PoK में पाकिस्तानी सेना प्रदर्शनकारियों को कुचल रही, मुजफ्फराबाद की ओर बढ़े 1 लाख लोग, 9 की मौत – pakistan army crackdown pok protesters jaac muzaffarabad long march rawalakot kotli mirpur clash


Pok Protest: रायटर्स और स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस मार्च की शुरुआत के ठीक पहले मंगलवार से शुरू हुई ताजा झड़पों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तरारखल में 6 प्रदर्शनकारी और 1 पुलिसकर्मी जबकि रावलकोट में हुई झड़प में 1 प्रदर्शनकारी और 1 सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन में 9 मरे
  • पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ मुजफ्फराबाद तक मार्च
  • ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ की मार्च में एक लाख से ज्यादा लोग

pojk protest
पाकिस्तान असेंबली से आजादी की घोषणा करने निकले प्रदर्शनकारियों से हिंसा
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में शहबाज शरीफ की सरकार ने राजधानी की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया है। डॉन के मुताबिक मंगलवार को हुई अलग-अलग झड़पों में कम से कम दो सुरक्षाकर्मी और ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के सात कार्यकर्ता मारे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ये हिंसक झड़पें पुंछ डिवीजन में हुईं जो मुजफ्पराबाद की तरफ JAAC के तय ‘लॉन्ग मार्च’ से एक दिन पहले हुईं। JAAC ने आज से मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च का ऐलान किया था जो आज सुबह से शुरू हो गया है।

JAAC ने पाकिस्तान सरकार को अपनी मांगे मानने के लिए 14 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था। इसने कहा था कि ऐसा न होने पर 15 जुलाई को कथित राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च की जाएगी। डॉन के मुताबिक पहली झड़प मंगलवार सुबह हुई जब सुरक्षाकर्मियों ने रावलकोट के बाहरी इलाके मुत्यालमेरा में छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि एक घर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जमा किया गया है।

पीओके में हो रहे प्रदर्शन पर ताजा अपडेट क्या हैं?

  • रिपोर्ट के मुताबिक एक लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद की तरफ बढ़ रहे हैं।
  • प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ ने ‘सेनापति’ इलाके में सुरक्षा बलों के एक कैंप को निशाना बनाया है। इलाके में तनाव चरम पर है।
  • मुजफराबाद जाने वाले रास्तों पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से लगाए गए भारी कंटेनरों और बैरिकेड्स को प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर तोड़ दिया है जिसके जवाब में पुलिस और रेंजर्स की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबरें हैं।
  • रायटर्स और स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस मार्च की शुरुआत के ठीक पहले मंगलवार से शुरू हुई ताजा झड़पों में 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें तरारखल में 6 प्रदर्शनकारी और 1 पुलिसकर्मी जबकि रावलकोट में हुई झड़प में 1 प्रदर्शनकारी और 1 सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।
  • रावलकोट, मीरपुर, कोटली और बाग जैसे जिलों से 1 लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के जत्थे मुजफराबाद की ओर बढ़ रहे हैं।
  • मुजफराबाद शहर को जाने वाली सभी सड़कों पर पाकिस्तानी सेना के जवानों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। शहर में दाखिल होने वाले रास्तों पर गहरी खाइयां खोदी गई हैं ताकि गाड़ियों के काफिले को रोका जा सके।

प्रदर्शन को कुचने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान

हालांकि प्रदर्शन की अगुवाई करने वाली पार्टी JAAC का कहना है कि पाकिस्तानी सेना फर्जी आरोप लगा रही है। उसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई है। आपको बता दें कि मुत्यालमेरा उन लगभग आधा दर्जन जगहों में से एक है जहां रावलकोट के बाहरी इलाकों में JAAC कार्यकर्ता और समर्थक छोटे-छोटे विरोध कैंप चला रहे हैं। संगठन का मुख्य धरना जिसमें उसके वरिष्ठ नेता शामिल हैं वो ईदगाह मैदान में चल रहा है।
पुंछ डिवीज़नल कमिश्नर सरदार वहीद खान ने ‘डॉन’ को बताया है कि गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और एक रेंजर्स जवान शहीद हो गया। दूसरी झड़प सुधनोती जिले की तहसील बलोच में हुई जहां प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों के एक काफिले को रोक दिया जो तरारखाल की ओर जा रहा था।

