Oneplus Exit Update: भारत से विदाई पर आया वनप्लस का बयान, स्मार्टफोन्स में OPPO का सॉफ्टवेयर डालने की तैयारी – oneplus statement on exit in india and also devices will soon shift oxygenos to oppo colors


Oneplus उन खबरों पर प्रतिक्रिया दी है जिनमें कहा गया है कि कंपनी यूरोप, अमेरिका और अगले साल तक भारत से एग्जिट करने वाली है। वनप्लस ने कहा है कि भारत में यूजर्स को उसकी सर्विसेज मिलती रहेंगी। हालांकि यूएस और अमेरिका में नए वनप्लस फोन लॉन्च नहीं होंगे। इसके अलावा, वनप्लस फोन्स भी अब ओपो के ColorOS पर चलेंगे।

oneplus exit update
वनप्लस ने भारत से विदाई लेने की खबरों पर अपडेट साझा किया है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने कहा है कि जो दावे किए जा रहे हैं, वो गलत हैं। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि भारत में यूजर्स को वनप्लस ओनरशिप एक्सपीरियंस के तहत पहले की तरह ही सॉफ्टवेयर अपडेट, प्रोडक्ट सपोर्ट, वॉरंटी कवरेज और आफ्टर-सेल्स सर्विस मिलती रहेंगी। हालांकि उसने सॉफ्टवेयर में बड़े बदलाव की घोषणा की है। वनप्लस फोन्स भी अब ओपो के ColorOS पर चलेंगे। अब तक यह OxygenOS पर चलते आए हैं।

लोग कर पाएंगे सॉफ्टवेयर अपडेट

वनप्लस ने कहा है कि इस साल के अंत में आने वाले Android 17 रिलीज के बाद, एलिजिबल स्मार्टफोन्स को OxygenOS से हटाकर ओपो के ColorOS पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिन यूजर्स के पास सपोर्टेड डिवाइसेज हैं, वे अपनी मर्जी से नए सॉफ्टवेयर पर अपग्रेड कर सकेंगे। वनप्लस का दावा है कि ऐसा करने का मकसद उसकी मूल कंपनी ओपो के साथ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को एक समान बनाना है।

  • आसान भाषा में समझाएं तो एंड्रॉयड 17 रिलीज होने के बाद जो भी वनप्लस डिवाइसेज एलिजिबल होंगी, उन्हें कलरओएस पर शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया है कि किन डिवाइसेज को यह अपडेट मिलेगा और जिन्हें अपडेट नहीं मिलेगा, उनका क्या होगा?
  • कंपनी का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि यूजर्स को फास्ट, आसान और यूजर-फ्रेंडली एक्सपीरियंस मिलता रहे। ओपो के ColorOS 17 का रोलआउट अभी नहीं हुआ है। यह एंड्रॉयड 17 लॉन्च के बाद आ सकता है।

अमेरिका और यूरोप से विदाई कन्फर्म

वनप्लस ने वनप्लस US कम्युनिटी फोरम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी रीस्ट्रक्चरिंग रणनीति की घोषणा कर दी है। वनप्लस ने लिखा कि यह फैसला लेना बिल्कुल भी आसान नहीं था। लेकिन ग्लोबल रणनीति में किए जा रहे बदलावों के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भविष्य के नए प्रोडक्ट लॉन्चेस को बंद कर दिया जाएगा।

  • अमेरिका और यूरोप में वनप्लस ग्राहकों को सॉफ्टवेयर अपडेट, सिक्योरिटी पैच, वॉरंटी कवरेज और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट मिलता रहेगा। आसान भाषा में समझाएं तो अमेरिका और यूरोप में अब नई वनप्लस डिवाइस लॉन्च नहीं होंगी। (REF.)

इस पूरे मामले का निचोड़ क्या है?

  • वनप्लस को लेकर जारी इस पूरे घटनाक्रम का निचोड़ यह है कि कंपनी अमेरिका और यूरोप में नए डिवाइस अब लॉन्च नहीं करेगी। मौजूदा यूजर्स को सपोर्ट मिलता रहेगा।
  • यूरोप और अमेरिका में नई डिवाइस लॉन्च नहीं करना यह संकेत है कि अब वनप्लस इन बाजारों से विदाई ले रही है, सिर्फ मौजूदा ग्राहकों को सेवाएं मिलेंगी।
  • भारत के लिए कंपनी ने अपनी मौजूदगी को स्पष्ट किया है। बंद होने की खबरों का खंडन किया है। जल्द वनप्लस अपना नया स्मार्टफोन भी लॉन्च करने वाली है।
  • हालांकि ऑक्सीजन ओएस से कलर ओएस की तरफ बढ़ना यह संकेत है कि वनप्लस का भविष्य अब ओपो के साथ घुलने-मिलने वाला है।
प्रेम त्रिपाठी

