Pakistan News: असीम मुनीर मुर्दाबाद… पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात, क्वेटा में सेना-पुलिस पर क्यों भड़की अवाम? – civil war-like conditions in quetta slogans against pakistan army chief asim munir on balochistan attacks


पाकिस्तान के बलूचिस्तान में विद्रोहियों के हमलों में 38 सुरक्षाकर्मियों की मौत के बाद मातम मचा हुआ है। क्वेटा अस्पताल पहुंचे मृतकों के परिजनों ने आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़पें भी हुईं, जिसके बाद पुलिस को इलाके को घेरना पड़ा।

Pakistan Police
पाकिस्तान पुलिस
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में गृहयुद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अवाम सड़कों पर है और निशाने पर हैं आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर। इसकी वजह बलूचिस्तान में बढ़ते विद्रोहियों के हमले हैं। पिछले पांच दिनों में अकेले बलूचिस्तान में हुए हमलों में 38 सुरक्षाकर्मी मारे जा चुके हैं। जब गुरुवार को उनके शव क्वेटा के सिविल अस्पताल पहुंचे तो उनके परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। शोक में डूबे परिवारों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ टकराव की स्थिति बन गई।

असीम मुनीर मुर्दाबाद के नारे लगे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, क्वेटा सिविल अस्पताल के बाहर भारी भीड़ ने मारे गए सुरक्षाकर्मियों के शवों को जल्द से जल्द सौंपे जाने की गुहार लगाई। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने “आसिम मुनीर मुर्दाबाद” और “पाक फौज मुर्दाबाद” के नारे लगाए। जब मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तब दोनों ओर से धक्कामुक्की भी हुई। लोगों ने पुलिस की आक्रामकता का विरोध किया।

परिजनों और पुलिसकर्मियों में भिड़ंत

हालात तब और ज्यादा खराब हो गए, तब सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल को अपने कब्जे में ले लिया और पीड़ित परिवारों को शवों को सौंपने से इनकार किया। सुरक्षाकर्मी शवों को परिवार वालों को सौंपने के बजाए उसे पुलिस लाइन ले जाने की जिद पर अड़े थे। इस पर मृतक सुरक्षाकर्मियों के परिवार वालों ने अस्पताल के मेन गेट को बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार और सेना विरोधी नारेबाजी की और मांग की कि जब तक शवों को सौंपा नहीं जाता, तब तक न तो अस्पताल के दरवाजे खुलेंगे और ना ही कोई अंदर से बाहर जाएगा।

पुलिस ने इलाके को छावनी में बदला

मौके पर मौजूद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए अस्पताल जाने के सभी रास्तों को सील कर दिया और इलाके में चारो ओर बैरिकेड्स लगा दिए। पुलिसकर्मी अस्पताल की ओर जाने वाली भीड़ को रोकने लगे ताकि वहां हालात और ज्यादा न बिगड़ें। भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई और दंगारोधक फोर्स को भी मौके पर बुलाया गया। हालांकि, बाद में परिजनों के दबाव में पुलिस ने शवों को सौंपना शुरू किया, जिससे विरोध प्रदर्शन ढीला पड़ने लगा।

चार दिनों तीन हमलों से कांपा बलूचिस्तान

  • बलूचिस्तान में पिछले पांच दिनों में तीन बड़े हमले हुए हैं, जिनमें कम से कम 38 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं।
  • पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि इन हमलों में 54 विद्रोहियों को भी मार गिराया गया है, जो अलग-अलग गुटों से हैं।
  • पहला हमला 4 और 5 जुलाई को क्वेटा के पास हन्ना उराक घाटी में हुआ, जिसमें टीटीपी आतंकी शामिल थे।
  • दूसरा हमला 6 जुलाई को हुआ जब TTP के आतंकवादियों ने जियारत जिले में मांगी बांध की सुरक्षा कर रही पुलिस चौकी पर हमला किया
  • तीसरा हमला बुधवार को बलूचिस्तान के बेला और विंडर इलाकों में हुआ, जहां बीएलए ने पुलिस के काफिले को निशाना बनाया।
प्रियेश मिश्र

लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रप्रियेश मिश्र नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (Principal Digital Content Producer) के पद पर कार्यरत हैं। वे नवभारत टाइम्स की दुनिया (World) सेक्शन से जुड़े हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनका 10 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने मार्च 2020 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था।

प्रियेश मिश्र के पास वैश्विक घटनाक्रम, युद्ध, सैन्य संघर्ष, राजनयिक तनाव, कूटनीति जैसे विषयों पर न्यूज कवरेज का व्यापक अनुभव है। उन्‍होंने पिछले 5 वर्षों में आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020-2024, इजरायल-हमास गाजा युद्ध, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्‍तान संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर, तालिबान-पाकिस्‍तान संघर्ष, चीन-ताइवान विवाद, वेनेजुएला संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम का कवरेज किया है।

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