पुंछ के DC ने बताया है कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जिनमें से कुछ हथियारबंद थे उन्होंने काफिले पर पत्थर फेंके जिससे हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। इसके बाद हुई झड़प में एक पुलिसकर्मी मारा गया और कम से कम सात प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।

अभिजात शेखर आजाद

लेखक के बारे मेंअभिजात शेखर आजादअभिजात शेखर आजाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में इंटरनेशनल अफेयर्स, डिफेंस जर्नलिस्ट हैं। उनके पास अलग अलग न्यूज चैनलों और डिजिटल पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics), वैश्विक कूटनीति (Global Diplomacy) और रक्षा रणनीति (Defense Strategy) के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने इन वर्षों में 3 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास युद्ध, मिडिल ईस्ट, अफगानिस्तान युद्ध, ISIS के खिलाफ संघर्ष, भारत पाकिस्तान संघर्ष जैसे अहम अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं को कवर किया है।

अभिजात शेखर आजाद वैश्विक राजनीति का विश्लेषण करते हैं और भारत पर उसका क्या असर होगा, इसका एनालिसिस करते हुए विश्लेषणात्मक स्टोरी लिखते हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल डिफेंस सेक्टर पर उनकी खास नजर होती है। हथियारों की खरीद बिक्री, अंतर्राष्ट्रीय हथियार व्यापार पर वो करीबी नजर रखते हैं। रक्षा जगत में अंदरूनी पहुंच होने की वजह से डिफेंस मामलों पर उनकी सटीक खबरों का काफी प्रभाव है।

विशेषज्ञता- इंटरनेशनल डिप्लोमेसी के साथ साथ डिफेंस सेक्टर की खबरों के विश्लेषण में अच्छी पकड़। भारतीय वायुसेना और नौसेना और डिफेंस इंटेलिजेंस में पैठ। जियो-पॉलिटिक्स को लेकर अभिजात शेखर आजाद के अनुमान अकसर सही साबित होते हैं। उनकी विशेषज्ञता केवल समाचार रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भारतीय दर्शकों के लिए सरल और प्रभावी ढंग से समझाने के लिए जाने जाते हैं। राफेल डील से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी और वैश्विक शक्ति संतुलन पर सैकड़ों विश्लेषणात्मक लेख।

पत्रकारिता अनुभव: अभिजात शेखर आजाद के पत्रकारिता में करीब 17 सालों का अनुभव है। उन्होंने 2009 से पत्रकारिता में अपना कैरियर शुरू किया था और उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग में अच्छी पकड़ बनाई। उन्होंने समाचार प्लस और ज़ी मीडिया जैसे संस्थानों में काम किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातक किया है।

पुरस्कार: अभिजात को ज़ी मीडिया में बेहतरीन लेखन के लिए ‘बेस्ट राइटर’ अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा उन्हें दो बार ENBA अवार्ड भी मिला है।

अभिजात के खास इंटरव्यू:
अभिजात शेखर आजाद का ‘बॉर्डर-डिफेंस’ नाम से साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू आता है, जिसमें वो सैन्य अधिकारियों और डिप्लोमेट्स से बात करते हैं। उन्होंने कई बड़े चेहरे जैसे DRDO के वैज्ञानिक और ब्रह्मोस मिसाइल बनाने वाले वैज्ञानिक अतुल दिनकर राणे, डीआरडीओ वैज्ञानिक हरि बाबू चौरसिया, भारतीय सेना के पूर्व आर्मी चीफ वेद मलिक, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, लेफ्टिनेंट जनरल संजय वर्मा, एयर मार्शल रवि कपूर, एयर फोर्स अधिकारी विजयेन्द्र के ठाकुर, फाइटर पायलट आरके नारंग, डिप्लोमेट एसडी मुनि, डिप्लोमेट सी उदय भाष्कर, डिप्लोमेट अनिल त्रिगुणायत, डिप्लोमेस रोबिंदर सचदेव, नौसेना कैप्टन श्याम कुमार समेत कई एयरफोर्स और नौसेना अधिकारियों का इंटरव्यू ले चुके हैं।… और पढ़ें