Pakistan On Russia Oil India,’भारत सबसे बड़ी र‍िफाइनरी से जमकर कमा रहा पैसे, हम कहीं नहीं’, शहबाज पर भड़के पाकिस्‍तानी एक्‍सपर्ट – pakistani analyst amir mateen on india oil refineries russia oil sanction hormuz strait crisis – Pakistan News


इस्लामाबाद: पाकिस्तान के जाने-माने विश्लेषक आमिर मतीन ने अपने देश की सरकारों को उर्जा सुरक्षा पर काम ना किए जाने के लिए घेरा है। वहीं भारत को उन्होंने सराहा है। उन्होंने कहा कि भारत की रिफाइनरी ना सिर्फ अपने देश को तेल दे रही हैं बल्कि बेचकर मुनाफा भी कमा रही हैं। वहीं पाकिस्तान में तेल की कमी से हाहाकार हो गया है। ईरान में युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने और दुनियाभर में तेल-गैस की किल्लत से जुड़े सवाल पर आमिर मतीन ने यह कहा है।

ईरान ने अमेरिकी हमलों की जवाबी कार्रवाई के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया हुआ है, जो खाड़ी देशों से एशिया में तेल और गैस पहुंचाने का बेहद अहम रास्ता है। इसने दुनिया के बड़े हिस्से खासतौर से भारत-पाकिस्तान और एशियाई मुल्कों को प्रभावित किया है। इसी संकट पर बात करते हुए आमिर मतीन ने भारत और पाकिस्तान की तुलना की है।

भारत ने क्राइसिस में मौका तलाशा: आमिर

आमिर मतीन ने तेल-गैस को लेकर चल रहे संकट के मुद्दे पर बोलते हुए टीवी92 के एक कायक्रम में कहा कि क्राइसिस है और इससे कोई इनकार नहीं कर रहा है। सवाल ये है कि आपने इसके लिए क्या तैयारी की थी और यहां तक कि ये पूरा मामला शुरू होने के बाद भी क्या कदम उठाए हैं। हम देख रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार की कोशिशें जीरों हैं।

मतीन ने आगे कहा, ‘हमारे पड़ोस में भारत है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियां हैं। खासतौर से गुजरात में बड़ी रिफाइनरी हैं, जो समुद्र से लगा हुआ सूबा है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर कई तरह प्रतिबंध भारत पर लगाए हैं। हाल ही में हमने देखा कि अमेरिका 100 फीसदी टैरिफ की बात कर रहा है। इसके बावजूद भारत में बढ़िया काम हो रहा है।’

‘भारत मोटी कमाई कर रहा है’

आमिर मतीन ने दावा किया कि प्रतिबंधों के बावजूद भारत ना सिर्फ रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है बल्कि उसे रिफाइन भी कर रहा है। वहां रिफाइन किया हुआ तेल वापस रूस और दुनिया को बेचकर भारी मुनाफा कमाया जा रहा है। भारत की रिफाइनरियां सिर्फ रूसी तेल से ही 12 से 17 अरब डॉलर तक कमा रही हैं।

पाकिस्तानी सरकार को घेरते हुए मतीन ने कहा कि हमारे देश में पिछले बीस-तीस सालों से हर बिजली बिल पर टैक्स लगाया जा रहा है। इस टैक्स के पैसे को रिफाइनरियों को देने की बात की जाती है। इसके बावजूद किसी को बेचना तो छोड़िए, हम घरेलू जरूरत का तेल रिफाइन करने में सक्षम नहीं हैं। संकट के समय हमने देखा कि हम इस मुद्दे पर कितने ज्यादा फेल हैं।

रिजवान

लेखक के बारे मेंरिजवानरिजवान नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।

वैश्विक राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना और उसका भारत पर क्‍या असर पड़ेगा, यह भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को स्‍टोरी और वीडियो के जरिए व‍िश्‍लेषण देना रिजवान की पहली प्राथमिकता रहती है।

पत्रकारिता अनुभव: डिजिटल मीडिया में 10 साल से कार्यरत हैं।

रिजवान ने साल 2015 में नई दिल्‍ली में अमर उजाला डॉट कॉम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है।… और पढ़ें



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