Omar Abdullah News,’ऑपरेशन लोटस’ से जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार गिराने की साजिश, उमर अब्दुल्ला का BJP पर बड़ा अटैक – jammu kashmir cm omar abdullah claims bjp offered mlas rupees 20 30 crore for operation lotus to topple national conference govt know all – Srinagar News


Operation Lotus in J&K: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्य में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार को गिराने के लिए ‘ऑपरेशन लोटस’ चला रही है। अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे विधायक ऐसे नहीं हैं जो बिक जाएं। उन्होंने कहा कि बताया कि बीजेपी तरह-तरह के लालच दे रही है।

हाइलाइट्स

  • जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का सनसनीखेज दावा
  • अब्दुल्ला बोले, बीजेपी कर रही है सरकार गिराने की कोशिश
  • श्रीनगर में सीएम अब्दुल्ला ने किया ‘ऑपरेशन लोटस’ का दावा
Operation Lotus in jammu kashmir
उमर अब्दुल्ला बोले-जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन लोटस की कोशिश।(फोटोनवभारतटाइम्स.कॉम)
श्रीनगर: पश्चिम बंगाल में तृणमूल के टूटने और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के छह सांसदों के साथ छोड़ने की बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह पार्टी बदलने के लिए विधायकों को 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा करके उनकी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। श्रीनगर के हजरतबल में अपनी दादी अकबर जहान की 26वीं पुण्यतिथि पर उनके मजार पर कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने दावा किया कि बीजेपी नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की बार-बार कोशिश कर रही है।

’20-30 करोड़ रुपये, मंत्रालय और राज्य का दर्जा’

अब्दुल्ला ने यह दावा करते हुए कि जम्मू से उनकी पार्टी के एक विधायक ने उन्हें इस कथित ऑफर की जानकारी दी थी। अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी के एक पदाधिकारी जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं। उन्होंने उस विधायक से संपर्क किया था। भगवान गवाह है कि जम्मू के एक विधायक ने मुझे बताया कि उन्हें समर्थन देने के बदले 20-30 करोड़ रुपये, मंत्रालय और राज्य का दर्जा देने का ऑफर दिया। उन्हें लगता है कि लोगों का भरोसा इतना कमजोर है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पैसे और मंत्री पद के ऑफर नाकाम रहने के बाद बीजेपी ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब नेशनल कॉन्फ्रेंस को तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं।

बैकडोर से विधायकों से संपर्क

उमर अब्दल्ला ने कहा कि पैसे और मंत्री पद के ऑफर काम न आने के बाद बीजेपी अब बंद दरवाजों के पीछे मेरे विधायकों से कह रही है कि ‘हमारे साथ आ जाओ और हम तुम्हें राज्य का दर्जा देंगे। उन्होंने दावा किया। ‘मेरे विधायक खुद को नहीं बेचेंगे। अब्दुल्ला ने अपने विधायकों पर भरोसा जताते हुए कहा नेशनल कॉन्फ्रेंस का कोई भी विधायक पैसे के लिए पार्टी नहीं छोड़ेगा। इस मंच पर एक भी विधायक ऐसा नहीं है जो 30 करोड़ रुपये, या 100 करोड़ रुपये के लिए भी अपनी ईमानदारी बेच दे, क्योंकि हम जानते हैं कि हम भगवान के प्रति जवाबदेह हैं। बीजेपी पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि यह मत सोचिए कि हम इतने कमजोर हैं कि आप पिछले दरवाजे से घुस आएंगे। आप पिछले दरवाजे से कभी भी सामने वाली कुर्सी तक नहीं पहुंच पाएंगे। लोगों ने आपको पीछे रखा है, और आप वहीं रहेंगे।

जम्मू कश्मीर विधानसभा की स्थिति

  • निर्वाचित सीटें: कुल 90 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं।
  • जम्मू डिवीजन: 43 सीटें
  • कश्मीर डिवीजन: 47 सीटें
  • मनोनीत सदस्य: उपराज्यपाल (LG) को 5 सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार है।
  • रिक्त सीटें: 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के लिए आरक्षित होने के कारण खाली रखी जाती हैं।

वर्तमान दलीय स्थिति

  • जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC)-42
  • भारतीय जनता पार्टी (BJP)-29
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)-6
  • जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP)-3
  • अन्य और निर्दलीय-10

अब्दुल्ला बोले-धैर्य को कमजोरी न समझें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी को तोड़ने की कोशिशें की जा रही थीं। अनुभवी नेता के अनुसार अतीत में भी ऐसी कोशिशें की गई थीं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से हिम्मत न हारने की अपील की। बीजेपी ने उमर अब्दुल्ला के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे पहले अपने संबोधन में अब्दुल्ला ने केंद्र से आग्रह किया कि वे जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के मामले में उनके धैर्य को कमजोरी न समझें। उन्होंने केंद्र से यह स्पष्ट करने को कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए सही समय से उनका क्या मतलब है और सवाल किया कि सरकार लद्दाख के लोगों से बातचीत करने को तो तैयार है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों से क्यों नहीं। अब्दुल्ला के ‘ऑपरेशन लोटस’ का दावा करने पर राजनीति गरमा गई है।

अचलेंद्र कटियार

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें