Norway Chess:नॉर्वे शतरंज में दिव्या देशमुख का कमाल, हम्पी को आर्मागेडन में हराया; गुकेश-प्रज्ञानंद को निराशा – Norway Chess: Divya Deshmukh Stuns Koneru Humpy In Armageddon; Tough Day For Gukesh And Praggnanandhaa


दिव्या देशमुख ने नॉर्वे चेस महिला वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को आर्मागेडन मुकाबले में मात दी। ओस्लो के डाइकमैन ब्योर्विका लाइब्रेरी में खेले गए इस मुकाबले में दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।

क्लासिकल गेम में सफेद मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने आक्रामक शुरुआत की और किंग्साइड पर लगातार दबाव बनाया। उनकी चाल मैच का अहम मोड़ साबित हुई, जिससे हम्पी की स्थिति मुश्किल में आ गई। हालांकि बाद में दोनों खिलाड़ियों ने ड्रॉ पर सहमति जताई और मुकाबला आर्मागेडन तक पहुंच गया।

आर्मागेडन में हम्पी पर भारी पड़ीं दिव्या

आर्मागेडन मुकाबले में दिव्या ने एंडगेम में बेहतरीन रणनीति दिखाई। उनके नाइट की सक्रियता और क्वीनसाइड पर बढ़त ने हम्पी को लगातार दबाव में रखा। प्यादा और महत्वपूर्ण खानों पर नियंत्रण ने दिव्या को निर्णायक बढ़त दिलाई। आखिरकार एक और चाल के बाद हम्पी की स्थिति कमजोर हो गई और उन्हें हार माननी पड़ी। यह नॉर्वे चेस महिला टूर्नामेंट में दिव्या की लगातार दूसरी आर्मागेडन जीत रही।

गुकेश और प्रज्ञानंद को झटका

ओपन वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन अच्छा नहीं रहा। प्रज्ञानंद को फ्रांस के ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरूजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। फिरोजा ने शानदार रणनीतिक खेल दिखाते हुए प्रज्ञानंद को पूरे मुकाबले में दबाव में रखा। क्वींस गैम्बिट डिक्लाइंड ओपनिंग में फिरोजा ने बेहतर प्यादा संरचना और सक्रिय रूक के दम पर बढ़त बनाई। इसके बाद प्रज्ञानंद ने हार स्वीकार कर ली। इस जीत के साथ फिरोजा ओपन वर्ग में छह में से छह अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गए।वहीं गुकेश ने अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो के खिलाफ क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ खेला, लेकिन आर्मागेडन में हार गए। वेस्ली सो ने सटीक चालों से गुकेश के किंग्साइड को कमजोर कर निर्णायक हमला बोला।

कार्लसन ने भी दर्ज की जीत

दूसरी ओर विश्व नंबर-एक मैग्नस कार्लसन ने जर्मनी के विंसेंट कीमर के खिलाफ आर्मागेडन जीत दर्ज की। मुकाबले के बाद कार्लसन ने अपने खेल को लेकर मजेदार अंदाज में कहा, ‘मुझे लगता है कि यह मुकाबला शर्मिंदगी से भरा था। ऐसा लग रहा था कि हमारी हर चाल कोई पोजिशनल गलती थी।’


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