लेखक के बारे मेंप्रेम त्रिपाठीप्रेम त्र‍िपाठी, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। वह टेक-ऑटो टीम को लीड कर रहे हैं। टेक्‍नोलॉजी, गैजेट्स, आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस और ड‍िफेंस टेक के क्षेत्र को कवर करते हुए इन्‍हें पत्रकारिता में 15 साल हो गए हैं। प्रेम ने भारत के स्‍मार्टफोन मार्केट को नोकिया से सैमसंग और चीनी कंपनियों के दबदबे से ऐपल की बढ़ती लोकप्रि‍यता में बदलते हुए देखा है। इन्‍होंने टेलिकॉम पत्रकारिता का वह दौर देखा है जब 2G और 3G मोबाइल नेटवर्क पर मिलने वाला 2GB डेटा पूरे महीने चलाना पड़ता है। यही वजह है कि जब पाठकों को 5G नेटवर्क या 6G पर हो रही रिसर्च की खबरें देनी होती हैं, प्रेम की खबरों में उनका अनुभव स्‍पष्‍ट तौर पर झलकता है। ‘सैटेलाइट इंटरनेट’ और ‘डायरेक्‍ट टु ड‍िवाइस कम्‍युनिकेशन टेक्‍नोलॉजी’ जैसे विषयों को आसान भाषा में समझाना इन्‍हें आता है।
गैजेट रिव्‍यूज लिखते हुए प्रेम को लंबा समय हो गया है। शुरुआती विंडोज से लेकर एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन और आईफोन्‍स का इन्‍होंने गहराई से र‍िव्‍यू किया है। लैपटॉप-पीसी से लेकर स्‍मार्ट टीवी और वियरेबल्‍स को भी जमकर परखा और टटोला है।
प्रेम, टेक-टेलिकॉम इंडस्‍ट्री के एक्‍सपर्ट्स का डिटेल इंटरव्‍यू करते हैं। वह कई वर्षों से लॉन्‍च इवेंट्स को ऑन ग्राउंड कवर कर रहे है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) को उसके पहले एडिशन (साल 2017) से कवर करते हुए आए हैं, जिससे भारत की टेक्‍नोलॉजी इंडस्‍ट्री में हो रहे बड़े बदलावों को समझने में इन्‍हें व‍िशेषज्ञता हासिल हुई है।
हाल के वर्षों में प्रेम ने आर्टिफ‍िशिल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर अपनी लेखनी को मजबूत किया है। वह AI टूल्‍स को इस्‍तेमाल करके उनके बारे में पाठकों को बताते हैं। AI के क्षेत्र में होने वाले हर प्रमुख बदलाव को रीडर्स तक आसान भाषा में समझाते हैं।
टेक्‍नोलॉजी किस तरह से लोगों का जीवन आसान बना सकती है, इस विचार के साथ प्रेम, नवभारत टाइम्‍स के पाठकों को सिंपल हाउटु (HowTo), ट‍िप्‍स एंड ट्रिक्‍स (Tips & Tricks) भी बताते हैं। किसी भी हैक को वह पहले खुद आजमाते हैं और वेरिफाई करते हैं। यही प्रैक्‍ट‍िस वह डेली टेक-गैजेट न्‍यूज के साथ भी करते हैं। न्‍यूज को वेरिफाई करना, फैक्‍ट्स क्रॉस चेक करना, एड‍िशनल इनपुट जुटाना, रिसर्च और आंकड़े जोड़कर वह किसी भी खबर को अपने पाठकों के लिए व‍िस्‍तृत रूप से तैयार करते हैं।
प्रेम के पास प्रिंट मीडिया और ड‍िजिटल मीड‍ि‍या का शानदार अनुभव है। नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में आने से पहले वह नवंबर 2021 से जनवरी 2025 तक प्रतिष्‍ठ‍ित टेक-गैजेट वेबसाइट, Gadgets360 (NDTV वेंचर्स) में कार्यरत थे। वहां इन्‍होंने गैजेट्स, टेक, एआई, डिफेंस टेक और साइंस पर विस्‍तृत कवरेज दिया और गैजेट रिव्‍यूज ल‍िखे। प्रेम ने साल 2011 में हिन्‍दुस्‍तान हिंदी से अपना कर‍ियर शुरू किया था। 2013 में अमर उजाला और 2017 में नवभारत टाइम्‍स अखबार में सेवाएं दीं। रिपोर्टिंग और डेस्‍क दोनों में इन्‍होंने काम किया है। अमर उजाला के लिए ‘केदारनाथ आपदा 2013’ को कवर क‍िया है। इनकी लिखी क‍िताब ‘है गौ’ को अमर उजाला फाउंडेशन ने प्रकाशित किया था। प्रेम त्र‍िपाठी ने 2008 में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से बैचलर ऑफ साइंस (Bsc) की पढ़ाई पूरी की थी। इनके पास माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से मास कम्‍युनिकेशन में मास्‍टर ऑफ आर्ट्स (MA) की डिग्री है।
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