Pakistan Kuwait Defense Pact,तेल के बदले फौज: पाकिस्तान का नया रक्षा सौदा! कुवैत की सुरक्षा के बदले मांगेगा ईंधन और निवेश – pakistan is pursuing defense pact with kuwait after saudi arabia talks underway – Pakistan News


पाकिस्तान और कुवैत रक्षा समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इस समझौते में कई शर्तें सऊदी अरब-पाकिस्तान डिफेंस डील के जैसी होंगी। इसे लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। पाकिस्तान कुवैत को सैन्य सुरक्षा देने के बदले तेल और पैसों की मांग कर रहा है। कुवैत वर्तमान में ईरान के हमलों से परेशान है।

Pakistan Kuwait defense pact
पाकिस्तान-कुवैत रक्षा समझौता
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ऊर्जा सहयोग और निवेश के बदले कुवैत के साथ एक बड़े रक्षा समझौते पर बातचीत कर रहा है। यह बातचीत अभी शुरुआती चरण में है, हालांकि, अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के कारण इसमें मुश्किलें आ सकती हैं। इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने सैन्य सुरक्षा देने का वादा किया है, जबकि उसने बदले में कुवैत से पैसे और तेल की डिमांड की है। पाकिस्तान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उसके पास सिर्फ सऊदी अरब ही ऐसा साझेदार बचा है, जो उधारी पर तेल देने को तैयार है। ऐसे में पाकिस्तान कुवैत के साथ बैरल्स फॉर बूट्स (Barrels for Boots) रणनीति पर बात कर रहा है।

पाकिस्तान की बढ़ेंगी मुश्किलें

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान इस बात को लेकर चिंतित है कि सऊदी अरब के साथ पिछले साल किया गया आपसी रक्षा समझौता उसे अमेरिका-ईरान युद्ध में घसीट सकता है।सोमवार को ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर हमले किए जाने के बाद, पाकिस्तान ने ईरान से कहा कि वह रियाद पर हमलों को खुद पर हमले के तौर पर देखेगा। हालांकि, ईरान ने इन हमलों से खुद को दूर कर लिया है। उधर, हूती विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी के किनारे स्थित बाब अल मंदेब को बंद करने की धमकी दी है।

ईरान के हमलों से कुवैत परेशान

कुवैत पर फरवरी के बाद से ईरान ने कई बड़े हमले किए हैं। हाल में जब अमेरिकी सेना ईरान पर हमले कर रही है, जब भी तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर कुवैत को निशाना बनाया है। इनमें से अधिकतर हमले कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं। कुछ हमलों में कुवैत के रणनीतिक तेल भंडारों और सप्लाई लाइन को भी निशाना बनाया गया है। इस कारण कुवैत अपने पारंपरिक सैन्य सहयोगी अमेरिका के अलावा दूसरे देश की ओर देख रहा है।

कुवैत की कितनी मदद करेगा पाकिस्तान?

कुवैत का 2023 से पाकिस्तान के साथ प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास के लिए सीमित रक्षा समझौता रहा है। एक पाकिस्तानी सरकारी अधिकारी ने कहा कि अब वह इस्लामाबाद से ऐसी सैन्य उपस्थिति चाहता है जो सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के समझौते जैसी हो, जिसमें “जमीन पर हजारों पाकिस्तानी सैनिक, लड़ाकू विमान, ड्रोन, वायु रक्षा प्रणाली और अन्य रक्षा-संबंधी सुविधाएं” शामिल हों। यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान इतनी दूर तक जाने को तैयार है या नहीं, क्योंकि सऊदी अरब के साथ उसका समझौता रियाद के साथ दशकों पुराने करीबी गठबंधन का नतीजा था।

प्रियेश मिश्र

लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रप्रियेश मिश्र नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (Principal Digital Content Producer) के पद पर कार्यरत हैं। वे नवभारत टाइम्स की दुनिया (World) सेक्शन से जुड़े हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनका 10 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने मार्च 2020 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था।

प्रियेश मिश्र के पास वैश्विक घटनाक्रम, युद्ध, सैन्य संघर्ष, राजनयिक तनाव, कूटनीति जैसे विषयों पर न्यूज कवरेज का व्यापक अनुभव है। उन्‍होंने पिछले 5 वर्षों में आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020-2024, इजरायल-हमास गाजा युद्ध, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्‍तान संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर, तालिबान-पाकिस्‍तान संघर्ष, चीन-ताइवान विवाद, वेनेजुएला संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम का कवरेज किया है।

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