Nifty October Outlook: बाज़ार में मच गया कोहराम! तबाही के बाद अक्टूबर में क्या बदलेगा पूरा खेल? | Nifty October Outlook: Market in Chaos! After the September Carnage, What Will Change in October?


Nifty October Outlook: बाज़ार में मच गया कोहराम! तबाही के बाद अक्टूबर में क्या बदलेगा पूरा खेल?

सितंबर का महीना शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रहा। Nifty एक महीने में 6 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है और लगातार कई हफ्तों की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब अक्टूबर से बाजार को राहत की उम्मीद है। सवाल है कि क्या अक्टूबर इस बार भी निवेशकों को कमाई का मौका देगा और क्या पिछले 10 साल का आंकड़ा कोई उम्मीद देता है?

Nifty October Outlook

2016 से 2025 तक अक्टूबर में Nifty के प्रदर्शन को देखें तो तस्वीर मिली-जुली रही है। इन 10 साल में 7 बार Nifty ने सकारात्मक रिटर्न दिया, जबकि 3 बार गिरावट दर्ज हुई। यानी अक्टूबर ज्यादातर मौकों पर बाजार के लिए सकारात्मक रहा है, लेकिन इस महीने में बड़ी गिरावट भी देखने को मिली है।

10 साल में Nifty का प्रदर्शन-

2016 में अक्टूबर में Nifty 0.17 फीसदी चढ़ा था। 2017 में इंडेक्स 5.59 फीसदी ऊपर रहा। हालांकि 2018 में Nifty करीब 4.98 फीसदी टूट गया। उस समय कच्चे तेल की ऊंची कीमत, रुपये की कमजोरी और वैश्विक बाजारों में दबाव का असर भारतीय बाजार पर पड़ा था। इसके बाद 2019 में Nifty 3.51 फीसदी चढ़ा। 2020 में भी इंडेक्स 3.51 फीसदी ऊपर रहा। 2021 में तेजी सीमित रही और Nifty सिर्फ 0.37 फीसदी बढ़ा। वहीं 2022 में अक्टूबर का प्रदर्शन मजबूत रहा और Nifty 5.37 फीसदी चढ़ा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव-

2023 में Nifty 2.84 फीसदी गिरा, जबकि 2024 में अक्टूबर की गिरावट करीब 6.28 फीसदी रही। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ऊंची वैल्यूएशन और कमजोर कॉरपोरेट नतीजों जैसी चिंताओं ने बाजार पर दबाव बनाया। हालांकि 2025 में Nifty ने वापसी की और अक्टूबर में 4.51 फीसदी चढ़ा।

रिकवरी आएगी या कमजोरी रहेगी-

अब अक्टूबर 2026 में सिर्फ ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर बाजार की दिशा तय नहीं की जा सकती। सितंबर में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के बाद निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या बाजार में रिकवरी शुरू होगी या कमजोरी आगे भी जारी रहेगी। अक्टूबर में FII की गतिविधियां अहम रहेंगी। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर, कच्चे तेल की कीमत और रुपये की चाल भी Nifty को प्रभावित कर सकती है। महंगा क्रूड भारत में महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकता है, जबकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी विदेशी निवेशकों के रुझान को प्रभावित कर सकती है।

तिमाही नतीजे भी अक्टूबर का बड़ा ट्रिगर-

कंपनियों के तिमाही नतीजे भी अक्टूबर का बड़ा ट्रिगर होंगे। मजबूत नतीजे और बेहतर कमाई के अनुमान बाजार का भरोसा बढ़ा सकते हैं, जबकि कमजोर नतीजे दबाव बनाए रख सकते हैं। कुल मिलाकर, पिछले 10 साल का आंकड़ा अक्टूबर को पूरी तरह कमजोर महीना नहीं बताता। 10 में से 7 बार Nifty बढ़ा है। हालांकि इस बार बाजार की दिशा FII flows, क्रूड, बॉन्ड यील्ड, रुपया, वैश्विक संकेतों और कंपनियों के नतीजों पर निर्भर करेगी। इसलिए अक्टूबर में इतिहास उम्मीद जरूर देता है, लेकिन मौजूदा बाजार परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से ‘We’ कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]



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