NEET Topper Story: जिस बेटे के लिए साइंटिस्ट मां ने छोड़ दी नौकरी, वो बना नीट स्टेट टॉपर, JEE भी निकाला – success story of neet topper aryan dubey who also cracked jee mother left scientist job for him


NEET UG Topper Aryan Dubey Success Story: बेटे की परवरिश के लिए मां ने साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ दी। आज वही बेटा नीट स्टेट टाॅपर बना है। आर्यन दुबे की सफलता की कहानी में सिर्फ नीट ही बल्कि जेईई एग्जाम को क्रैक करना भी शामिल है। आइए जानते हैं कैसे उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग एग्जाम की तैयारी की और दोनों एग्जाम क्रैक किए।

Aryan Dubey NEET UG Success Story
NEET टाॅपर आर्यन दुबे की सफलता। (फोटो-x.com/nit46280/Pexels)
Aryan Dubey NEET Success Story : बच्चों की पढ़ाई सही से हो सके, मां ने बेटे के लिए अपनी साइंटिस्ट की नौकरी छोड़ दी। बेटे ने भी मां के त्याग को समझा और नीट स्टेट टाॅपर बनकर अपनी चमक बिखेरी। यह कहानी आर्यन दुबे की है, जिन्होंने NEET 2026 में 720 में से 710 अंक हासिल करके न सिर्फ स्टेट टाॅपर बने, बल्कि ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल की। उन्होंने जेईई एग्जाम को भी क्रैक किया है और उसमें भी अच्छी रैंक हासिल की थी।

NEET UG में यूपी स्टेट टॉपर और ऑल इंडिया रैंक-7 हासिल करने वाले आर्यन ने अपनी मेहनत और लगन से नया मुकाम हासिल किया है। आइए जानते हैं कैसे इंजीनियरिंग और मेडिकल एग्जाम क्रैक करने वाले आर्यन की कहानी मेहनत, सही रणनीति और लक्ष्य पर फोकस की है।

9वीं क्लास से शुरू हुआ था आर्यन का सफर

एक वीडियो में आर्यन दुबे बताते हैं कि वह DPS वाराणसी के छात्र हैं। उनका सफर 9वीं क्लास में ही शुरू हो गया था, जब उन्होंने डॉक्टर बनने का फैसला किया था। आर्यन ने 10वीं में 97.6 प्रतिशत अंक और 12वीं में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। हमेशा से पढ़ाई में मेधावी रहने के बाद उनका मानना है कि जब आप किसी चीज के लिए अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग करते हैं और उसका नतीजा इतना शानदार होता है, तो वह सारी मेहनत सार्थक हो जाती है।

पिता IIT-BHU में प्रोफेसर, मां ने साइंटिस्ट की नौकरी छोड़कर की परवरिश

आर्यन दुबे के पिता वाराणसी के IIT-BHU में बायोकेमिकल विभाग में प्रोफसर हैं। उनकी मां मोनू पांडे भी साइंटिस्ट रह चुकी हैं। हालांकि, आर्यन और उनकी बहन की पढ़ाई के लिए मां ने अपना काम छोड़कर घर पर रहना चुना, जिससे बच्चों पर ध्यान दिया जा सके। नीट एग्जाम पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद आर्यन को परेशानी हुई थी लेकिन उन्होंने खुद मोटिवेट रखा और इस दौरान परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया।

पहले निकाला JEE मेंस, अब AIR-7 लाकर बने नीट स्टेट टाॅपर

आर्यन ने पहले मेडिकल और इंजीनियरिंग एग्जाम, दोनों पर फोकस किया था। पहले उन्होंने जेईई मेंस परीक्षा में शानदार 99.699 परसेंटाइल हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने RE-NEET परीक्षा में 720 में से 710 अंक हासिल किए। वह न सिर्फ उत्तर प्रदेश में स्टेट टाॅपर बने, बल्कि ऑल इंडिया रैंक (AIR) 7 भी हासिल की।

