी, लगन और निरंतरता के साथ काम करने के लिए हमेशा सफलता मिलती है। (फोटो-IANS)

शुभम

लेखक के बारे मेंशुभमशुभम नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 6 साल का अनुभव है। शुभम का मुख्य फोकस शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। वे खासतौर पर उन छात्रों और युवाओं के लिए लिखते हैं, जो अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं और सही गाइडेंस की तलाश में रहते हैं।

शुभम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इतिहास, भूगोल और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर काम करते हैं। सामान्य ज्ञान में वे भारतीय संविधान, करंट अफेयर्स, विज्ञान और तकनीक से जुड़े आसान टॉपिक्स, खेल, पुरस्कार और देश-दुनिया से जुड़ी जरूरी जानकारियों को कवर करते हैं। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज से जुड़ी खबरें, बोर्ड परीक्षाओं के अपडेट्स, एग्जाम पैटर्न, सिलेबस, रिजल्ट और एग्जाम टिप्स भी पाठकों तक पहुंचाते हैं। JEE, NEET, CUET जैसी बड़ी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी, कॉलेज एडमिशन-प्लेसमेंट अपडेट, एक्सपर्ट एडवाइज और करियर ऑप्शन से जुड़े टाॅपिक्स पर भी उनकी अच्छी पकड़ है।

खुद को हमेशा अपडेट रखने और अपने लेखन को बेहतर बनाने के लिए शुभम शिक्षा और करियर से जुड़े एक्सपर्ट्स, ऑफिशियल सोर्स और सरकारी व आधिकारिक वेबसाइट्स को नियमित रूप से फॉलो करते हैं। उनका उद्देश्य यही रहता है कि पाठकों तक जो भी जानकारी पहुंचे, वह सही, सटीक और काम की हो।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से आने वाले शुभम ने बरेली की इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेश में बैचलर डिग्री (BJMC) कंप्लीट की है। उन्होंने साल 2020 में प्रिंट मीडिया से अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए उन्होंने खबरों को करीब से समझा। उन्होंने दैनिक जागरण, Leverage Edu और प्रभात खबर डिजिटल जैसे संस्थानों में काम किया हैं, जहां उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट लिखने और एडिटोरियल डेस्क पर काम करने का अच्छा अनुभव मिला।

वर्तमान में शुभम एनबीटी एजुकेशन टीम का हिस्सा हैं। वे इस बात का खास ध्यान रखते हैं कि छात्रों और युवाओं को एक ही जगह जनरल नाॅलेज-करेंट अफेयर्स, काॅलेज एडमिशन-प्लेसमेंट अपडेट्स, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिल सके। अपनी राइटिंग में वे तथ्यों की जांच को सबसे ज्यादा अहमियत देते हैं और कोई भी खबर प्रकाशित करने से पहले ऑफिशियल सोर्स से उसकी पुष्टि जरूर करते हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सही और पूरी जानकारी मिले, जो उनके लिए जरूरी है।… और पढ़ें