Resume Tips: नौकरी चाहिए तो तुरंत बदलें अपना रिज्यूमे! पूर्व गूगल रिक्रूट्टर ने कहा कभी न करें 4 बड़ी गलतियां, Career Hindi News


Resume Tips: गूगल की पूर्व रिक्रूट्टर फराह शार्गी के अनुसार, छात्र अक्सर अपने रिज्यूमे को सिर्फ अपने नजरिए से लिखते हैं। उनके बताए 4 सुधारों को अपनाकर आप जॉब इंटरव्यू रिजेक्शन से बच सकते हैं।

Resume Tips: कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद हर छात्र का सबसे बड़ा सपना होता है—एक बेहतरीन कंपनी में अच्छी नौकरी पाना। इस सपने को पूरा करने के लिए सबसे पहला कदम होता है एक अच्छा रिज्यूमे (Resume) या सीवी (CV) तैयार करना। कई बार छात्र ढेरों डिग्रियां और योग्यता होने के बावजूद यह शिकायत करते हैं कि उन्हें कंपनियों से इंटरव्यू के लिए कॉल नहीं आ रहे हैं।

आज के समय में आपका रेज्यूमे ही वह इकलौता जरिया होता है जो किसी कंपनी के हायरिंग मैनेजर को आपको इंटरव्यू के लिए बुलाने पर मजबूर करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी गलती आपके पूरे करियर पर पानी फेर सकती है? गूगल (Google), टिकटॉक और उबर जैसी दिग्गज कंपनियों में बतौर टेक्निकल रिक्रूट्टर काम कर चुकीं फराह शार्गी ने छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को रिज्यूमे के उन 4 बड़े ‘रेड फ्लैग्स’ गलतियों के बारे में सचेत किया है, जिन्हें देखते ही रिक्रूट्टर सीवी पढ़ना बंद कर देते हैं।

फराह शार्गी द्वारा बताए गए 4 बड़े ‘रेड फ्लैग’ और उनके आसान उपाय:

1. कॉन्टेक्स्ट (Context) न बताना

गलती: छात्र अक्सर रिज्यूमे में सीधे लिख देते हैं—”स्ट्रेटिजिक प्लानिंग के लिए फाइनेंसियल एनालिसिस किया।” अब बाहर का कोई भी रिक्रूट्टर यह नहीं जानता कि आपकी पुरानी कंपनी क्या करती थी या वह प्रोजेक्ट किस बारे में था। उसके लिए यह लाइन बिना सिर-पैर की बात जैसी है।

आसान उपाय: अपने काम को बताने से पहले एक छोटी सी लाइन में यह समझाएं कि वह प्रोजेक्ट या कंपनी क्या थी और आपका उसमें क्या रोल था। इसे इतने सरल शब्दों में लिखें जैसे आप अपनी दादी या नानी को समझा रहे हों कि आप क्या काम करते हैं।

2. बिना मतलब के आंकड़े (Numbers) लिखना

गलती: रिज्यूमे में नंबर्स (जैसे 50%, 630,000 रुपये) लिखना बहुत अच्छा माना जाता है, लेकिन बिना पूरी बात बताए ये नंबर बेकार हैं। उदाहरण के लिए, सिर्फ “Q2 में 630,000 रुपये” लिख देने से रिक्रूट्टर को यह समझ नहीं आएगा कि यह कंपनी का मुनाफा था, कुल बिक्री थी या फिर नुकसान।

आसान उपाय: नंबरों के साथ हमेशा पूरी बात लिखें। यह साफ-साफ बताएं कि वह नंबर किस चीज का है, उसे कैसे नापा गया और आपके उस नंबर काम से कंपनी को क्या फायदा हुआ।

3. भारी-भरकम शब्द और शॉर्ट फॉर्म्स का इस्तेमाल

गलती: कई बार छात्र अपने कॉलेज प्रोजेक्ट या पिछली इंटर्नशिप के दौरान इस्तेमाल होने वाले खास कोडिंग टूल्स, प्रोजेक्ट के गुप्त नाम या ऐसे शॉर्ट फॉर्म्स (जैसे XYZ, ABC प्रोजेक्ट) रिज्यूमे में भर देते हैं जो सिर्फ उसी कॉलेज या कंपनी के लोग जानते हैं। बाहरी रिक्रूट्टर के लिए ये शब्द किसी काम के नहीं होते और उसका सिरदर्द बढ़ा देते हैं।

आसान उपाय: अपने रिज्यूमे को एक बार फिर से पढ़ें और हर उस शब्द या शॉर्ट फॉर्म को हटा दें जिसे समझने के लिए किसी विशेष जानकारी की जरूरत हो। उसकी जगह बिल्कुल सीधी, सरल और आम भाषा का इस्तेमाल करें।

4. बिना प्रूफ वाली खुद की बड़ी-बड़ी तारीफें लिखना

गलती: रिज्यूमे में अपने लिए “हार्ड वर्किंग (मेहनती)”, “टीम प्लेयर (सबके साथ काम करने वाला)”, या “एक्सीलेंट कम्युनिकेशन (शानदार बातचीत की कला)” जैसे बड़े-बड़े शब्द लिखना सबसे पुरानी और बेकार कला है। रिक्रूट्टर इन बातों को नहीं मानते क्योंकि इनका कोई प्रूफ नहीं होता।

आसान उपाय: फराह कहती हैं कि अगर आप अपनी किसी खूबी को उदाहरण देकर साबित नहीं कर सकते, तो उसे रेज्यूमे से तुरंत हटा दें। उदाहरण के लिए, “एक्सीलेंट कम्युनिकेशन” लिखने के बजाय यह लिखें—”कॉलेज फेस्ट के दौरान 4 साल तक अंग्रेजी और हिंदी में कस्टमर की समस्याओं को सुलझाया।” यह लाइन बिना कहे साबित कर देगी कि आप बातचीत में बेहतर है।



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