आर्यन ने कहा कि उसने इस साल की शुरुआत में हुई NEET परीक्षा में 720 में से 715 अंक हासिल किए थे। हालांकि, पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद वह बहुत निराश हुआ और कुछ समय के लिए उसका मोटिवेशन खत्म हो गया। उसके माता-पिता और शिक्षकों ने उसका हौसला बढ़ाया और उसे याद दिलाया कि उसकी एकमात्र जिम्मेदारी अपनी तैयारी और कड़ी मेहनत पर ध्यान देना है। निराशा के कारण वह लगभग 10 दिनों तक ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाया लेकिन बाद में उसने अपना ध्यान वापस पाया और वापसी की।

NEET की तैयारी के लिए रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे आर्यन

अपनी तैयारी की रणनीति के बारे में आर्यन ने बताया कि वह रोजाना पूरी लगन के साथ 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे। कोचिंग क्लास जाने से पहले वह कम से कम डेढ़ घंटे सेल्फ-स्टडी जरूर करते थे। वह स्कूल जाने से पहले भी डेढ़ घंटे पढ़ाई करते थे और कोचिंग से लौटने के बाद लगभग 5 घंटे तक पढ़ाई जारी रखते थे। कभी-कभी वह नीट के टाॅपिक्स पढ़ते तो कभी वह जेईई परीक्षा के सवालों को देखते थे।

आर्यन ने कहा कि एक बार टाइम-टेबल बनाने के बाद, उसे सही से फाॅलो करना जरूरी है। चाहे मोटिवेशन महसूस हो या न हो, वह हर दिन अपनी तय पढ़ाई के घंटे पूरे पूरे करके ही सफलता तक पहुंचा जा सकता है।

शुभम

लेखक के बारे मेंशुभमशुभम नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 6 साल का अनुभव है। शुभम का मुख्य फोकस शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है। वे खासतौर पर उन छात्रों और युवाओं के लिए लिखते हैं, जो अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होते हैं और सही गाइडेंस की तलाश में रहते हैं।

शुभम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इतिहास, भूगोल और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर काम करते हैं। सामान्य ज्ञान में वे भारतीय संविधान, करंट अफेयर्स, विज्ञान और तकनीक से जुड़े आसान टॉपिक्स, खेल, पुरस्कार और देश-दुनिया से जुड़ी जरूरी जानकारियों को कवर करते हैं। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज से जुड़ी खबरें, बोर्ड परीक्षाओं के अपडेट्स, एग्जाम पैटर्न, सिलेबस, रिजल्ट और एग्जाम टिप्स भी पाठकों तक पहुंचाते हैं। JEE, NEET, CUET जैसी बड़ी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी, कॉलेज एडमिशन-प्लेसमेंट अपडेट, एक्सपर्ट एडवाइज और करियर ऑप्शन से जुड़े टाॅपिक्स पर भी उनकी अच्छी पकड़ है।

खुद को हमेशा अपडेट रखने और अपने लेखन को बेहतर बनाने के लिए शुभम शिक्षा और करियर से जुड़े एक्सपर्ट्स, ऑफिशियल सोर्स और सरकारी व आधिकारिक वेबसाइट्स को नियमित रूप से फॉलो करते हैं। उनका उद्देश्य यही रहता है कि पाठकों तक जो भी जानकारी पहुंचे, वह सही, सटीक और काम की हो।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से आने वाले शुभम ने बरेली की इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेश में बैचलर डिग्री (BJMC) कंप्लीट की है। उन्होंने साल 2020 में प्रिंट मीडिया से अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए उन्होंने खबरों को करीब से समझा। उन्होंने दैनिक जागरण, Leverage Edu और प्रभात खबर डिजिटल जैसे संस्थानों में काम किया हैं, जहां उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट लिखने और एडिटोरियल डेस्क पर काम करने का अच्छा अनुभव मिला।

वर्तमान में शुभम एनबीटी एजुकेशन टीम का हिस्सा हैं। वे इस बात का खास ध्यान रखते हैं कि छात्रों और युवाओं को एक ही जगह जनरल नाॅलेज-करेंट अफेयर्स, काॅलेज एडमिशन-प्लेसमेंट अपडेट्स, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिल सके। अपनी राइटिंग में वे तथ्यों की जांच को सबसे ज्यादा अहमियत देते हैं और कोई भी खबर प्रकाशित करने से पहले ऑफिशियल सोर्स से उसकी पुष्टि जरूर करते हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सही और पूरी जानकारी मिले, जो उनके लिए जरूरी है।… और पढ़ें