Ola Electric Shares: भाविश अग्रवाल ने गिरवी रखी 4.32% हिस्सेदारी, ₹1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी | Ola Electric Shares: Bhavish Aggarwal Pledges 4.32% Stake, Plans to Raise ₹1,000 Crore


Ola Electric Shares: भाविश अग्रवाल ने गिरवी रखी 4.32% हिस्सेदारी, ₹1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी Ola Electric एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी के प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने राइट्स इश्यू में निवेश करने के लिए अपनी 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी है। कंपनी ने रविवार, 4 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब कंपनी के शेयर अपने लिस्टिंग भाव से करीब 60% नीचे कारोबार कर रहे हैं और इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।

Ola Electric

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भाविश अग्रवाल के 20 करोड़ शेयर Krutrim Data Centre Private Limited की ओर से जारी नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के बदले गिरवी रखे गए हैं। इनसे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Ola Electric के राइट्स इश्यू में उनकी भागीदारी के लिए किया जाएगा।

₹1,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी-

Ola Electric के बोर्ड ने 28 सितंबर को ₹1,000 करोड़ तक जुटाने के लिए राइट्स इश्यू को मंजूरी दी थी। इसके तहत कंपनी आंशिक भुगतान वाले इक्विटी शेयर जारी करेगी। जुटाई गई रकम में से करीब ₹350 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या कर्ज का भुगतान पहले करने में किया जा सकता है। वहीं, लगभग ₹400 करोड़ कारोबार के विस्तार और जैविक विकास से जुड़ी योजनाओं पर खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

शेयरों का क्या है हाल?

Ola Electric Mobility का शेयर 1 अक्टूबर को 0.46% की बढ़त के साथ ₹37.09 पर बंद हुआ था। पिछले छह महीनों में शेयर करीब 27.06% चढ़ा है, लेकिन एक साल के दौरान इसमें 29.51% की गिरावट दर्ज की गई है। शेयर अब भी अपने लिस्टिंग भाव से लगभग 60% नीचे है।

पहले भी जुटा चुकी है ₹780 करोड़-

Ola Electric ने जून 2026 में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी QIP के जरिए ₹780 करोड़ जुटाए थे। अब राइट्स इश्यू के जरिए कंपनी मौजूदा शेयरधारकों को भी पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में हिस्सा लेने का मौका देना चाहती है। कंपनी के सामने कर्ज का बोझ कम करने, कारोबार को मजबूत करने और बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी स्थिति सुधारने की चुनौती है। ऐसे में राइट्स इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल और आने वाले तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन निवेशकों के लिए अहम रहेगा। हालांकि, सिर्फ हिस्सेदारी गिरवी रखने या पूंजी जुटाने की घोषणा के आधार पर शेयर में तेजी या गिरावट का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

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