PoK में भारी हिंसा पर भड़का संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्‍तान सरकार को दी चेतावनी, कहा- हालात अच्छे नहीं – pok protest united nations human rights agency concern over pakistan occupied kashmir situation


पीओके के कई शहरों में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस दौरान हिंसा हुई है और कई लोगों की जान गई है। सुरक्षाबलों के जवानों की मौत की बात भी पीओके से सामने आई है।

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पीओके में अशांति जारी रहते हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अशांति और आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई ने संयुक्त राष्ट्र का ध्यान खींचा है। संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार एजेंसी ने पीओके की स्थिति पर चिंता जताई है। एजेंसी ने इलाके में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। 27 जुलाई को होने वाले चुनावों से पहले पीओके में तनाव बढ़ता जा रहा है।

शुक्रवार को जिनेवा से जारी बयान में मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने शांति बनाए रखने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जून से अब तक हिंसा और अशांति में दर्जनों लोग मारे गए हैं। मारे गए लोगों में ज्यादातर प्रदर्शनकारी हैं। कुछ सुरक्षाकर्मी भी मरने वालों में शामिल हैं। टर्क ने सभी मौतों की तुरंत और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

‘JAAC को बैन करना चिंताजनक’

टर्क ने पीओके में प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) को बैन किए जाने पर चिंता जताई है। संगठन पर सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के आरोप में पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगा है। इस समूह के कई नेता गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा है कि किसी नागरिक समाज संगठन (JAAC) को आपराधिक घोषित करना और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाना अच्छा संदेश नहीं देता है। यह अभिव्यक्ति की आजादी, शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने और संगठन बनाने के अधिकारों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।

इंटरनेट से रोक हटाई जाए

एजेंसी ने पाकिस्तान और पीओके के अधिकारियों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि हिरासत में लिए गए JAAC नेताओं को वकील मिलें। साथ ही वे अपने परिवारों से संपर्क कर सकें और उन्हें पूरी कानूनी प्रक्रिया का लाभ मिले। एजेंसी ने इलाके में इंटरनेट सेवा पर लगी रोक की भी आलोचना की गई है।

एजेंसी ने कहा कि हम स्थानीय अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे पूरे इलाके में इंटरनेट की पूरी सुविधा तुरंत सुनिश्चित करें। साथ ही वोल्कर टर्क ने स्थानीय लोगों की बुनियादी समस्याओं और शिकायतों को दूर करने के लिए सार्थक और सभी पक्षों को शामिल करने वाली राजनीतिक बातचीत पर जोर दिया है।

पीओके में प्रदर्शन और हिंसा

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के पीछे आर्थिक बदहाली, महंगाई और विधानसभा की सीटों के आरक्षण से जुड़े मुद्दे हैं। JAAC ने पाकिस्तान सरकार के सामने 38 सूत्रीय मांग पत्र रखा है, जिसमें शासन सुधार और कीमतें कम करने समेत कई मुद्दे हैं।

रिजवान

लेखक के बारे मेंरिजवानरिजवान नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में चीफ सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में उनका 10 वर्षों का अनुभव है। वह इंटरेशनल अफेयर्स (वर्ल्ड सेक्शन) कवर कर रहे हैं। अमर उजाला के साथ डिजिटल पारी की शुरुआत की और फिर वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है। उन्‍होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और भारतीय जनसंचार संस्थान से पढ़ाई की है।

वैश्विक राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना और उसका भारत पर क्‍या असर पड़ेगा, यह भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को स्‍टोरी और वीडियो के जरिए व‍िश्‍लेषण देना रिजवान की पहली प्राथमिकता रहती है।

पत्रकारिता अनुभव: डिजिटल मीडिया में 10 साल से कार्यरत हैं।

रिजवान ने साल 2015 में नई दिल्‍ली में अमर उजाला डॉट कॉम से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, राजस्थान पत्रिका से होते हुए नवभारत टाइम्स में है।

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