OPINION: सीएम व‍िजय, आपकी रैली में लोग मरे, फ‍िर जनता के पैसों से सरकारी नौकरी क्‍यों


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OPINION: सीएम व‍िजय, आपकी रैली में लोग मरे, फ‍िर जनता के पैसों से नौकरी क्‍यों

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तम‍िलनाडु के सीएम व‍िजय का इंसाफ गजब है… उनकी रैली में भगदड़ मची. 41 लोग उनकी रैली में मारे गए. अब जब वो सीएम हैं तो मौतों का हर्जाना अपनी जेब से देने की बजाय सरकारी खजाने से चुका रहे हैं. सीबीआई जांच के ठीक बीच उन्‍होंने टैक्सपेयर्स के पैसों से 32 पीड़ितों को सरकारी नौकरी बांट दी और वाहवाही लूटने की कोश‍िश की है. लेकिन क्‍या ये ठीक है?

OPINION: सीएम व‍िजय, आपकी रैली में लोग मरे, फ‍िर जनता के पैसों से नौकरी क्‍योंZoom

सीएम व‍िजय ने पीड़ि‍तों को दी नौकरी.

वाह एक्टर वाह. सॉरी, वाह मिस्टर चीफ मिनिस्टर , वाह. आप समझ गए होंगे वाहवाही किसकी हो रही है. ये हैं विजय. जो एक्टर थे, अब तमिलनाडु के सीएम हैं. आपने आज 32 लोगों को सरकारी नौकरी थमा दी. ये उन परिवारों के लोग हैं जिनके सदस्य करूर की रैली में मची भगदड़ में मारे गए थे. ये रैली किसने आयोजित की थी. एक्टर विजय ने. 27 सितंबर को हुई इस त्रासदी ने हमारा आपका सबका दिल झकझोर दिया. मरने वालों में बूढ़े, बच्चे, नौजवान सब शामिल थे .. सब इस एक्टर के दीवाने थे.

आप चुनाव जीत गए और सीएम भी बन गए. लेकिन रैली आपकी, फैन आपके. फिर टैक्स देने वाली जनता के पैसे से नौकरी क्यों… एड़ी रगड़कर सरकारी नौकरी का ख्वाब देख रहे करोड़ों नौजवानों की इसमें क्या गलती? उनके हिस्से की नौकरी आपकी गलती से जान गंवाने वालों को क्यों मिल रही है? अभी तो सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है. तो इस पर सवाल तो उठेंगे

1. रैली आपकी, आप दो मुआवजा. सी जोसेफ विजय का चुनावी हलफनामा कहता है कि उनका नेटवर्थ 624 करोड़ का है. अचल संपत्ति 220 करोड़ है. रियल एस्टेट 115 करोड़ का है. कॉमर्शियल प्रॉपर्टी 82.8 करोड़ की है. नॉन एग्रीकल्चरल जमीन 22 करोड़ की है. कोडाइकनाल जैसी जगहों पर प्लॉट हैं इनके.बैंक डिपॉजिट 313 करोड़ रुपए है. गाड़ियों का काफिला 13.52 करोड़ रुपए का है. इनके पास मात्र 883 ग्राम सोना भी है. शेयर में 20 लाख लगे हैं. सालाना कमाई 184 करोड़ रुपए है. फिर सरकारी खजाने से आपकी गलती की भरपाई क्यों हो रही है विजय.

2. इस हादसे की जांच सीबीआई कर रही है. वो भी सु्प्रीम कोर्ट के आदेश पर. तो क्या ये गवाहों को प्रभावित करने की चाल तो नहीं है. सरकारी नौकरी दे दो तो किस परिवार का सदस्य खिलाफ गवाही देगा.

3. मुख्यमंत्री के पास अनुकंपा के आधार पर, पब्लिक सर्विस या स्पोर्ट्स में शानदार प्रदर्शन के आधार पर, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को और किसी विपदा की घरी में प्रभावितों को नौकरी देने का अधिकार है.लेकिन करूर हादसा प्राकृतिक हादसा नहीं है. ये मैन-मेड हादसा है. और इसके मुख्य किरदार हैं एक्टर विजय. सारी वसूली इनसे होनी चाहिए. सीएम बन जाने का मतलब ये नहीं कि अधिकारों का गलत प्रयोग कर आप नौकरी बांटने लगें.

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आलोक कुमारEditor

Alok Kumar is a senior journalist and digital media leader with over two decades of experience across television, radio, and digital news platforms. He currently serves in a leadership role at News18 Hi…और पढ़ें





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